Noida News: ईडी की दिल्ली जोनल ऑफिस की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली में कंपनी से जुड़े आठ ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 782.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई शुक्रवार और शनिवार तक लगातार दो दिन चली।

घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डिवेलपर्स लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की दिल्ली जोनल ऑफिस की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली में कंपनी से जुड़े आठ ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 782.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई शुक्रवार और शनिवार तक लगातार दो दिन चली।
ईडी की ओर से की गई छापेमारी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली के सैनिक फार्म और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कुल आठ स्थानों पर की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत अपने कब्जे में लिए। एजेंसी की यह कार्रवाई कंपनी के निदेशकों और उनके परिवार से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब ईडी ने रहेजा डिवेलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की हो। इससे पहले भी जांच एजेंसी कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 2399.65 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद जब्त की गई संपत्तियों का आंकड़ा और बढ़ गया है।
इस साल अप्रैल 2026 में भी प्रवर्तन निदेशालय ने रहेजा डिवेलपर्स के खिलाफ एनसीआर के सात ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान एजेंसी ने गुड़गांव के रहेजा रेवांता प्रोजेक्ट के अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जुड़े कई परियोजनाओं की भी जांच की थी। आरोप है कि कंपनी ने कई परियोजनाओं का प्रचार कर खरीदारों से रकम ली लेकिन तय समय पर फ्लैट नहीं दिए।
ईडी की जांच के अनुसार कंपनी पर करीब 4600 घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन खरीदारों से लगभग 2425 करोड़ रुपये लिए गए लेकिन इसके बावजूद उन्हें फ्लैट का आवंटन नहीं किया गया। इसी मामले की जांच के तहत ईडी लगातार सबूत जुटा रही है।
जांच में गुड़गांव के सेक्टर-78 स्थित रहेजा रेवांता प्रोजेक्ट का भी जिक्र सामने आया है। आरोप है कि इस परियोजना से जुड़े खरीदार कई वर्षों से अपने फ्लैट के पजेशन का इंतजार कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के कई आवंटी करीब 13 साल से अपने घर मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी ने कंपनी से जुड़े कई अहम दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी अब इन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा सके। प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है। एजेंसी फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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