राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली की कमान संभालने वाले वरिष्ठ IAS अधिकारी ने उठाया खौफनाक कदम, सेक्टर-82 के केंद्रीय विहार-2 में हुई घटना

नोएडा। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता की नोएडा में हुई मौत ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। करीब तीन दशक से अधिक लंबे शानदार प्रशासनिक करियर वाले राकेश मेहता का शव नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी के उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिला। मौके से पुलिस को एक पेज का कथित सुसाइड नोट भी मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, नोट में मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया गया है। घटना 6 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और बाद में अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर किया गया। मामले की जांच जारी है।
राकेश मेहता दिल्ली प्रशासन के उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने राजधानी की शासन व्यवस्था और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वह दिल्ली नगर निगम के आयुक्त समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे। उनके कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण दौर वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ा रहा। दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के दौरान वह मुख्य सचिव थे और प्रशासनिक स्तर पर आयोजन से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूर्व सहयोगियों के अनुसार, दिल्ली में परिवहन, बिजली और नागरिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भी उनका योगदान रहा। दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में बदलाव और ब्लूलाइन बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर लो-फ्लोर बसों की दिशा में योजना बनाने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
जानकारी के मुताबिक राकेश मेहता सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में रह रहे थे। परिवार की ओर से लगातार फोन किए जाने के बावजूद जब उनसे संपर्क नहीं हो सका तो चिंता बढ़ी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई, जहां राकेश मेहता का शव मिला। पुलिस को घटनास्थल से एक पेज का कथित सुसाइड नोट भी मिला है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इसमें मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख है। हालांकि, नोट की सामग्री और उसकी प्रामाणिकता सहित घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है।
राकेश मेहता जैसे बेहद अनुभवी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह दुनिया से चले जाना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी किसी तरह की साजिश या आपराधिक कारण का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम तथा अन्य जांच के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
1975 बैच के IAS अधिकारी राकेश मेहता ने अपने लंबे करियर में दिल्ली सरकार और नगर निगम में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह दिल्ली के मुख्य सचिव के अलावा MCD कमिश्नर भी रहे। वर्ष 2007 से 2010 के बीच दिल्ली के मुख्य सचिव के तौर पर उनका कार्यकाल राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। पूर्व सहयोगियों ने उन्हें अनुभवी, कुशल और नई नीतियों को लागू करने के लिए तैयार रहने वाला अधिकारी बताया है।
नोएडा के एक फ्लैट में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि ऊंचे पद, शानदार करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के बावजूद व्यक्ति किन निजी परिस्थितियों और मानसिक दबावों से गुजर रहा होता है, यह हमेशा बाहर से दिखाई नहीं देता।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण इंतजार नोएडा पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयान का है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राकेश मेहता के इस कदम के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं।
चेतना मंच ने इस मामले में नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कमिश्नरेट की ओर से घटना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं कराया गया था। चेतना मंच की टीम इस खबर पर लगातार काम कर रही है। हम आपको जल्दी ही अपडेट करेंगे।
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