विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा के औद्योगिक इलाकों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन सोमवार को अचानक हिंसक रूप ले बैठा। देखते ही देखते नोएडा के कई सेक्टरों में प्रदर्शन उग्र हो गया और हालात ऐसे बने कि सड़क से लेकर फैक्ट्री परिसर तक अराजकता फैल गई।

Noida News : नोएडा के औद्योगिक इलाकों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन सोमवार को अचानक हिंसक रूप ले बैठा। देखते ही देखते नोएडा के कई सेक्टरों में प्रदर्शन उग्र हो गया और हालात ऐसे बने कि सड़क से लेकर फैक्ट्री परिसर तक अराजकता फैल गई। पूरे घटनाक्रम के बाद नोएडा पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही अब पुलिस उन डिजिटल कड़ियों को भी खंगाल रही है, जिनके जरिए भीड़ को संगठित या भड़काया गया हो सकता है। इसी सिलसिले में कई WhatsApp ग्रुप्स की जांच शुरू कर दी गई है। Noida News
बताया जा रहा है कि नोएडा में श्रमिकों की नाराजगी पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही थी, लेकिन शनिवार को इकोटेक-3 इलाके में हुए एक प्रदर्शन के दौरान एक महिला कर्मी के घायल होने के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। इसी घटना के बाद अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक तेजी से लामबंद होने लगे। सोमवार सुबह जब बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, तब नोएडा में हालात तेजी से नियंत्रण से बाहर जाते दिखे। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि आंदोलन की पृष्ठभूमि पहले से तैयार थी, लेकिन जिस तरह यह विरोध नोएडा में कई जगहों पर एक साथ फूटा, उसने सुरक्षा और खुफिया तंत्र दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। Noida News
सोमवार को सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई हलचल शाम तक अलग-अलग रूप में जारी रही। इस दौरान नोएडा के कई हिस्सों में यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल वाहनों में सफर कर रहे बच्चे, फैक्ट्री शिफ्ट बदलने वाले कामगार और दिल्ली-गाजियाबाद आने-जाने वाले यात्री, सभी इस अव्यवस्था से प्रभावित हुए। कई लोगों के लिए नोएडा का सफर घंटों की परेशानी में बदल गया। सड़कों पर जाम, औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव और कई स्थानों पर पुलिस की घेराबंदी ने शहर की रफ्तार लगभग थाम दी। यही वजह है कि दिनभर नोएडा एक तरह से दबाव और दहशत के माहौल में घिरा रहा। Noida News
प्रदर्शन के उग्र होते ही नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। शुरुआती आकलन में दावा किया गया है कि इस हिंसक बवाल से उद्योग जगत को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक औद्योगिक इकाइयों, वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का दायरा काफी बड़ा है। नोएडा में कई जगह फैक्ट्री परिसरों को निशाना बनाया गया, वाहनों को आग के हवाले किया गया और सार्वजनिक संसाधनों पर भी हमला हुआ। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि मामला केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ घंटों के भीतर यह कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती में बदल गया। Noida News
उपद्रव के दौरान पुलिस बल को भी भारी दबाव का सामना करना पड़ा। कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल, पीएसी और आसपास के क्षेत्रों से भी फोर्स बुलानी पड़ी। नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देर शाम तक कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनात रही। पुलिस अब वीडियो फुटेज, फोटो, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने नोएडा में उपद्रव को बढ़ाने में भूमिका निभाई। शुरुआती हिरासतों के बाद और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। Noida News
नोएडा पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शन को उग्र बनाने के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था। इसी कड़ी में WhatsApp ग्रुप्स की जांच शुरू की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन ग्रुप्स के जरिए भीड़ को किसी खास समय, स्थान या रणनीति के तहत इकट्ठा किया गया था। अगर जांच में यह साबित होता है कि नोएडा के हिंसक घटनाक्रम के पीछे कोई संगठित डिजिटल समन्वय था, तो मामला और गंभीर हो सकता है। यही कारण है कि अब जांच केवल सड़क पर दिखे उपद्रवियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल नेटवर्क तक पहुंच रही है। Noida News
नोएडा के अलग-अलग औद्योगिक सेक्टरों में दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कई इकाइयों में घुसकर तोड़फोड़ की गई, कुछ स्थानों पर वाहन क्षतिग्रस्त किए गए और कई जगह आग लगाने की कोशिश भी हुई। कुछ इलाकों में पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई कंपनियों ने एहतियातन कामकाज रोक दिया। शाम तक नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में दहशत, बंद पड़े गेट और पुलिस की गश्त आम दृश्य बन गए थे। उद्योग जगत के लिए यह दिन लंबे समय तक याद रखा जाने वाला झटका साबित हुआ। Noida News
विज्ञापन