नोएडा के रामा अस्पताल में भर्ती हुई पुष्पा देवी की मौत के बाद उनके बेटे ने जो सवाल उठाए, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। 14 अप्रैल को सामान्य बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंची पुष्पा देवी की हालत अगले ही दिन अचानक बिगड़ गई और 16 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।

Noida News : मां की मौत का दर्द शायद दुनिया के सबसे गहरे दुखों में से एक होता है। लेकिन जब किसी बेटे को यह विश्वास हो जाए कि उसकी मां की मौत सामान्य बीमारी से नहीं, बल्कि इलाज में हुई कथित लापरवाही से हुई है और महीनों तक उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती, तो उसका दर्द और भी गहरा हो जाता है। नोएडा के सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल से जुड़ा ऐसा ही एक मामला सामने आया है। छिजारसी निवासी मोहित शर्मा अपनी मां पुष्पा देवी की मौत के बाद पिछले कई महीनों से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सामान्य बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई उनकी मां का अस्पताल के द्वारा किए गए गलत इलाज के कारण मौत हो गई यानि अस्पताल वालों ने उनकी मां की हत्या कर दी है। Noida News
मोहित शर्मा के अनुसार उनकी मां पुष्पा देवी को 14 अप्रैल 2026 को सामान्य बुखार और उल्टी की शिकायत हुई थी। इसके बाद उन्हें नोएडा के सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मोहित का कहना है कि भर्ती के समय डॉक्टरों ने उनकी मां की हालत को सामान्य बताया था। परिवार को उस समय ऐसा कोई अंदेशा नहीं था कि अगले 48 घंटे के भीतर उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी।
अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार रामा अस्पताल का सेक्टर-61, नोएडा केंद्र E-2, बादल मार्ग पर स्थित है। Noida News
मोहित शर्मा का कहना है कि 15 अप्रैल 2026 को Contrast CECT जांच कराए जाने के बाद उनकी मां की हालत अचानक गंभीर हो गई। परिजनों के मुताबिक इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद 16 अप्रैल 2026 को पुष्पा देवी का निधन हो गया। एक दिन के अंतराल में मां को खो देने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर अस्पताल में ऐसा क्या हुआ जिससे सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भर्ती कराई गई महिला की हालत इतनी गंभीर हो गई? मोहित ने इसी सवाल का जवाब पाने और जिम्मेदारी तय कराने के लिए शिकायतों का सिलसिला शुरू किया। Noida News
मां की मौत के बाद मोहित शर्मा ने रामा अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मामले की शिकायत गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग से की। शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जांच समिति गठित की गई। मोहित का दावा है कि जांच के दौरान उपचार प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड और CECT जांच समेत मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं में खामियां सामने आईं। यही बिंदु इस पूरे मामले को गंभीर बनाता है, क्योंकि अब सवाल केवल परिवार के आरोपों तक सीमित नहीं है बल्कि शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी उपचार से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठे हैं। Noida News
न्याय की मांग को लेकर मोहित शर्मा ने उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक सहित शासन स्तर पर भी शिकायत की। मोहित के अनुसार उनकी शिकायत के बाद उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव सुरेंद्र कुमार ने मेरठ स्थित एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए थे। मोहित का कहना है कि निर्देशों के बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। उनका सवाल है कि जब एक परिवार अपनी मां को खो चुका है, शिकायतें शासन स्तर तक पहुंच चुकी हैं और जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, तो आखिर कार्रवाई के लिए उसे और कितना इंतजार करना होगा? Noida News
मोहित शर्मा के मुताबिक उन्होंने 11 जून 2026 को नोएडा के सेक्टर-58 थाने में शिकायत देकर रामा अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। उनका दावा है कि शिकायत के साथ स्वास्थ्य विभाग की जांच से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन मोहित का आरोप है कि पुलिस ने अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। पीड़ित बेटे का कहना है कि वह पुलिस से किसी पूर्व निर्धारित निष्कर्ष की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और यदि आरोप सही नहीं हैं तो जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए। Noida News
इस बीच न्याय के लिए दर-दर भटक रहे मोहित शर्मा ने सेक्टर-58 थाने में रामा अस्पताल के विरूद्ध हत्या की धाराओं में FIR दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। मोहित का आरोप है कि सेक्टर-58 थाने के कोतवाल ने उनकी तहरीर लेने से ही मना कर दिया था। उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के बाद मोहित शर्मा के द्वारा दी गई हत्या की तहरीर को सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने रिसीव किया था। मोहित का यह भी आरोप है कि रामा अस्पताल के मालिक बहुत बड़े धनपति, बाहुबली तथा रसूखदार व्यक्ति हैं। नोएडा का पूरा सेक्टर-58 थाना रामा अस्पताल के द्वारा खरीदा जा चुका है। यही कारण है कि सेक्टर-58 थाने की पुलिस उनकी FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है। Noida News
न्याय की उम्मीद नहीं छोड़ने वाले मोहित शर्मा ने एक बार फिर सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी है। नई शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि रामा अस्पताल में उनकी मां के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई। उन्होंने पुलिस से मामले में FIR दर्ज कर जांच करने और उनकी मां की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोहित शर्मा की पूरी लड़ाई अब केवल एक शिकायत या FIR तक सीमित नहीं रह गई है। उनके लिए यह उनकी मां की मौत का सच सामने लाने की लड़ाई बन चुकी है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक तथा प्रशासनिक अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने की बात कहते हैं। मोहित का कहना है कि उन्होंने हर उस दरवाजे पर दस्तक दी है जहां से उन्हें न्याय की उम्मीद थी। उनकी मांग है कि सबसे पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यदि इलाज में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की जाए। Noida News
अस्पताल में भर्ती होने वाला मरीज अपने जीवन और स्वास्थ्य को डॉक्टरों के भरोसे छोड़ता है। उसके परिजन यह उम्मीद करते हैं कि डॉक्टर पूरी सावधानी, विशेषज्ञता और जिम्मेदारी के साथ इलाज करेंगे। ऐसे में यदि इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत हो और परिजन चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाएं, तो उस शिकायत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पुष्पा देवी की मौत के इस मामले में भी यही सबसे बड़ा सवाल है—क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही हुई थी? क्या CECT जांच के बाद बिगड़ी हालत और मौत के बीच कोई चिकित्सकीय संबंध था? स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आई कथित कमियों की प्रकृति क्या थी? और पुलिस ने अब तक FIR क्यों नहीं दर्ज की? Noida News
मोहित शर्मा के लिए अप्रैल की वह तारीख कभी नहीं भूलने वाली है। अस्पताल में भर्ती कराई गई मां को खोने के बाद अब वह महीनों से सरकारी कार्यालयों और पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी लड़ाई का केंद्र एक ही सवाल है—उनकी मां पुष्पा देवी की मौत की असली वजह क्या थी? यदि इलाज में कोई गलती हुई थी तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि चिकित्सा लापरवाही का आरोप तथ्यहीन है तो जांच के माध्यम से यह भी स्पष्ट होना चाहिए। फिलहाल एक बेटा अपनी मां की मौत का जवाब मांग रहा है और उसकी नजर अब पुलिस की जांच तथा स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है। Noida News
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