Noida: नोएडा के ट्विन टॉवर पर ट्रायल ब्लास्ट आज, लोगोंं को घर से बाहर निकलने की नहीं है इजाजत
नोएडा ट्विन टॉवर ट्रायल ब्लास्ट आज
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 03:37 AM
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 03:37 AM
Noida- नोएडा के सेक्टर-93A के सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट में स्थित ट्विन टॉवर पर आज दोपहर 2:30 बजे के करीब टेस्ट ब्लास्ट किया जाएगा। गौरतलब है कि 22 मई 2022 को ट्विन टावर पर मुख्य ब्लास्ट होना है। 22 मई को होने वाले मुख्य ब्लास्ट में विस्फोटकों की कितनी मात्रा लगेगी इस बात का पता लगाने के लिए ही आज यानी 10 अप्रैल रविवार को ट्विन टॉवर पर टेस्ट ब्लास्ट (Trial blast on Twin Tower) किया जा रहा है। यह टेस्ट ब्लास्ट जेट डिमोलिशन कंपनी के एमडी जोसफ ब्रिंकमान की निगरानी में किया जाएगा। टेस्ट ब्लास्ट के लिए जोसेफ नोएडा (Noida) पहुंच चुके हैं।
ट्रायल ब्लास्ट को लेकर की गई हैं ये तैयारियां-
नोएडा के ट्विन टॉवर पर होने वाले ट्रायल ब्लास्ट को लेकर सुरक्षा की कड़ी तैयारियां की गई हैं। आज दोपहर 2:30 बजे होने वाले ट्रायल ब्लास्ट के दौरान हर तरह की सावधानी का विशेष ध्यान रखा जाएगा इसके लिए पुलिस और सेना की भी मदद ली गई है ब्लास्ट के दौरान लोगों को घर में ही रहने की हिदायत दी गई है। दोपहर 2:15 बजे से लेकर 2:45 बजे तक लोगों को बालकनी में भी आने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि लोग घर से बाहर ना निकले। लोगों को दी गई सलाह का भली-भांति पालन हो इसके लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
ट्विन टॉवर पर ब्लास्ट के लिए अपनाई जाएगी यह तकनीक -
डिमोलिशन कंपनी जो कि पहले भी देश के कई टॉवर को गिराने का काम कर चुकी है, इसी कंपनी के एमडी जोसफ ब्रिंकमान की निगरानी में ट्विन टॉवर पर ट्रायल ब्लास्ट किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक ट्विन टॉवर को गिराने के लिए वाटरफॉल तरीके को अपनाया जाएगा। इस तरीके को अपनाने के लिए टॉवर में कई जगह पर जैसे बीम, कॉलम और दीवारों में छेद किये गए हैं। जैसे कि इसके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है। वाटरफॉल तरीके को अपनाने की वजह से जो मलबा होगा वो एक झरने की तरह ही नीचे आ जाएगा।
ट्विन टॉवर में टॉवर एपेक्स और टॉवर सियान शामिल हैं। इनको गिराने के लिए जो पहला धमाका किया जाएगा वो सियान टॉवर पर किया जाएगा। मात्र 4 सेकंड में सियान टॉवर गिरा दिया जाएगा। फिर तीन सेकंड तक कुछ नहीं किया जाएगा और खाली वक़्त दिया जाएगा। इसके बाद आठवें सेकंड में एपेक्स टॉवर को गिरा दिया जाएगा। इन दोनों ही टॉवर को 200 मीटर दूर खड़े होकर गिराया जाएगा। इस ब्लास्ट के लिए करीब 4 हज़ार किलो बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नोएडा स्थित ट्विन टावर (Twin Tower, Noida) को सुपरटेक की एमराल्ड योजना के तहत बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्माण को अवैध घोषित कर दिया है। यही वजह है कि इस टावर को अब गिराया जा रहा है।