नोएडा में गेस्ट टीचर पर स्ट्रीट डॉग का हमला, इलाज को लेकर बढ़ा विवाद

कुत्ते के काटने से घायल हुई महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद संस्थान की ओर से इलाज कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना फेस-3 पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा गेस्ट टीचर डॉग अटैक
नोएडा गेस्ट टीचर डॉग अटैक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 02:48 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-71 स्थित एक संस्थान में गेस्ट टीचर के तौर पर सेवाएं दे रहीं एक साइकोलॉजिस्ट पर स्ट्रीट डॉग के हमले का मामला सामने आया है। कुत्ते के काटने से घायल हुई महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद संस्थान की ओर से इलाज कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना फेस-3 पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेक्टर-71 के सेंटर में पहुंचते ही हुआ हमला

दिल्ली के यमुना विहार निवासी लवली शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पेशे से साइकोलॉजिस्ट हैं और पिछले करीब तीन महीने से नोएडा के सेक्टर-71 स्थित एक फाउंडेशन में गेस्ट टीचर के रूप में आ रही थीं। आरोप है कि 6 मार्च को सुबह करीब 11 बजे जब वह हमेशा की तरह सेंटर पहुंचीं, तभी वहां मौजूद एक स्ट्रीट डॉग ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस दौरान कुत्ते ने उनके हाथ पर काट लिया, जिससे वह घायल हो गईं। पीड़िता का कहना है कि घटना के तुरंत बाद सेंटर के स्टाफ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके इलाज का इंतजाम करा दिया जाएगा और खर्च भी वहन किया जाएगा। लवली शर्मा के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में सेंटर के इंचार्ज मयंक जैन से बात की, तो उन्होंने इलाज कराने से इनकार कर दिया। महिला ने आरोप लगाया है कि मयंक जैन ने न केवल जिम्मेदारी लेने से मना किया, बल्कि यह भी कहा कि कुत्ता उनका नहीं है और उन्हें जहां शिकायत करनी हो, वहां कर सकती हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इलाज के खर्च को लेकर भी कोई सहयोग नहीं किया गया।

नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

इस पूरे मामले को लेकर पीड़िता ने नोएडा के थाना फेस-3 में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में यह साफ होगा कि घटना के समय संस्थान परिसर की स्थिति क्या थी और घायल महिला को तत्काल मदद क्यों नहीं मिली। Noida News

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नोएडा में नशे के धंधे पर पुलिस का वार, गांजा सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस ने उसके कब्जे से 700 ग्राम गांजा बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा थाना फेस-2 क्षेत्र में पुलिस टीम रात के समय गश्त पर थी।

नोएडा में गांजा सप्लायर गिरफ्तार
नोएडा में गांजा सप्लायर गिरफ्तार
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 02:24 PM
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Noida News : नोएडा में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर गांजा बेचने के धंधे में लगा हुआ था। पुलिस ने उसके कब्जे से 700 ग्राम गांजा बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा थाना फेस-2 क्षेत्र में पुलिस टीम रात के समय गश्त पर थी। इसी दौरान दादरी मेन रोड के पास पार्क की सर्विस रोड पर एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। बताया गया कि जैसे ही उसकी नजर पुलिस टीम पर पड़ी, वह अचानक घबराया और पीछे मुड़कर जाने लगा। युवक की हरकत देखकर पुलिस को शक हुआ और उसे तत्काल रोक लिया गया।

तलाशी में मिला 700 ग्राम गांजा

जब पुलिस ने संदिग्ध युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान आकाश पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुलेसरा, नोएडा के रूप में बताई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह दिल्ली से गांजा लाकर नोएडा में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर नशे के आदी लोगों को बेचता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह काफी समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितना बड़ा है।

एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज

थाना फेस-2 प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। नोएडा पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। Noida News

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दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में शामिल होगा न्यू नोएडा, हर लिहाज से होगा खास

सरकारी स्तर पर तैयार योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी सोच के तहत इसे अबु धाबी जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है।

न्यू नोएडा को मिलेगी नई पहचान
न्यू नोएडा को मिलेगी नई पहचान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 10:10 AM
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Noida News : नोएडा के विस्तार की कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। उत्तर प्रदेश सरकार दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) को न्यू नोएडा के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केवल एक नए शहर के तौर पर नहीं, बल्कि ऐसे आधुनिक औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में नोएडा की विकास क्षमता को नई ऊंचाई दे सकता है। सरकारी स्तर पर तैयार योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी सोच के तहत इसे अबु धाबी जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है। मास्टर प्लान-2041 के तहत इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है, जिसमें उद्योग, आवास, परिवहन, जल प्रबंधन और हरित क्षेत्र को संतुलित रूप से शामिल किया गया है।

