ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रामलीला में इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल को विशिष्ट अतिथि बनाए जाने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? नोएडा के सेक्टर-58 थाने में दर्ज एफआईआर में फ्लैट खरीदार संजीव कुमार ने क्या आरोप लगाए थे?

Noida News : नोएडा से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक में इन दिनों इन्वेस्टर्स क्लिनिक कंपनी के मालिक हनी कत्याल की खूब चर्चा हो रही है। इस चर्चा का कारण यह है कि अपने आप को धनपति बताकर हनी कत्याल ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक रामलीला में विशिष्ट अतिथी बन गया है। बहुत बड़ी बात है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जिस रामलीला में इन्वेस्टर्स क्लिनिक का मालिक हनी कत्याल विशिष्ट अतिथि बन गया है, उस रामलीला के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
यहाँ यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जिस हनी कत्याल को बड़ा धनपति मानकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रामलीला में विशिष्ठ अतिथी बनाया गया है उस रामलीला के ज्यादातर दर्शक हनी कत्याल को राम भक्त नहीं बल्कि ‘‘रावण’’ मानते हैं। हनी कत्याल को रावण मानने का कारण बताते हुए राम भक्तों का कथन है कि हनी कत्याल ने हजारों फ्लैट बायर्स के साथ बहुत बड़े-बड़े घोटाले तथा धोखादड़ी कर रखी है। हनी कत्याल के बड़े-बड़े घपले तथा घोटालों का पूरा लेखा जोखा चेतना मंच के पास मौजूद है। हम एक-एक करके हनी कत्याल के द्वारा किए गए ठगी के मामलों को लगातार उजागर कर रहे हैं। Noida News
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इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल की ठगी के अनेक मामलों में एक मामला नोएडा के सेक्टर 58 थाने में दर्ज FIR में वर्णित है। नोएडा के सेक्टर 58 थाने में यह FIR अपराध संख्या 0037 पर 11 फरवरी 2024 को दर्ज है। इस FIR के आधार पर नोएडा के सेक्टर 58 थाने की पुलिस ने हनी कत्याल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 406 तथा 420 (IPC) के तहत ठगी का मामला दर्ज कर रखा है। यह FIR किसी दूर-दराज के व्यक्ति ने दर्ज नहीं कराई है। यह FIR ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पास में ही ग्रेटर नोएडा शहर के अल्फा-2 सेक्टर में रहने वाले एक राम भक्त ने लिखवाई है। Noida News
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आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर 58 थाने में इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल तथा उसके साथियों के विरुद्ध FIR संख्या 0037 प्रसिद्ध राम भक्त संजीव कुमार ने लिखवाई है। संजीव कुमार ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 सेक्टर में स्थापित गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम नारायण दत्त है। संजीव कुमार का पूरा परिवार भगवान श्रीराम का भक्त है। उनके परिवार का स्पष्ट आरोप है कि इन्वेस्टर्स क्लीनिक का मालिक हनी कत्याल राम भक्त नहीं हो सकता है। उनका कहना है कि हनी कत्याल तो ‘‘रावण’’ की तरह छल तथा बल के द्वारा दूसरों को प्रोपर्टी को हड़प कर लेने वाला नागरिक है। संजीव कुमार ने यह भी बताया कि मेरी ही तरह से हनी कत्याल ने सैंकड़ो राम भक्तों के साथ ठगी तथा धोखादड़ी कर रखी हैै। Noida News
