नोएडा में वाहन चोरों का ठिकाना बेनकाब, झाड़ियों से निकलीं 14 बाइकें

पुलिस पूछताछ में दोनों ने नोएडा, दिल्ली और एनसीआर में लगातार वाहन चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया। इसके बाद नोएडा की ग्रीन बेल्ट में झाड़ियों के बीच छुपाकर रखी गई 14 चोरी की बाइक भी बरामद कर ली गईं।

नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 02:50 PM
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Noida News : नोएडा पुलिस ने वाहन चोरी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-58 थाना क्षेत्र से दो अंतर्राज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की एक बाइक मौके पर बरामद की, जबकि आरोपियों की निशानदेही पर नोएडा की ग्रीन बेल्ट में झाड़ियों के भीतर छुपाकर खड़ी की गई 14 अन्य चोरी की बाइक भी बरामद कर ली गईं। इस तरह कुल 15 बाइक रिकवर हुई हैं।

ग्रीन बेल्ट से 14 बाइक बरामद

नोएडा जोन के डीसीपी यमुना प्रसाद के मुताबिक, थाना सेक्टर-58 प्रभारी अमित तोमर और उनकी टीम एनआईवी चौकी क्षेत्र में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर आ रहे दो युवकों को रोककर दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कागजात नहीं दिखा सके। संदेह बढ़ने पर जब पूछताछ की गई तो दोनों ने कबूल किया कि जिस बाइक पर वे आए थे, वह चोरी की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनुराग और देवदत्त के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने नोएडा, दिल्ली और एनसीआर में लगातार वाहन चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया। इसके बाद नोएडा की ग्रीन बेल्ट में झाड़ियों के बीच छुपाकर रखी गई 14 चोरी की बाइक भी बरामद कर ली गईं।

नोएडा पुलिस की जांच तेज

पुलिस के अनुसार बरामद बाइकों में से कुछ बाइक नोएडा के थाना सेक्टर-113, सेक्टर-58 और सेक्टर-20 क्षेत्र से चोरी हुई थीं, जबकि दो बाइक दिल्ली से चोरी की गई बताई गई हैं। बाकी बाइकों के संबंध में चोरी की जगह और मालिकाना जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी ने बताया कि आरोपी अनुराग पर 20 और देवदत्त पर 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों शातिर चोर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में रेकी कर वाहनों को निशाना बनाते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के नेटवर्क, खरीदारों और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। Noida News

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गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) नमो रेल से जुड़ेगा

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया है और इसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है।

namo rail
जेवर एयरपोर्ट को जोड़ेगा नमो भारत ट्रेन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 01:28 PM
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ोएडा न्यूज : गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक हाई-स्पीड नमो भारत रेल चलाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। इस प्रस्तावित रेल कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहरों गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और ट्रैफिक-मुक्त परिवहन विकल्प मिल सके। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया है और इसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही इस रैपिड रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी।

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बड़ी खबर: नोएडा के 15 बिल्डरों पर जल्द हो सकती है EOW की कार्रवाई

नोएडा अथॉरिटी ने जिन प्रोजेक्ट्स और डेवलपर्स के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी, उनकी जांच की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्राधिकरण की ओर से मांगे गए सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज EOW को सौंप दिए गए हैं।

EOW की रडार पर नोएडा के 15 बिल्डर
EOW की रडार पर नोएडा के 15 बिल्डर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 11:16 AM
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Noida News : नोएडा के रियल एस्टेट गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज है। जेपी ग्रुप और सुपरटेक पर शिकंजा कसने के बाद अब EOW की निगाहें नोएडा के 15 अन्य बिल्डरों पर टिक गई हैं। नोएडा अथॉरिटी ने जिन प्रोजेक्ट्स और डेवलपर्स के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी, उनकी जांच की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्राधिकरण की ओर से मांगे गए सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज EOW को सौंप दिए गए हैं।

नोएडा में हजारों परिवारों की उम्मीदें अटकीं

नोएडा की इन 15 परियोजनाओं में प्राधिकरण के करीब 55 हजार करोड़ रुपये फंसे बताए जा रहे हैं। वहीं, शहर में 25 से 30 हजार खरीदार ऐसे हैं जिनका पैसा और सपनों का घर इन प्रोजेक्टों के साथ अटका है। कई मामलों में वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों के लिए नोएडा की हाउसिंग तस्वीर अब भी अधूरी ही बनी हुई है।

फंसी परियोजनाओं को दोबारा पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र की अमिताभ कांत पॉलिसी लागू की थी, ताकि नोएडा के जितने संभव हों उतने प्रोजेक्ट रिवाइव हो सकें। लेकिन प्राधिकरण का दावा है कि नीति लागू होने के बाद भी कुछ बिल्डरों ने प्रोजेक्ट रिवाइवल में गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते नोएडा अथॉरिटी ने EOW को रिपोर्ट भेजकर सख्त कदम की दिशा में प्रक्रिया शुरू की। इनमें से कुछ पर मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है, जबकि कुछ मामलों में जांच अब तक चल रही थी। जांच के केंद्र में एक बड़ा आरोप फंड डायवर्जन का है। यानी जिस परियोजना के लिए खरीदारों से पैसा लिया गया, वह राशि उसी प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरे प्रोजेक्ट या दूसरी कंपनी में लगा दी गई। नतीजा नोएडा के कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए और हजारों लोग आज भी अपने घर की चाबी का इंतजार कर रहे हैं।

नोएडा अथॉरिटी ने EOW को किन बिल्डरों के नाम भेजे

नोएडा अथॉरिटी की ओर से EOW को भेजी गई रिपोर्ट में जिन बिल्डरों/कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख रूप से—

  1. किंडले इंफ्राहाइट्स लिमिटेड
  2. असोटेक कॉन्ट्रैक्ट्स लिमिटेड
  3. IVI प्राइम
  4. अंतरिक्ष डेवलपर एंड प्रमोटर्स
  5. लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स
  6. टूडे होम्स नोएडा लिमिटेड
  7. GSS प्रोकॉन
  8. ग्रेनाइट/ग्रेनाअट गेट प्राइवेट लिमिटेड (जैसा रिकॉर्ड में दर्ज)

इसके अलावा रिपोर्ट में शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, सनसाइन इंफ्रावेल लिमिटेड, महागुन रियल एस्टेट लिमिटेड, TGB इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड समेत अन्य नामों की जानकारी भी भेजे जाने की बात कही गई है। Noida News

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