नोएडा निवासी वरिष्ठ नागरिक एवं जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन तथा नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखा है।

Noida News : रोजगार, नौकरी, प्रशिक्षण और व्यवसाय के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से हर साल बड़ी संख्या में युवा नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रुख करते हैं। औद्योगिक और रोजगार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो चुके इन दोनों शहरों में कामकाजी युवाओं के लिए किफायती और सुरक्षित आवास की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बड़ी संख्या में युवा निजी मकानों और पीजी में रहने को मजबूर हैं, लेकिन इन पीजी में सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी, भवन क्षमता, आपातकालीन निकास और किराये की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर नोएडा निवासी वरिष्ठ नागरिक एवं जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन तथा नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखा है। अजीत सिंह ने अपने पत्र में नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में सरकारी अथवा प्राधिकरण की भूमि पर सुरक्षित एवं किफायती वर्किंग बॉयज हॉस्टल विकसित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि जब तक पर्याप्त संख्या में ऐसे हॉस्टल उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान पीजी व्यवस्था को सख्त नियमों के तहत नियमित किया जाए। Noida News
अजीत सिंह का कहना है कि रोजगार की तलाश में युवा जब अपने घर-परिवार से दूर नोएडा या ग्रेटर नोएडा आते हैं तो उनके सामने सबसे पहली जरूरत सुरक्षित और किफायती आवास की होती है। निजी मकानों और पीजी का किराया कई बार इतना अधिक होता है कि युवा की आय का बड़ा हिस्सा केवल रहने पर खर्च हो जाता है। इसका सीधा असर उनके परिवार पर भी पड़ता है। दूसरे शहर से आए अनेक युवा अपने परिवार की आर्थिक मदद करने के उद्देश्य से नौकरी करते हैं, लेकिन महंगे आवास के कारण उनकी बचत और परिवार को भेजी जाने वाली राशि प्रभावित होती है। अजीत सिंह ने अपने पत्र में इस समस्या को केवल नोएडा की समस्या न मानते हुए इसे देश के औद्योगिक शहरों से जुड़ी पुरानी समस्या बताया है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा है कि रोजगार की तलाश में युवाओं का औद्योगिक शहरों की ओर पलायन कोई नई घटना नहीं है, लेकिन आजादी के सात दशक से अधिक समय बाद भी कामकाजी युवाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षित और किफायती हॉस्टल व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। Noida News
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कामकाजी युवाओं की आवासीय जरूरत पूरी करने में निजी पीजी व्यवस्था की बड़ी भूमिका है। लेकिन अजीत सिंह के अनुसार समस्या तब गंभीर हो जाती है, जब पीजी के रूप में संचालित भवनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता। उन्होंने अपने पत्र में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, भवन की क्षमता, कमरों का आकार, वेंटिलेशन, किराये की पारदर्शिता और पंजीकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि यदि किसी पीजी भवन में क्षमता से अधिक लोगों को रखा जा रहा है और वहां आग या अन्य आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी का इंतजाम नहीं है, तो यह वहां रहने वाले युवाओं के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। Noida News
अजीत सिंह ने अपने पत्र में दिल्ली-एनसीआर में पीजी, प्रशिक्षण केंद्रों और अनधिकृत भवनों में आग जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए नोएडा के मामूरा क्षेत्र की एक घटना का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार एक मकान में आग लगने के बाद वहां रह रहे युवाओं को पड़ोसियों की मदद से छतों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा। यह घटना इस बात की ओर संकेत करती है कि पीजी और किराये के आवासीय भवनों में केवल कमरा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की जान की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। Noida News
अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक महत्वपूर्ण मॉडल प्रस्तावित किया है। उनका सुझाव है कि नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास उपयुक्त स्थानों पर सरकारी अथवा प्राधिकरण की भूमि उपलब्ध कराकर कामकाजी युवाओं के लिए आधुनिक हॉस्टल विकसित किए जाएं। इन हॉस्टलों का संचालन Noida Young Working Men Association जैसी समाजसेवी संस्था अथवा अन्य पात्र गैर-लाभकारी संस्था के माध्यम से कराया जा सकता है। प्रस्ताव की खास बात यह है कि हॉस्टल की जमीन और भवन का मालिकाना हक सरकार अथवा संबंधित प्राधिकरण के पास ही रहे तथा संस्था को केवल निर्धारित नियमों के तहत संचालन की जिम्मेदारी दी जाए। Noida News
प्रस्ताव के अनुसार हॉस्टल की भूमि पर निर्मित भवन का स्वामित्व किसी व्यक्ति या संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जाना चाहिए। संचालन के लिए संस्था को निर्धारित नियम और शर्तों के साथ अधिकार दिया जाए। यदि संचालन संस्था नियमों का उल्लंघन करती है अथवा युवाओं की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता करती है तो सरकार अथवा संबंधित प्राधिकरण को उसका संचालन अधिकार समाप्त करने का अधिकार भी होना चाहिए। इस व्यवस्था से एक ओर सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा होगी तो दूसरी ओर हॉस्टल संचालन में जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। Noida News