आपको बता दें कि इन्वेस्टर्स क्लीनिक के नाम से कंपनी चलाने वाला हनी कत्याल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर का रहने वाला है। हनी कत्याल के पिता का नाम रमेश कत्याल है, उनकी पत्नी का नाम साक्षी कत्याल, भाई का नाम सनी कत्याल तथा भाभी का नाम भावना कत्याल है। इन्वेस्टर्स क्लीनिक के मालिक हनी कत्याल का दावा है कि उसने मुरादाबाद के एक छोटे से परिवार से निकल कर मात्र चन्द वर्षों में ही 200 करोड़ रूपये का बड़ा साम्राज्य स्थापित कर डाला है। Noida News
[ इन्वेस्टर्स क्लीनिक का मालिक हनी कत्याल वर्तमान में भी बिल्डर की आड़ में ठगी तथा धोखादड़ी का धन्धा चला रहा है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों को बिल्डर की आड़ में चलाए जा रहे ठगी के धन्धे से सावधान करने के मकसद से चेतना मंच इस विषय में लगातार समाचार प्रकाशित कर रहा है। ]
ऊपर हमने जिस FIR का जिक्र किया है वह FIR नोएडा के सेक्टर 58 थाने में दर्ज है। इस FIR में लिखा गया है कि संजीव कुमार पुत्र श्री नारायण दत्त निवासी फ्लैट नं0 582, गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट, अल्फा 2, ग्रेटर नोएडा जनपद गौतम बुद्ध नगर उ प्र मो न 70113XXXXX .. प्रार्थी वनाम 1. सुपरटेक बिल्डर लिमिटेड द्वारा निदेशक 2. आर के अरोडा पुत्र नामालूम 3. मोहित अरोड़ा पुत्र आर0के0 अरोडा 4 जी एल खेडा पुत्र नामालूम 5. राज मंगल पुत्र नामालूम 6. हनी कत्याल 7. रामानुज शर्मा 8 अनुज कुमार शमां पुत्र रामानुज शर्मा 9. 6 अन्य आज्ञात लोग विपक्षीगण अन्तर्गत धारा 153(3) सीआरपीसी थाना सैक्टर 58 नोएडा प्रार्थी/परिवादी निम्न निवेदन करता है। यह कि प्राथी सजीव कुमार पुत्र श्री नारायण दत्त निवासी फ्लैट न 582, गोल्फ विस्टा अपार्टमेंट, अल्फा 2, ग्रेटर नोएडा जनपद गौतम बुद्ध नगर उ0प्र0 के पास इन्वेस्टर क्लिनिक का एक एजेन्ट आया और खौचर, पंपप्लेट आदि दिखाकर बताया कि सुपरटैक बिल्डर एक नया प्रोजेक्ट नोएडा एक्टेंशन (वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट) लाया है और बहुत ही कम दामों में आपको 2 वेडरुम मात्र 1603 316/- में मिल जायेगा यदि आपको अन्य कोई शंका या जानकारी चाहिये हो तो आप हमारे ऑफिस आकर बात कर सकते हैं हमारे सिनियर और मालिक आपको इसक सबंध में सारी जानकारी दे देगे। 2 यह कि प्रार्थी इसके बाद इंवेस्टर क्लिनिक के सैक्टर 18, नोएडा के आफिस गया और हनी कत्याल से मिला उन्होने भी उक्त प्रोजेक्ट के बारे में अच्छा ही बताया और कहा कि आप हमारे विश्वास पर इसमें इवेस्ट कर सकते हो बिल्डर आपको 1.5-2 साल के अन्दर आपको फ्लैट का पजेशन दे देंगे। आपको हमारा कर्मचारी उक्त प्रोजेक्ट के साईट ऑफिस पर ले जायेगा जहाँ पर बिल्डर के कर्मचारी आपको साईट की विजिट करा देगें। यह की प्रार्थी हनी कत्याल द्वारा भेजे गये कर्मचारी के साथ उपरोक्त प्रोजेक्ट इंको विपेज 1 प्लट नं 8. सेक्टर 1 ग्रेटर नोएडा ऊ प्र पहुँचा और वहाँ पर विपक्षीगण स 1 के कर्मचारी ने साईट की विजिट कराई और विश्वास दिलाया कि आपको आपके फ्लैट का कब्जा 1.5 से 2 साल के अन्दर अन्दर दें देगे। 