DND जा रहे है! ये अलर्ट पढ़ लें, वरना टाइम और मूड दोनों होगा खराब
इस दौरान नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को धीमी रफ्तार और संभावित जाम का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जो लोग सुबह की फ्लाइट पकड़ने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट जा रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

Noida News : नोएडा–दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। DND फ्लाईवे पर चल रहे रिसर्फेसिंग (सड़क की नई परत बिछाने) के काम के चलते नोएडा से दिल्ली जाने वाली दिशा में रात के समय ट्रैफिक प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। अगर आप इस रूट से रोज अप-डाउन करते हैं, तो टाइमिंग और डायवर्जन पहले से नोट कर लें, नहीं तो देर और जाम आपकी परेशानी बढ़ा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार 18 मार्च 2026 तक रात 11 बजे से सुबह 6 बजे के बीच नोएडा से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। यह व्यवस्था दूसरे चरण के रिसर्फेसिंग कार्य के चलते की गई है। इस दौरान नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को धीमी रफ्तार और संभावित जाम का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जो लोग सुबह की फ्लाइट पकड़ने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट जा रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
ये डायवर्जन फॉलो करें
प्रतिबंध के दौरान ट्रैफिक का रुख चिल्ला बॉर्डर की ओर मोड़ा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, नोएडा एक्सप्रेसवे से महामाया फ्लाईओवर की तरफ से आने वाले वे वाहन जो आमतौर पर DND लेते हैं, उन्हें सीधे दलित प्रेरणा स्थल की ओर डायवर्ट किया जाएगा और वहीं से चिल्ला बॉर्डर के जरिए दिल्ली में एंट्री मिलेगी। वहीं सेक्टर-16 और रजनीगंधा चौक की तरफ से DND की ओर बढ़ने वाले वाहनों को यू-टर्न लेकर चिल्ला बॉर्डर वाले वैकल्पिक रास्ते पर जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे रूट पहले से तय करें, लाइव ट्रैफिक अपडेट देखकर निकलें और खासकर पीक आवर्स में अतिरिक्त समय साथ लेकर चलें, ताकि सफर में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
DND पर पाबंदी क्यों?
DND फ्लाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (NTBCL) के अनुसार, यह काम सड़क के अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस के तहत चल रहा है। परियोजना की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर में हुई थी, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंध और सर्दियों में तापमान कम होने की वजह से काम की रफ्तार प्रभावित हुई। कंपनी का कहना है कि बिटुमिनस सड़क निर्माण के लिए अनुकूल तापमान और सामग्री की नियमित उपलब्धता जरूरी होती है। अब तक करीब 70% काम पूरा हो चुका है और बाकी काम मार्च तक निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रोजेक्ट कितना बड़ा है?
यह DND पर दूसरी बड़ी मरम्मत परियोजना बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 6 करोड़ रुपये है। इससे पहले 2023 में G-20 से पहले पहले चरण का काम करीब 5 करोड़ की लागत से किया गया था। गौरतलब है कि 9.2 किलोमीटर लंबा, 8 लेन वाला DND कॉरिडोर नोएडा को दिल्ली के महारानी बाग इलाके से जोड़ता है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसे इस्तेमाल करते हैं। Noida News
Noida News : नोएडा–दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। DND फ्लाईवे पर चल रहे रिसर्फेसिंग (सड़क की नई परत बिछाने) के काम के चलते नोएडा से दिल्ली जाने वाली दिशा में रात के समय ट्रैफिक प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। अगर आप इस रूट से रोज अप-डाउन करते हैं, तो टाइमिंग और डायवर्जन पहले से नोट कर लें, नहीं तो देर और जाम आपकी परेशानी बढ़ा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार 18 मार्च 2026 तक रात 11 बजे से सुबह 6 बजे के बीच नोएडा से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। यह व्यवस्था दूसरे चरण के रिसर्फेसिंग कार्य के चलते की गई है। इस दौरान नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को धीमी रफ्तार और संभावित जाम का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जो लोग सुबह की फ्लाइट पकड़ने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट जा रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
ये डायवर्जन फॉलो करें
प्रतिबंध के दौरान ट्रैफिक का रुख चिल्ला बॉर्डर की ओर मोड़ा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, नोएडा एक्सप्रेसवे से महामाया फ्लाईओवर की तरफ से आने वाले वे वाहन जो आमतौर पर DND लेते हैं, उन्हें सीधे दलित प्रेरणा स्थल की ओर डायवर्ट किया जाएगा और वहीं से चिल्ला बॉर्डर के जरिए दिल्ली में एंट्री मिलेगी। वहीं सेक्टर-16 और रजनीगंधा चौक की तरफ से DND की ओर बढ़ने वाले वाहनों को यू-टर्न लेकर चिल्ला बॉर्डर वाले वैकल्पिक रास्ते पर जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे रूट पहले से तय करें, लाइव ट्रैफिक अपडेट देखकर निकलें और खासकर पीक आवर्स में अतिरिक्त समय साथ लेकर चलें, ताकि सफर में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
DND पर पाबंदी क्यों?
DND फ्लाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (NTBCL) के अनुसार, यह काम सड़क के अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस के तहत चल रहा है। परियोजना की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर में हुई थी, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रतिबंध और सर्दियों में तापमान कम होने की वजह से काम की रफ्तार प्रभावित हुई। कंपनी का कहना है कि बिटुमिनस सड़क निर्माण के लिए अनुकूल तापमान और सामग्री की नियमित उपलब्धता जरूरी होती है। अब तक करीब 70% काम पूरा हो चुका है और बाकी काम मार्च तक निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रोजेक्ट कितना बड़ा है?
यह DND पर दूसरी बड़ी मरम्मत परियोजना बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 6 करोड़ रुपये है। इससे पहले 2023 में G-20 से पहले पहले चरण का काम करीब 5 करोड़ की लागत से किया गया था। गौरतलब है कि 9.2 किलोमीटर लंबा, 8 लेन वाला DND कॉरिडोर नोएडा को दिल्ली के महारानी बाग इलाके से जोड़ता है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसे इस्तेमाल करते हैं। Noida News














