
Jewar Airports : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर कस्बे के पास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। सितंबर 2024 से जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट उड़ान भरना शुरू कर देंगी। जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो ट्रेन, इंडियन रेलवे और रैपिड रेल से कनेक्ट करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल दौड़ाने के प्रोजेक्ट को यूपी की योगी सरकार की ओर से हरी झंडी मिल गई है।
आपको बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से इंदिर गांधी एयरपोर्ट दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच रैपिड रेल चलाए जाए जाने की योजना तैयार की गई थी। इस योजना को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया था। इस योजना का अनुमानित लागत 16,000 करोड़ रुपए है। योगी सरकार ने अब इस प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी है।
रैपिड रेल प्रोजेक्ट की डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा तैयार की जा रही है। न केवल दो हवाई अड्डों बल्कि दिल्ली के अन्य हिस्सों को भी जोड़ेगा। मार्च तक डीपीअर पूरी होने की उम्मीद है।
शैलेन्द्र भाटिया ने कहा, "दोनों हवाई अड्डों और दिल्ली क्षेत्र के बीच यह हाई-स्पीड कनेक्शन हवाई अड्डे के कैच्मन्ट एरिया को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। इसके पूरा होने के बाद दोनों एयरपोर्ट्स के बीच की दूरी लगभग 80 मिनट में तय की जाने की उम्मीद है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया के अनुसार, प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में तकरीबन चार साल का समय लगेगा। यह नया रैपिड रेल कॉरिडोर ग्रीनफील्ड नोएडा हवाई अड्डे के आकर्षण को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा और इसे दिल्ली हवाई अड्डे से यात्री यातायात को नियंत्रित करने में सक्षम बनाएगा।
आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने पहली उड़ान संचालन के लिए इसने इंडिगो और अकासा एयर के साथ समझौता किया है। दिल्ली हवाई अड्डे का संचालन जीएमआर समूह द्वारा किया जाता है, वहीं नोएडा हवाई अड्डे के संचालन का ठेका ज्यूरिख हवाई अड्डे को मिला है।