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नोएडा शहर रविवार को एक शानदार आयोजन का गवाह बना। नोएडा शहर के सेक्टर-19 में स्थापित शिव कुटीर में दुनिया के सबसे बड़े ग्रंथ के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जयंती का भव्य आयोजन किया गया। नोएडा में आयोजित तुलसी जयंती समारोह में नोएडा के कवि ने रामचरित मानस की बहुचर्चित चौपाई की शानदार व्यवस्था कर दी।

आपको बता दें कि रविवार को पूरी दुनिया के साथ ही नोएडा में भी तुलसी जयंती मनाई गई। नोएडा में स्थापित शिव कुटीर (सी-140) सेक्टर 19 में आयोजित तुलसी जयंती समारोह 2025 ने अध्यात्म और साहित्य का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया। कौटिल्य फाउंडेशन (रजि.) उत्तर प्रदेश समाज एवं साहित्य कला फाउंडेशन, नोएडा द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री शंभूनाथ श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर राजबहादुर रहे। साथ ही मंच पर श्री लल्लन प्रसाद, डॉ. अशोक मधुप एवं श्री विनीत तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात कवि प्रेम सागर ने गरिमामय ढंग से किया। इसी दौरान कवि विनीत सिंह ने तुलसीदास जी की प्रसिद्ध उक्ति — "ढोल, गंवार, शूद्र, पशु, नारी; सकल ताडऩ के अधिकारी।" की नई व्याख्या प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "ताडऩ" का अर्थ प्रताडि़त करना नहीं, बल्कि देखना/घूरना है, और इस दृष्टिकोण ने समाज में सकारात्मक सोच का संदेश पहुँचाया। काव्य पाठ में श्रीमती आभा चौधरी, कवि गोपाल गुप्ता एवं जीएसटी कमिश्नर डॉ. अरुण सागर सहित अनेक कविगणों ने अपनी भावनाओं से वातावरण को भावविभोर कर दिया।
नोएडा शहर में आयोजित तुलसी जयंती में विशेष आकर्षण रहा कवि विनय विक्रम सिंह का प्रभावशाली काव्य पाठ। अपने काव्य पाठ में उन्होंने पढ़ा कि- "आरक्षण साहित्य में बैठा पांव पसार, खंजरी-डफली मंच पर, नीचे पड़ा सितार।" इन पंक्तियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे चिंतन और आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में संस्था के अध्यक्ष श्री लल्लन प्रसाद जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण को मानवता से जोड़ते हुए अत्यंत सारगर्भित शब्दों में श्रोताओं को संदेश दिया कि यदि हम प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करेंगे तो आने वाली पीढिय़ाँ इसका खामियाजा भुगतेंगी। उनका यह प्रेरणादायक संबोधन समारोह का सबसे सशक्त समापन साबित हुआ। पूरा आयोजन तुलसी की वाणी को आधुनिक संदर्भ में जीवंत करने का सफल प्रयास रहा, जिसने उपस्थित प्रत्येक श्रोता के मन पर अमिट छाप छोड़ी। Noida Samachar