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जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से सटा पूरा इलाका रियल एस्टेट के नए दौर में प्रवेश करता नजर आ रहा है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी मजबूत कनेक्टिविटी ने इस बेल्ट की अहमियत अचानक कई गुना बढ़ा दी है।

Noida News : जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से सटा पूरा इलाका रियल एस्टेट के नए दौर में प्रवेश करता नजर आ रहा है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी मजबूत कनेक्टिविटी ने इस बेल्ट की अहमियत अचानक कई गुना बढ़ा दी है। यही वजह है कि आवासीय परियोजनाओं की रफ्तार तेज हो गई है और आने वाले दो से तीन वर्षों में इस क्षेत्र में करीब 18 हजार फ्लैट तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल नोएडा और इसके आसपास के एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में करीब 22 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य चल रहा है। बिल्डरों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, जबकि खरीदार भी इस क्षेत्र को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य और मजबूत निवेश के रूप में देखने लगे हैं। माना जा रहा है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का असर आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र की हाउसिंग डिमांड को और ज्यादा मजबूती देगा।
निर्माणाधीन परियोजनाओं के अलावा नोएडा और यमुना प्राधिकरण आने वाले एक से डेढ़ साल में करीब 15 नई ग्रुप हाउसिंग योजनाएं बाजार में उतारने की तैयारी में हैं। प्राधिकरण एक्सप्रेसवे के आसपास नए भूखंडों की पहचान में जुटा है, ताकि आने वाले समय में और परियोजनाएं शुरू की जा सकें। हाल ही में ग्रुप हाउसिंग के तीन भूखंडों के लिए योजना लाई गई है, जिनकी ई-बोली प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। इसमें कई नामी डेवलपर्स ने रुचि दिखाई है। नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे जमीन की बढ़ती मांग से साफ है कि बड़े डेवलपर्स अब इस पूरे क्षेत्र को भविष्य के बड़े हाउसिंग और कमर्शियल ज़ोन के तौर पर देख रहे हैं। गौर संस, एटीएस, ऐस, टाटा, गोदरेज, अरिहंत, समृद्धि जैसे कई प्रमुख बिल्डर पहले से यहां सक्रिय हैं और नई परियोजनाओं को लेकर भी उनकी नजर बनी हुई है।
नोएडा की सबसे बड़ी ताकत उसकी तेजी से मजबूत होती कनेक्टिविटी है। फिलहाल सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो सेवा चालू है, जो एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर-137 समेत कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ती है। इसके आगे परी चौक तक कई स्टेशन इस रूट को मजबूत बनाते हैं। सेक्टर-137, 142, 143, 144, 145, 146, 147, 148, नॉलेज पार्क और परी चौक जैसे स्टेशन इस कॉरिडोर को आवागमन के लिहाज से बेहद अहम बनाते हैं। इसके साथ ही सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक नई मेट्रो लाइन को भी मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना के लिए अप्रैल में टेंडर जारी होने की तैयारी है। यह लाइन शुरू होने के बाद नोएडा एक्सप्रेसवे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और बड़ा सहारा देगी और रहने वालों के लिए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचना पहले से आसान हो जाएगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एक बड़ा बदलाव यह भी माना जा रहा है कि गाजियाबाद से ग्रेनो वेस्ट होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कनेक्टिविटी की तैयारी चल रही है। यदि यह योजना रफ्तार पकड़ती है, तो नोएडा से जेवर तक का सफर और अधिक सुगम हो जाएगा। इससे एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले लोगों को निजी वाहन के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन का भी मजबूत विकल्प मिलेगा।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे का यह इलाका पहले ही सड़क नेटवर्क के मामले में मजबूत माना जाता है। अब मेट्रो, नमो भारत और एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर जुड़ने से यहां आवासीय परियोजनाओं की मांग में बड़ा उछाल आने की संभावना है।
रियल एस्टेट बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद नोएडा क्षेत्र में निवेश का नया दौर शुरू हो सकता है। अब तक जो निवेशक गुरुग्राम की ओर रुख करते थे, वे भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट को गंभीरता से देखने लगे हैं। वजह साफ है बेहतर प्लानिंग, चौड़े एक्सप्रेसवे, विकसित सेक्टर, मजबूत कानून-व्यवस्था और तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास आईटी, आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कॉरपोरेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों की मौजूदगी बढ़ेगी। इसके चलते रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वाभाविक रूप से आवासीय जरूरत भी तेज होगी। यही कारण है कि नोएडा अब सिर्फ निवेश का शहर नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी शहरी बसाहट के रूप में देखा जाने लगा है।
क्रेडाई पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता का कहना है कि एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद नोएडा और जेवर क्षेत्र में रियल एस्टेट गतिविधियां और तेज होंगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग यहां आसानी से पहुंच सकेंगे और बड़े कॉरपोरेट दफ्तर खुलने पर आवासीय मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। क्रेडाई पश्चिमी यूपी के उपाध्यक्ष सुरेश गर्ग का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में नोएडा रियल एस्टेट के मामले में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उनके मुताबिक, बाहरी कंपनियों और निवेशकों की एंट्री से यहां आवाजाही बढ़ेगी और लोग बसने के लिए इस क्षेत्र को प्राथमिकता देंगे। वहीं एसके ग्रुप के चेयरमैन एसके शर्मा का कहना है कि नोएडा और यमुना क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर जिस रफ्तार से विकसित हो रहा है, वह आने वाले समय में इस बेल्ट को देश के सबसे आकर्षक रियल एस्टेट ज़ोन में बदल सकता है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का संयुक्त असर इस क्षेत्र को नई पहचान देगा। Noida News
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