बताया जा रहा है कि टीम आने वाले समय में सिविल, नियोजन विभाग और एनटीसी से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी तलब कर सकती है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रिकॉर्ड भी मंगाए जा सकते हैं।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले ने नोएडा में प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को जांच की कड़ी में सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय पहुंचा और प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम फाइलों को लेकर अधिकारियों से पूछताछ शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने दफ्तर पहुंचते ही संबंधित परियोजना की स्वीकृति, लेआउट, निर्माण/सिविल कार्य, नियोजन (प्लानिंग) और एनटीसी से जुड़े दस्तावेजों पर बिंदुवार जानकारी ली। बताया जा रहा है कि टीम आने वाले समय में सिविल, नियोजन विभाग और एनटीसी से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी तलब कर सकती है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रिकॉर्ड भी मंगाए जा सकते हैं।
एसआईटी टीम इससे पहले सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल का भी निरीक्षण कर चुकी है। अब नोएडा प्राधिकरण के भीतर मौजूद फाइलों, नोटिंग्स और विभागीय जिम्मेदारियों की जांच कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि कहां चूक हुई और किस स्तर पर लापरवाही हुई। इधर, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा को आंतरिक जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस जांच में नियोजन, एनटीसी और सिविल से जुड़े कई तकनीकी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
इस प्रकरण में शासन ने देर शाम नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. को पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया था। वहीं, लोकेश एम. ने इससे पहले मामले से जुड़े नोएडा ट्रैफिक सेल के एक जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई भी की थी। सूत्र बताते हैं कि शासन ने एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी कर पांच दिन के भीतर रिपोर्ट सौंप दी जाए। रिपोर्ट आने के बाद नोएडा प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरने की संभावना भी जताई जा रही है।
एसआईटी में मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक टीम नोएडा में जांच प्रक्रिया में जुटी हुई थी। Noida News