
नोएडा न्यूज। उत्तर प्रदेश के नोएडा में फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर सरकार से हजारों करोड़ रुपये का रिफंड घोटाले में अभी पुलिस पूरी तरह से जांच रिपोर्ट तैयार भी नहीं कर पाई है कि फर्जी फर्म खोलकर डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का एक और मामला सामने आ गया। अदालत के आदेश पर नोएडा के थाना सेक्टर 63 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के पानीपत की मैसर्स ईला होम फैशन कंपनी के अधिकारी देवेश गुप्ता ने नोएडा कोर्ट में आवेदन किया था उनकी कंपनी का पानीपत में प्लांट है। वर्ष 2006-07 में देवेश की मुलाकात नोएडा निवासी नीला माधव पांडा उर्फ नील से हुई। साक्षात्कार समेत अन्य औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे कंपनी में बिजनेस डेवलेपमेंट मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया।
नीला माधव ने कारोबार बढ़ाने के लिए नोएडा में एक कंपनी खोलने की सलाह देवेश गुप्ता को दी। परिचित होने के कारण शिकायतकर्ता ने नीला माधव की बात मानते हुए 2019 में सेक्टर-65 में कंपनी की एक यूनिट स्थापित कर दी गई। इस दौरान नीला माधव और गाजियाबाद के कुशल ने स्टाफ भी नियुक्त कर दिया।
शुरुआत में अच्छे तरीके से काम किया गया। बाद में आरोपियों ने बिलों का भुगतान करना बंद कर दिया, जिससे संबंधित कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके बाद कंपनी की ओर से आंतरिक जांच बिठाई गई, जिसमें सामने आया कि नीला माधव अपनी पत्नी अलका भारती को फर्जी तरीके से एक लाख रुपये वेतन जारी कर रहा था, जबकि वह मार्च 2022 से कंपनी में काम नहीं कर रही हैं। आरोप है कि कंपनी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। थाना सेक्टर 63 पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।