
Noida Weather Update : नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली NCR में रहने वाले लोगों के लिए एक राहतभरी खबर है। राहतभरी खबर यह है कि पिछले कई माह से भीषण गर्मी झेलने के बाद अब उन्हें राहत मिलने जा रही है। नोएडा और दिल्ली में अब मौसम कूल कूल रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मौसम का ताजा अपडेट जारी किया है। आईएमडी की ओर जारी अपडेट के अनुसार, नोएडा, दिल्ली और आसपास के इलाकों में अब तापमान में गिरावट आना शुरू हो जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
आपको बता दें कि नोएडा और दिल्ली में शनिवार को आई बारिश ने राजधानी का मौसम का मिजाज बदल दिया था, रविवार को धूप खिली रही। हालांकि रविवार की दोपहर नोएडा के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। इसकी वजह से धूप के बावजूद तापमान कम रहा। नमी अधिक रहने की वजह से लोगों को परेशानी हुई।
आपको बता दें कि सितंबर माह के दूसरे सप्ताह से मानसून वापस लौटना शुरू हो जाता है। जाते जाते मानसून मध्यम से अच्छी बारिश कराता है। यही वजह रही कि शनिवार को नोएडा और दिल्ली में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अब तेज बारिश की संभावना काफी कम हो गई है। अब एक सप्ताह में मॉनसून नोएडा और दिल्ली से विदा ले सकता है। इसके बाद धीरे धीरे तापमान कम होना शुरू हो जाएगा।
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रविवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री रहा। यह सामान्य है। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से एक डिग्री अधिक है। हवा में नमी का स्तर 56 से 98 प्रतिशत तक है। अब तापमान में इस हफ्ते एक से दो डिग्री का इजाफा हो सकता है। सितंबर के अंत तक अब मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। सोमवार को आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री तक रह सकता है। इसके बाद 26 से 30 सितंबर के बीच भी मौसम ड्राई रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री तक रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री तक रह सकता है। 29 सितंबर तक न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के स्तर पर पहुंच सकता है।
कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) इस बार एक अक्टूबर से ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर देगा। वहीं पूर्वानुमान के आधार पर इस बार भी प्रदूषण बढ़ने से तीन दिन पहले इसके पहले चरण को लागू किया जाएगा। ऐसे में पूर्वानुमान का सही होना ग्रैप के लिए काफी जरूरी है। पिछली बार कुछ मौकों पर सही पूर्वानुमान की कमी की वजह से ग्रैप के चरणों को लागू करने और उन्हें हटाने में सीएक्यूएम को परेशानी हुई थी। पूर्वानुमान की कमी का खामियाजा इस साल जनवरी में दिखाई दिया था।
इस साल ग्रैप-3 के चौथे चरण को चार जनवरी को हटा लिया गया, लेकिन इसके एक ही दिन बाद 5 जनवरी को इसे दोबारा लागू करने की नौबत आ गई थी। ग्रैप के चौथे चरण में काफी सख्त पाबंदियां रहती हैं। इसमें प्रदूषित ईंधन वाले ट्रकों पर रोक, बीएस-6 डीजल गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री पर रोक, निर्माण जैसी कई पाबंदियां रहती है। एक्सपर्ट के अनुसार ग्रैप एक अस्थाई व्यवस्था है। यह 2017 में पहली बार लागू की गई थी, लेकिन इतने साल बाद भी इसमें कई खामियां मिल रही हैं। दिल्ली से इतर एनसीआर में कई जगह लोगों को ग्रैप की जानकारी तक नहीं है। Noida Weather Update