नोएडा के रामा अस्पताल में मां की मौत के मामले में मोहित शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

Noida News : नोएडा में अपनी मां की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे युवा सामाजिक कार्यकर्ता मोहित शर्मा ने अब पूरे मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया है। मोहित शर्मा का आरोप है कि सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मां स्वर्गीय पुष्पा देवी की मौत सामान्य चिकित्सीय घटना नहीं थी, बल्कि अस्पताल में हुई कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण उनकी जान गई। मोहित ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मोहित शर्मा के अनुसार, वह इस मामले को लेकर नोएडा के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सहित उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। उनका कहना है कि कई स्तरों पर शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद उन्हें अब तक वह न्याय नहीं मिल सका है, जिसकी उन्हें अपनी मां की मौत के मामले में अपेक्षा है। इसी कारण अब उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में मोहित शर्मा ने बताया है कि उनकी माता पुष्पा देवी, उम्र 52 वर्ष, को 14 अप्रैल 2026 को हल्के बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोहित के मुताबिक उस समय उनकी मां की हालत स्थिर थी और उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार दिखाई दे रहा था। मोहित शर्मा ने यह भी बताया कि उन्हें अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। मोहित का आरोप है कि इसके बाद अस्पताल में उनकी मां के उपचार के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसके बाद उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई। Noida News :
मोहित शर्मा ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि 15 अप्रैल को उनकी माता का Contrast CECT कराया गया, जबकि उनके अनुसार उपचार कर रहे डॉक्टर ने इस जांच के लिए मना किया था। मोहित का कहना है कि इस टेस्ट के तत्काल बाद उनकी मां की हालत गंभीर हो गई। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था और डॉक्टरों के बीच समन्वय को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालत बिगड़ने के बाद पुष्पा देवी को यशोदा अस्पताल, गाजियाबाद रेफर किया गया, जहां 16 अप्रैल 2026 को उनका निधन हो गया। मोहित शर्मा का आरोप है कि रामा अस्पताल में हुई घटनाओं की वजह से उनकी मां की जान गई और इसी कारण उन्होंने इस मामले में हत्या की शिकायत भी पुलिस के समक्ष दी है। मोहित शर्मा ने इस मामले में नोएडा के सेक्टर-58 थाने में भी लिखित शिकायत दी है। उनका आरोप है कि सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका की जांच कराई जानी चाहिए और उनकी मां की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या सहित संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला अब केवल एक परिवार की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। मोहित लगातार विभिन्न प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभागीय अधिकारियों के समक्ष इसे उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में मोहित ने बताया है कि उन्होंने सीएमओ कार्यालय में भी शिकायत की थी। उनके मुताबिक 28 अप्रैल 2026 को एसीएमओ की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सात दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मोहित का कहना है कि इस आश्वासन के बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उन्हें प्रभावी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली। पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित डॉक्टर पक्ष को अपना पक्ष और बयान प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके अनुसार संबंधित चिकित्सकीय पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और बयान दर्ज नहीं कराया गया।
लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी बात रखने के बाद मोहित शर्मा ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने स्वयं को आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का सदस्य बताते हुए कहा है कि उनकी मां परिवार की सबसे बड़ी ताकत थीं और उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर गंभीर संकट आ गया है। मोहित ने प्रधानमंत्री से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। मोहित शर्मा का कहना है कि वह अपनी मां की मौत के मामले को लेकर किसी व्यक्तिगत विवाद को आगे नहीं बढ़ा रहे, बल्कि यह जानना चाहते हैं कि आखिर अस्पताल में उपचार के दौरान ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद स्वस्थ होती बताई जा रही उनकी मां की हालत अचानक गंभीर हुई और उनकी मृत्यु हो गई। उनका कहना है कि यदि जांच में अस्पताल अथवा किसी चिकित्सक की लापरवाही या अन्य आपराधिक भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब निगाह इस बात पर है कि प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची मोहित शर्मा की शिकायत के बाद इस मामले में कोई स्वतंत्र अथवा उच्चस्तरीय जांच शुरू होती है या नहीं। वहीं, रामा अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की दूसरी तस्वीर भी स्पष्ट हो सकेगी। Noida News :
विज्ञापन