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भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते (इंडो-यूएस डील) को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में किसानों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

Noida News : भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते (इंडो-यूएस डील) को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में किसानों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने इस पत्र की प्रति मीडिया के साथ भी साझा की है। Noida News
नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि यदि प्रस्तावित व्यापार समझौते में किसानों के हितों को नुकसान पहुंचता है, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि देश के करोड़ों किसानों की आजीविका और कृषि व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी फैसले का कड़ा विरोध किया जाएगा। बीकेयू महासचिव युद्धवीर सिंह ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीति निर्माण में अमेरिका का दबाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत की आबादी 140 करोड़ है, तो सरकार 40 करोड़ आबादी वाले देश के दबाव में क्यों नजर आती है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। Noida News
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में बीकेयू ने बताया है कि फरवरी 2025 से भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीयर की 23-24 जून को नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस पर अंतिम सहमति बन सकती है। संगठन ने आशंका जताई है कि इस समझौते के तहत अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती हो सकती है, जिससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बीकेयू ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के लिए बाजार खुलता है, तो भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धा क्षमता प्रभावित होगी। साथ ही आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) मक्का के अप्रत्यक्ष प्रवेश की संभावना भी जताई गई है, जिसे संगठन ने गंभीर खतरा बताया है। Noida News
पत्र में दावा किया गया है कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका द्वारा भारत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रणाली में बदलाव का दबाव बनाया जा रहा है। यदि यह विषय व्यापार समझौते का हिस्सा बनता है, तो इसका सीधा असर धान और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। बीकेयू ने अपने पत्र में कहा है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता की मजबूत कड़ी हैं। ऐसे में उन्हें असमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में झोंकना उचित नहीं होगा। अंत में बीकेयू ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि व्यापार वार्ताओं में किसानों, डेयरी, मत्स्य पालन और पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी समझौता किया गया, तो देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। Noida News
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