नोएडा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एक बड़ी सड़क परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। शहर के यमुना पुस्ते के किनारे प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे का विस्तृत सर्वे अब करीब 15 दिनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।

Noida News : नोएडा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एक बड़ी सड़क परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। शहर के यमुना पुस्ते के किनारे प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे का विस्तृत सर्वे अब करीब 15 दिनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना नोएडा को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर की दिशा में आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली से नोएडा होकर ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को एक तेज और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। अभी इस पूरे रूट पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट की गतिविधियां बढ़ने के साथ यह दबाव और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नोएडा के लिए यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक नई सड़क नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जा रहा अहम इंफ्रास्ट्रक्चर माना जा रहा है।
नोएडा और उसके आसपास का इलाका तेजी से विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। खासतौर पर जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे की ओर वाहनों की संख्या में बड़ा इजाफा होने का अनुमान है। इसी चुनौती को देखते हुए करीब एक साल पहले यमुना पुस्ते के साथ एक नए एक्सप्रेसवे की योजना पर काम शुरू करने का फैसला लिया गया था। इस परियोजना की जिम्मेदारी यूपीडा को सौंपी गई थी, ताकि इसे क्षेत्रीय ट्रैफिक जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जा सके। करीब डेढ़ महीने पहले यूपीडा की सलाहकार एजेंसी ने नोएडा में प्रस्तावित रूट का मौके पर निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद एजेंसी ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सौंप दी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि पूरे मार्ग की स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए कुछ हिस्सों में सड़क समतल बनाई जा सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर एलिवेटेड ढांचा ज्यादा उपयुक्त रहेगा। यानी नोएडा में बनने वाला यह एक्सप्रेसवे जरूरत और भू-स्थितियों के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा।
इसी सप्ताह नोएडा प्राधिकरण और यूपीडा के अधिकारियों के बीच इस परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने साफ कहा कि एक्सप्रेसवे को 10 लेन या उससे अधिक क्षमता वाला बनाया जाना चाहिए, ताकि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक की जरूरतों को आराम से संभाला जा सके। अब सलाहकार एजेंसी को विस्तृत सर्वे के लिए दो सप्ताह के भीतर फिर से बुलाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि सर्वे के बाद इस परियोजना का स्वरूप और ज्यादा स्पष्ट हो जाएगा।
नोएडा में चल रही दूसरी सड़क परियोजनाओं को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है। फिल्म सिटी और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम को कम करने के लिए चिल्ला एलिवेटेड रोड का निर्माण पहले से जारी है। यह रोड दिल्ली के चिल्ला रेगुलेटर से शुरू होकर नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के पास तक पहुंचेगी। आगे योजना यह है कि यहां से एक और एलिवेटेड लिंक बनाकर सेक्टर-94 के पास यमुना पुस्ते पर बनने वाले नए एक्सप्रेसवे से इसे जोड़ा जाए। इससे नोएडा की कनेक्टिविटी और ज्यादा मजबूत होगी।
नोएडा शहर में यमुना पुस्ता सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-150 तक फैला हुआ है। इसी रूट को आधार बनाकर अब डीएनडी से सेक्टर-150 तक विस्तृत सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। सेक्टर-150 के पास इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इस तरह नोएडा को एक ऐसा नया मार्ग मिल सकता है जो दिल्ली से निकलने वाले ट्रैफिक को बिना शहर के अंदर ज्यादा दबाव डाले सीधे आगे बढ़ने में मदद करेगा।
फिलहाल यमुना पुस्ते की मौजूदा सड़क कई जगहों पर खराब हालत में है। रास्ते में टूट-फूट और गड्ढों की वजह से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग की देखरेख भले ही सिंचाई विभाग के पास हो, लेकिन इसके रखरखाव पर होने वाला खर्च नोएडा प्राधिकरण उठाता है। अधिकारियों के अनुसार, पुस्ता मार्ग की मरम्मत के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही सुधार कार्य शुरू होगा। सड़क दुरुस्त होने से नोएडा के भीतर वैकल्पिक आवाजाही आसान होगी और मुख्य एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव भी कुछ हद तक कम किया जा सकेगा। Noida News