4 यह कि प्रार्थी उनकी बातों में आ गया और दिनांक 04/04/2010 को विपक्षी 101 के सैक्टर 58 नोएडा के ऑफिस जाकर उनके द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट इको विलेज 1 प्लट न 8. सेक्टर 1, ग्रेटर नोएडा ऊ प्र में एक 2 वेडरूम फ्लैट, क्षेत्रफल 795 वर्ग फीट, भूतल पर कसट्रैक्शन लिक प्लान के तहत इवेस्टर क्लिनिक के माध्यम से अपने व अपनी पत्नी श्रीमती शिखा उपाध्याय के नाम से बुक कराया था जिसका बुकिंग फार्म भी उसी दिन भरा गया था (बुकिंग फार्म की फोटोकपी साथ में सलग्न) 15 यह कि प्रार्थी द्वारा बुकिंग धनराशी के तौर पर अपने आई सी आई सी आई बैंक के चैक सं० 945817 के माध्यम से 146817/- का भुगतान किया। उपरोक्त फ्लैट की कुल कीमत सभी मद (ओपन कार पार्किंग मूतल व पार्क फेसिंग PLC) सहित 16,03,316.25/- रुपये थी। है यह कि विपक्षी 1 के कर्मचारियों के द्वारा प्रार्थी को दिनांक 05.05.2010 को टवर न 17 में फ्लैट/यूनिट नं0 0001 अलट किया गया (बुकिंग फार्म/अलटमेट लैटर की फोटोकपी साथ में सलंग्न) 17 यह कि विपक्षी स 1 के द्वारा समय रामय पर बकाया पैसों की डिमाड की जाती रही, जिसको प्रार्थी द्वारा समय समय पर पूरा किया जाता रहा।8 यह कि विपक्षी स 1 के द्वारा उक्त प्रोजेक्ट का कार्य बड़ी धीमी गति से किया जा रहा था। प्रार्थी के द्वारा अनेको बार विपक्षी स 1 के कर्मचारिगणों से अपने फ्लैट के बारे में बात करने पर हर बार एक ही आश्वासन मिलता की बिल्डर द्वारा जल्द ही आपको आपका फ्लैट दिया जायेगा और कब्जा देने में यदि देरी होगी तो देरी की पेनाल्टी भी विपक्षी स 1 प्रार्थी को देगा 19 यह कि इसी प्रकार विपक्षी स 1 के कर्मचारी प्रार्थी को बहलाते रहे और समय निकालते रहे और कहते रहे कि हम आपको उक्त फ्लैट शीघ्र दे देगे। 10 यह कि इसी दौरान प्रार्थी, विपक्षी स 1 के कर्मचारीगणों से फोन पर और उनके सेक्टर 58 नोएडा के कार्यालय जाकर अपडेट लिया करते थे। और, इसी प्रकार विपक्षी स 1 द्वारा लगभग 8 साल का समय निकाल दिया। 11 यह कि विपक्षी स 1 द्वारा प्रार्थी से 3,87.578/- रुपयों की डिमाण्ड की गयी। प्रार्थी द्वारा दिनाक 18/04/2018 को विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 नोएडा के कार्यालय पर जाकर अंतिम बार 387578/-रुपयों का भुगतान आर टी जी एस के द्वारा किया। इस प्रकार प्रार्थी द्वारा उक्त फ्लैट की कुल कीमत का लगभग 80 प्रतिशत धनराशी 12,68,952/- रुपयों का भुगतान (पेयमेंट रसीद चैक व बैंक स्टेटमेंट की फोटोकपी साथ में सलग्न) विपक्षी 1 को किया जा चुका था। 12. यह कि प्रार्थी को तब भी विपक्षी से 1 के कर्मचारीयों ने द्वारा यह ही कहा गया कि कुछ महिने और पजेशन मिलने में लगेंगे। प्रार्थी को कुछ दिनों बाद एक प्री-पजेशन लैटर दिनांकित 26.04.2018 प्राप्त हुआ और उसके साथ एक प्री पजेशन आउटस्टैंडिंग स्टेटमेंट का लैटर भी प्राप्त हुआ। जिसमे विपक्षी सं 1 द्वारा अपनी मनमर्जी से भुगतान में दरी के कारण जुर्माना व कई अन्य मदो के चार्ज जोड़कर फ्लैट की प्रार्थी को दी गयी कीमत 16,03,316.25/- से लगभग 12,58,285/- रुपये बढ़ा दी। 