(चेतना मंच )नोएडा। प्रसिद्ध किसान नेता स्व0 बिहारी सिंह बागी के पुत्र यतेन्द्र कसाना ने कांग्रेस पार्टी को छोडक़र राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया है। श्री कसाना के इस फैसले के कई मायने लगाए जा रहे हैं।
सब जानते हैं कि गौतमबुद्धनगर जनपद ही नहीं अपितु पश्चिमी उप्र में स्व0 बिहारी सिंह बागी एक बड़े किसान नेता थे। उनके छोटे पुत्र यतेन्द्र कसाना लम्बे समय से कांग्रेस में सक्रिय थे। कांग्रेस ने उन्हें किसान कांग्रेस में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष भी बनाया था। श्री कसाना ने कल दिल्ली में रालोद मुखिया चौ0 जयंत सिंह की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया। राजनीतिक विश्लेषक उनके इस फैसले के कई मायने निकाल रहे हैं। विश्लेषकों का मत है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद लगाकर मजबूत हो रहा है। उधर प्रदेश भर का गुर्जर समाज अपनी नयी राजनीतिक जमीन तलाशने में लगा हुआ है। श्री कसाना अखिल भारतीय गुर्जर परिषद में उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष भी हैं। विश्लेषक श्री कसाना के चुनावी मैदान में उतरने की संभावना भी जमा रहे हैं।
रालोद में शामिल होने के बाद श्री कसाना ने कहा आज किसान केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है और रालोद ही एक ऐसी पार्टी है जो किसानों की समस्याओं को लेकर मुखर रहती है और उनके मुददों पर चुनाव लड़ती है। इसलिए उन्होंने रालोद के साथ जुडऩे का फैसला लिया।
श्री कसाना ने कहा कि रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने उन्हें पार्टी की नीतियों तथा विचारधारा को जन-जन तक खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।