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नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों और उनसे जुड़े संगठनों के 11 बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस और व उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) यह पता लगाने में जुटी हैं कि हिंसा के पीछे फंडिंग का स्रोत क्या था।

Noida News : नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों और उनसे जुड़े संगठनों के 11 बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस और व उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) यह पता लगाने में जुटी हैं कि हिंसा के पीछे फंडिंग का स्रोत क्या था। Noida News
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, इस मामले के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। विवेचक ने अदालत में 5 से 7 दिन की रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। Noida News
पुलिस और एसटीएफ की टीमें तीन राज्यों में दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। खासतौर पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो नकाब पहनकर हिंसा और आगजनी में शामिल हुए थे। जांच में सामने आया है कि हिंसा से पहले 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। इन ग्रुप्स के जरिए लोगों को जोड़ने और भड़काने का काम किया गया। Noida News
कई ग्रुप का सत्यापन हो चुका है, कुछ ग्रुप में पेट्रोल बम और हिंसा से जुड़ी बातें शेयर की गईं। पुलिस अब इन ग्रुप्स के एडमिन की पहचान कर रही है। आरोपियों के पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनकी जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि हिंसा की साजिश कैसे रची गई और कौन-कौन इसमें शामिल था। Noida News
मुख्य आरोपी आदित्य आनंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह श्रमिकों से हिंसा न करने की अपील करता नजर आ रहा है। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है कि इसका वास्तविक संदर्भ क्या है। फिलहाल नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। कामकाज फिर से शुरू हो गया है, श्रमिक वापस काम पर लौट रहे हैं और एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है। Noida News
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