अजीत सिंह ने सुझाव दिया है कि ऐसे हॉस्टलों में रहने वाले युवाओं के लिए अधिकतम निवास अवधि एक वर्ष निर्धारित की जा सकती है। इसका उद्देश्य यह होगा कि रोजगार की तलाश में नोएडा आने वाले अधिक से अधिक जरूरतमंद युवाओं को शुरुआती अवधि में सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध हो सके। हॉस्टल में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पर्याप्त वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है। Noida News
अजीत सिंह के प्रस्ताव का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा वर्तमान पीजी व्यवस्था को लेकर है। उनका कहना है कि सरकारी अथवा समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से पर्याप्त वर्किंग बॉयज हॉस्टल तैयार होने में समय लग सकता है। इसलिए तब तक मौजूदा पीजी व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीजी के लिए अनिवार्य पंजीकरण और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। प्रस्ताव के मुताबिक प्रत्येक पीजी का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए और बिना पंजीकरण चलने वाले पीजी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। Noida News
अजीत सिंह ने मांग की है कि प्रत्येक पीजी का नियमित फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन भवनों में आपातकालीन फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं है, वहां पीजी संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा सुरक्षित सीढ़ियां, आपातकालीन प्रकाश, अग्निशमन उपकरण, निकासी मार्ग और पर्याप्त वेंटिलेशन भी अनिवार्य किए जाने चाहिए। Noida News
पीजी में कितने लोग रह सकते हैं, इसकी स्पष्ट सीमा निर्धारित किए जाने का सुझाव भी पत्र में दिया गया है। भवन की निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को रखने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कमरों का न्यूनतम आकार और प्रत्येक कमरे में रहने वाले लोगों की अधिकतम संख्या भी निर्धारित करने का प्रस्ताव है। Noida News
पीजी व्यवस्था में किराये को लेकर होने वाली मनमानी रोकने के लिए अजीत सिंह ने किराये के उचित एवं पारदर्शी मानक निर्धारित करने की मांग की है। उनका सुझाव है कि पीजी संचालक प्रत्येक निवासी को किराये की विधिवत रसीद उपलब्ध कराएं। इससे किराये को लेकर विवाद कम होंगे और प्रशासन के पास पीजी व्यवस्था से संबंधित वास्तविक रिकॉर्ड भी उपलब्ध हो सकेगा। Noida News
सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक पीजी में रहने वाले व्यक्ति का नियमानुसार सत्यापन और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था किए जाने का सुझाव दिया गया है। इससे प्रशासन के पास यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि किस पीजी में कितने लोग रह रहे हैं और किसी आपात स्थिति में उनके बारे में तत्काल जानकारी हासिल की जा सकेगी। Noida News
अजीत सिंह ने सुझाव दिया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले पीजी को पहले नोटिस दिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सील करने की कार्रवाई भी की जाए। उनका कहना है कि नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर पीजी का निरीक्षण भी किया जाए। Noida News
अजीत सिंह ने अपने पत्र में दिल्ली में लंबे समय से युवाओं के लिए हॉस्टल और सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही YMCA और YWCA जैसी संस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा है कि नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में भी इसी प्रकार की युवा-केंद्रित आवास व्यवस्था विकसित की जा सकती है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था को धर्म और जाति से ऊपर उठकर पूरी तरह समाजहित एवं युवा कल्याण के उद्देश्य से संचालित किया जाना चाहिए। Noida News
अजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनके प्रस्ताव का उद्देश्य किसी निजी पीजी संचालक के खिलाफ जाना नहीं है। उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार की तलाश में अपने घर से दूर आए किसी भी युवा को सुरक्षित छत, सम्मानजनक वातावरण और उचित किराये पर रहने की सुविधा मिल सके। यह पहल निजी पीजी संचालकों के लिए भी स्पष्ट नियम और व्यवस्था उपलब्ध करा सकती है, जिससे अच्छे और नियमों का पालन करने वाले पीजी को बढ़ावा मिलेगा तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर कार्रवाई संभव होगी। Noida News
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन और नोएडा प्राधिकरण के CEO से मूल रूप से दो प्रमुख कदम उठाने का अनुरोध किया है। पहला, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों के निकट सुरक्षित वर्किंग बॉयज हॉस्टल के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की नीति बनाई जाए। दूसरा, जब तक पर्याप्त सरकारी अथवा संस्थागत हॉस्टल उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान पीजी व्यवस्था के लिए पंजीकरण, किराया, भवन क्षमता, फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और नियमित निरीक्षण से संबंधित सख्त नियम बनाए जाएं तथा उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। Noida News
नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज केवल औद्योगिक शहर नहीं रह गए हैं। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से नौकरी और रोजगार के लिए आने वाले युवाओं की बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और किफायती आवास की व्यवस्था रोजगार और उद्योग नीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। अजीत सिंह द्वारा उठाया गया यह मुद्दा यदि नीति के स्तर पर आगे बढ़ता है तो इससे न केवल नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रहने वाले हजारों कामकाजी युवाओं को लाभ मिल सकता है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य औद्योगिक शहरों के लिए भी सुरक्षित वर्किंग हॉस्टल का एक नया मॉडल तैयार हो सकता है। Noida News
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