नोएडा । सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट (Supertech Emrald Court)के ट्विन टॉवर मामले में अग्निशमन विभाग के 6 अफसरों पर गाज गिरना तय है। इन अधिकारियों की तैनाती उस दौरान रही जब इन टावरों का निर्माण हुआ।
शासन से निर्गत निर्देशानुसार फायर सर्विस के डीजी को 10 जुलाई 2004 से 31 जुलाई 2015 तक मेरठ और गौतमबुद्ध नगर के 6 अग्निशमन अधिकारियों के पद पर रहे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने इन 6 अधिकारियों पर कार्रवाई कर और उसकी रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा है। हालांकि इस बात का प्रमाण सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए आदेश में भी साफ मिलता है।
इस मामले में डीजी मुख्यालय ने जांच प्रारंभ कर दी है। अग्निशमन के 12 साल की अवधि के दौरान रहे अधिकारियों की भूमिका की जांच करके उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच शुरू होने के बाद बात से विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी टिप्पणी करने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इस मामले में डीजे मुख्यालय से जांच चल रही है और वहीं से ही रिपोर्ट को तैयार करके शासन को भेजा जाना है।
नोएडा सेक्टर-93ए में स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड प्रोजेक्ट के ट्विन टावर को गिराने के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक इस ट्विन टावर को गिराया नहीं गया है। इन दोनों टावरों में 950 से अधिक फ्लैट बनाए गए थे। हाईकोर्ट ने टावर को गिराने का पहला आदेश 2014 में दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को ट्विन टावर को गिराने के आदेश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक एमराल्ड के ट्विन टावर को 30 नवंबर 2021 तक गिराने के आदेश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद एसआईटी को जांच करने का आदेश दिया था। इस मामले में एसआईटी ने 30 लोगों को दोषी माना था जिसमें 26 लोग नोएडा प्राधिकरण से संबंधित है इसमें आईएएस रैंक के अधिकारी भी शामिल है जिनके खिलाफ लखनऊ विजिलेंस में मुकदमा नोएडा प्राधिकरण ने दर्ज कराया है। इस मामले में अब तक प्राधिकरण के नियोजन विभाग के तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि आरपी सिंह त्यागी (मेरठ) 10 जुलाई , 2004 से 31 मई 2005, अरूण चतुर्वेदी (मेरठ ), 16 जून 2005 से 17 जनवरी 2007, आईएस सोनी (मेरठ), 17 जनवरी 2007 से 7 अप्रैल 2012, महावीर सिंह (नोएडा), 26 फरवरी 2009 से 3 अप्रैल 2012, अमन शर्मा (नोएडा), 4 अप्रैल 2012 से 15 दिसंबर 2012 , मुनेन्द्र कुमार त्यागी (नोएडा), 16 दिसंबर 2012 से 31 जुलाई 2015 के खिलाफ जांच चल रही है तथा जांच रिपोर्ट शासन ने तलब की है।