निवेश का नया केंद्र बनेगा न्यू नोएडा

तेजी से बढ़ती आबादी, उद्योगों की बढ़ती मांग और शहरी विस्तार के दबाव को देखते हुए नोएडा के समानांतर न्यू नोएडा को एक नए growth zone के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना है कि इस नए शहर में करीब 3000 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएं। इससे न सिर्फ बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्राधिकरण की सोच साफ है कि न्यू नोएडा सिर्फ जमीन का विस्तार नहीं होगा, बल्कि यह ऐसा नियोजित क्षेत्र होगा, जहां उद्योगों के लिए पर्याप्त जगह, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे नोएडा की औद्योगिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

6 लाख आबादी के हिसाब से तैयार होगा शहर

योजना के अनुसार, भविष्य में न्यू नोएडा की आबादी करीब 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी आबादी के रहने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए शहर के लिए रोजाना 300 एमएलडी पानी की आपूर्ति की तैयारी की गई है। बताया गया है कि इस पानी की व्यवस्था गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से की जाएगी। खास बात यह है that जल उपयोग को भी सेक्टरवार सोच के साथ बांटा गया है। प्रस्ताव के अनुसार 212 एमएलडी पानी उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि करीब 85 एमएलडी पानी घरेलू जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे साफ है कि न्यू नोएडा को शुरू से ही व्यवस्थित urban utility planning के साथ तैयार किया जा रहा है। तेज शहरीकरण के बीच पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। प्रस्तावित न्यू नोएडा में करीब 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलों और 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरों का विकास किया जाएगा। इन जल निकायों का मकसद केवल शहर को खूबसूरत बनाना नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बेहतर करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और वेटलैंड संरचना को सुरक्षित रखना भी है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। यानी न्यू नोएडा का मॉडल केवल industrial growth पर आधारित नहीं होगा, बल्कि उसे sustainable urban development की सोच के साथ आकार दिया जाएगा।

80 गांवों की जमीन पर खड़ा होगा न्यू नोएडा

इस नई शहरी परियोजना का विस्तार दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों तक होगा। प्रस्ताव के अनुसार लगभग 21 हजार हेक्टेयर भूमि पर न्यू नोएडा को विकसित किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लैंड पूलिंग नीति के तहत आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि विकास मॉडल में स्थानीय भागीदारी भी बनी रहे और भूमि प्रबंधन को अपेक्षाकृत संतुलित तरीके से अंजाम दिया जा सके। यह परियोजना बताती है कि नोएडा का अगला चरण अब पारंपरिक विस्तार से आगे निकलकर बड़े भूभाग पर एक पूरी तरह योजनाबद्ध शहर के रूप में सामने आ सकता है। न्यू नोएडा को केवल औद्योगिक क्षेत्र बनाकर नहीं छोड़ा जाएगा। यहां आवासीय ढांचे पर भी खास फोकस रखा गया है। योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणियों में आवास विकसित किए जाएंगे। साथ ही टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट भी बनाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोग इस नए शहर का हिस्सा बन सकें। आवासीय विकास के लिए करीब 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। इसका मतलब साफ है कि न्यू नोएडा को ऐसा संतुलित शहर बनाने की तैयारी है, जहां रोजगार और रिहाइश दोनों साथ-साथ विकसित हों।

न्यू नोएडा का लैंड यूज प्लान

मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित भूमि उपयोग भी यह संकेत देता है कि न्यू नोएडा को बहु-आयामी शहरी संरचना के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार—

  • औद्योगिक क्षेत्र : 8,811 हेक्टेयर
  • आवासीय क्षेत्र : 2,477 हेक्टेयर
  • ग्रीन पार्क व ओपन एरिया : 3,173.94 हेक्टेयर
  • ट्रैफिक व ट्रांसपोर्टेशन : 3,282.59 हेक्टेयर
  • इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र : 1,682.15 हेक्टेयर
  • कमर्शियल क्षेत्र : 905.97 हेक्टेयर
  • मनोरंजन क्षेत्र : 420.60 हेक्टेयर
  • यूटिलिटी क्षेत्र : 198.85 हेक्टेयर
  • वॉटर बॉडी : 150.65 हेक्टेयर

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि न्यू नोएडा को केवल औद्योगिक हब नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित, आधुनिक और संतुलित शहर के रूप में प्लान किया गया है।

नोएडा की विकास गाथा का अगला अध्याय बन सकता है न्यू नोएडा

प्राधिकरण का मानना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, पर्यावरणीय संतुलन, पर्याप्त जल संसाधन और नियोजित विकास के साथ न्यू नोएडा आने वाले समय में निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है। यह परियोजना नोएडा की मौजूदा पहचान को और मजबूत करते हुए क्षेत्र को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। कुल मिलाकर, न्यू नोएडा केवल एक नया शहर नहीं, बल्कि नोएडा के भविष्य का अगला बड़ा विजन बनकर उभर रहा है। यदि यह योजना तय ढांचे में जमीन पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में यह इलाका उद्योग, निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी जीवन का बड़ा केंद्र बन सकता है। Noida News

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