
Noida News : वर्ष 2024 तक भारत के 10 करोड़ ग्रामीण घरों को हस्तशिल्प तथा हस्तनिर्मित उत्पादों के क्षेत्र में जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। इस दिशा में ग्रामीण विकास मंत्रालय तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
यह बात केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कही। वह आज सेक्टर 33 स्थित शिल्प हाट में सरस आजीविका मेला 2023 का विधिवत उद्घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 2014 से पहले सरकारी ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सिर्फ कार्यक्रम करके औपचारिकताएं पूरी करते थे, लेकिन केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद अब एक संकल्प लेकर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के इस संकल्प को पूरा करने में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पूरी ताकत झोंक दी है।
आपको बता दें कि शिल्पहॉट में 17 फरवरी से शुरू हुआ सरस आजीविका मेला 5 मार्च तक चलेगा। यहां पर देश के विभिन्न राज्यों से कई महिलाओं के उद्योग समूह अपने स्टाल लगाकर लगाकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में मनोरंजन के अलावा विभिन्न प्रकार के खाद्य व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते तथा ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थी। इसके अलावा ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह, अपर सचिव चरणजीत सिंह तथा अवर सचिव विनोद कुमार भी मौजूद थे।