13. यह कि प्रार्थी उपरोक्त लैटर को देखकर हक्का बक्का सा रह गया और यह विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 नोएडा आफिस पहुँचा और वहाँ पर कोई भी उसकी परेशानी का समाधान करने को तैयार नहीं था। प्रार्थी ने जब सीनियर या मालिक से मिलने का शोर मचाया तो श्री जी एल खेडा नामक व्यक्ति प्रार्थी से मिले तब प्रार्थी ने उनको अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताया और कहा कि एक तो आपका प्रोजेक्ट लेट हुआ है ऊपर से हम पर ही पेनल्टी लगा रहे हैं। 14 यह कि विपक्षी स 4 ने कहा कि आपके फ्लैट का जो साइज बड़ा है उसका आपको पेयमेंट करना पड़ेगा बाकि में आपकी जुर्माना / पेनल्टी हटवा देता हूँ लेकिन उसमें कुछ समय लगेगा। आप को अपनी फाइल जसो कस कामे सारे निदेशकों से बात करके आपका जुर्माना खत्म कराता हूँ। प्राथी ने अपने फ्लैट की मूल फाइल इस आशा में श्री जीएल खेडा को दे दी कि उस पर अवैधानिक तरीके से लगाई गयी पेनल्टी हट जायेगी। श्री जीएल खेडा ने अपने पास खड़े कर्मचारी, का परिचय करात हुये कहा कि ये राज़ मगल है ये मेरी अनुपस्थिती में ये ही आप से बात करेंगे। 15. यह कि उसके बाद ये दोनो लोग महीने दो महीने में काम कराने की बात कहकर टालते रहे। इस प्रकार प्रार्थी को गुमराह करके कई महीने निकाल दिये। 16. यह कि इसी दौरान प्रार्थी स्वंम और उसके परिवार के कई सदस्य करोना महामारी की चपेट में आकर काफी सीरियस बीमार हो गये और कुछ महीनों के लिये अपने पलैट की स्थिती की जानकारी नहीं ले पाये फिर जब ठीक हुये तो फिर इन लोगों से पता किया तो कहने लगे कि अभी करीना के कारण लक डाउन लग जाने के कारण सारा काम ठप पड़ गया है कुछ समय देना पड़ेगा फिर उन्होने समय निकाल दिया 17. यह कि इसी दौराम दूसरी करीना की लहर में प्रार्थी के माता पिता काफी सीरियस बीमार हो गये और इन सब में कुछ महीने निकल गये । 18 यह कि प्रार्थी ने उसके बाद अपने फ्लैट की जानकारी लेने विपक्षी स 1 के सैक्टर 58 वाले आफिस पहुँचा तो देखा कि विपक्षी स 1 अपना ऑफिस छोडकर जा चुके हैं। 19 यह प्रार्थी ने जाकर साईट आफिस पता किया तो उन्होने नया पता इ स्क्वार, प्लट सी-2 सैक्टर 96 नोएडा का पता दिया और वहाँ जाकर अपनी पैनल्टी और फाइल के बारे में इन लोगों से बात की और कहा कि आपने प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी की और मेरे फ्लैट को आज तक कम्पलीट करके नहीं दिया और ऊपर से हम पर ही पेनल्टी लगा दी जबकि पेनल्टी तुमको देनी थीं तो श्री जी एल खेडा और राज मंगल कहने लगे कि तुम्हारी फाइल हमने ऊपर श्री आर के अरोडा जी के पास भेज दी है वो जल्द ही उस पर निर्णय ले लेंगे। इस प्रकार भी कई महीन । निकाल दिये। 20. यह कि उसके बाद प्रार्थी को लगा कि ये लोग जानबूझकर परेशान कर रहे तो प्राथी ने इन लोगों से कहा कि मुझको आर के अरोडा से मीटिंग करनी है, प्रार्थी द्वारा ज्यादा हंगामा किया जा श्री आर के अराडा आकर मिले और अश्वासन दिया कि जल्दी है आपकी पेनल्टी हटा दी जायेगी। 21 यह कि प्रार्थी ने कहा कि कई महीने से मेरे फ्लैट की मूल फाइल इन लोगो ने ले रखी है या तो दिलवा दो तो श्री आर के अरोडा ने फाइल मंगवाकर प्रार्थी को दी प्रार्थी ने जब फाइल चैक की तो उसमें बिल्डर वायर एग्रीमेंट नही था जिसके बारे में जब श्री आर के अरोडा से पूछा किसने निकाल लिया है क्योकि अब तुमको दूसरा बना कर देंगे।22. यह कि प्रार्थी वहाँ से चला आया और फोन और व्यक्तिगत जाकर उनसे मिलकर अपने पलेट के बारे में जानकारी करता रहा। बिल्डर के आफिस पर कमी श्री जी एल खेड़ा और कभी श्री आर के आरोडा कमी दृ मोहित अरोडा मिलता और वो लोग प्रार्थी को गुमराह करते हुये आश्वासन देते कि जल्दी ही तुम्हारी पैनल्टी हटवा देंगे और फ्लैट का कब्जा तुमको दे देगें। 23. यह कि प्रार्थी इसी दौरान 4 अक्टूबर 2022 को साईट पर अपने पलैट पर गया ता प्रार्थी के उक्त पलैट पर अन्य कोई रहने लगा था। प्राथी में जब उससे पूछा तो उसने नाम रामानुज शर्मा बताया और कहा कि विपक्षी स 1 ने उक्त फ्लैट मुझको व मेरे बेटे मुकेश कुमार शर्मा को बेच दिया है। 24. यह कि प्रार्थी की यह सुनकर पैरो तले जमीन खिसक गयी प्रार्थी तुरन्त बिल्डर के आफिस भागा और वहाँ जाकर हगामा किया और कहा कि मैं आप सब के खिलाफ पुलिस में शिकायत करुगा तो कि पहले से बिकी हुयी प्रापर्टी को जाली कागताज बनाकर दूसरे को बेचकर धन अर्जित किया है इतना सुनते ही जी एल खेडा, आर के अरोडा व उसका बेटा मोहित अरोडा व अन्य निदेशक आदि लोग प्रार्थी को आश्वासन देने लगे कि आप चिता न करो वो फ्लैट को हम खाली करा कर तुमको दे देंगे।25. यह कि प्रार्थी ने उसके बाद कई दिनों तक जाकर ऑफिस में जाकर इनसे मिलना बाह लेकिन ये लोग आनाकानी करने लगे दिनांक 19 जून 2023 को प्रार्थी अपने कुछ परिचितों के साथ इनके आफिस पहुंचा तो मोहित अरोडा जी एल खेडा व अन्य कई लोग जिनको सामने आने पर पहचान सकता हूं ने जान से मारने की धमकी देकर गाली गलौज करते हुये अपने गाड़ों के साथ एक राय होकर प्रार्थी और उनके परिचितों को मारपीट करके धक्का मरवाकर ऑफिस के बाहर फिकवा दिया और धमकी दी कि दुबारा इस ऑफिस में आये तो जान से हाथ धो बैठोगे । 26. यह कि प्रार्थी उसी दिन आर के अरोडा के आवास सैक्टर 36 नोएडा पर भी आर के अरोडा, से मिलने गया तो उन्होने प्रार्थी को गाली गलौज करके जान से मारने की धमकी देकर अपने गार्डों से प्रार्थी और उनके मित्रां को भगा दिया। 27. यह कि इसी दौरान प्रार्थी को पता चला कि श्री आर के अरोडा को EID अरेस्ट करके ले गयी है। प्रार्थी की मेहनत की कमाई को इन लोगों ने ठग लिया है और अमानत में ख्यानत करके प्रार्थी की सम्पति और पैसो को हड़प लिया है। प्रार्थी को बेचे हुये फ्लैट को दूसरे व्यक्ति को बेचकर अनुचित लाभ लिया है। प्रार्थी को बाद में पता चला कि ये लोग इसी प्रकार से दूसरे लोगों से ठगी कर चुके हैं। 28 यह कि प्रार्थी के साथ हुयी उक्त घटना कि रिर्पोट लिखाने थाना सैक्टर गया लेकिन उन्होंने प्रार्थी की रिपोट लिखने से मना कर दिया। प्रार्थी ने दिनाँक 10 अगस्त 2023 को पुलिस कमीश्नर गौतम बुद्ध नगर को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी सूचना दी लेकिन आज दिनाँक तक प्रार्थी की रिपोट नहीं लिखी गयी। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि थानाध्यक्ष सैक्टर 58 को आदेशित करें कि श्री आर के अरोडा मोहित अरोडा, जी एल खेडा, राज मंगल, हनी कत्याल और छ सात अन्य आजात लोगों के द्वारा प्रार्थी के साथ की गयी धोखाधड़ी, विक हुये फ्लैट को दुबारा बेचना, अमानत में ख्यानत करना, दस्तावेज चुरा लेना, मार पीट करना, जान से मारने की धमकी देने आदि की रिपोर्ट उचित धाराओं में लिखकर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करे। Noida News
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