देश के कई इलाकों में LPG संकट, चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर होटल और रेस्टोरेंट्स!
LPG Crisis: देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं जबकि होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना बनाने के पारंपरिक तरीके फिर से अपनाए जा रहे हैं।

ईरान-इजराइल संघर्ष का असर अब सीधे भारत के घरों और रेस्टोरेंट्स तक पहुंच गया है। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं जबकि होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना बनाने के पारंपरिक तरीके फिर से अपनाए जा रहे हैं। हालांकि सरकार एलपीजी कमी से इनकार कर रही है लेकिन जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने का विकल्प
हैदराबाद के कई मशहूर रेस्टोरेंट्स गैस की कमी के कारण लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। उदाहरण के लिए, पिस्ता हाउस रेस्टोरेंट में 756 डिशेस में से 750 बंद कर दी गई हैं। अब केवल 6 डिशेस ही लकड़ी के चूल्हों पर बनाई जा रही हैं जिसमें बिरयानी और हलीम भी शामिल हैं। समस्या यह है कि सभी रसोइयों को लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना नहीं आता।
इंडक्शन की ओर बढ़ता रुझान
भोपाल की फास्ट फूड चैन ‘सागर गैरे’ ने गैस की कमी के चलते अपने रसोई संचालन का 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा इंडक्शन पर शिफ्ट कर दिया है। प्रदेश में उनकी लगभग 35 शाखाएं हैं और सभी में यह कदम लागू किया गया है। इंडक्शन पर शिफ्ट होने से खाना बनाने में थोड़ी राहत मिली है लेकिन सभी मामलों में यह स्थायी समाधान नहीं है।
गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें और पुलिस की मौजूदगी
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सिलेंडर की कमी के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हाहाकार मचा हुआ है। लोग रात भर लाइन में खड़े रहते हैं और फिर भी सिलेंडर नहीं मिलते। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई है। छोटे होटल और रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं क्योंकि कामर्शियल गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
सरकार का बयान
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा का कहना है कि देश में एलपीजी की डिलीवरी साइकल 2.5 दिन की बनी हुई है और कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद जनता को वास्तविकता अलग लग रही है और सिलेंडर की लंबी कतारें और रेस्टोरेंट्स की परेशानी जारी है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक के निर्देश
अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है। सरकार लगातार जनता से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
ईरान-इजराइल संघर्ष का असर अब सीधे भारत के घरों और रेस्टोरेंट्स तक पहुंच गया है। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं जबकि होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना बनाने के पारंपरिक तरीके फिर से अपनाए जा रहे हैं। हालांकि सरकार एलपीजी कमी से इनकार कर रही है लेकिन जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने का विकल्प
हैदराबाद के कई मशहूर रेस्टोरेंट्स गैस की कमी के कारण लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। उदाहरण के लिए, पिस्ता हाउस रेस्टोरेंट में 756 डिशेस में से 750 बंद कर दी गई हैं। अब केवल 6 डिशेस ही लकड़ी के चूल्हों पर बनाई जा रही हैं जिसमें बिरयानी और हलीम भी शामिल हैं। समस्या यह है कि सभी रसोइयों को लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना नहीं आता।
इंडक्शन की ओर बढ़ता रुझान
भोपाल की फास्ट फूड चैन ‘सागर गैरे’ ने गैस की कमी के चलते अपने रसोई संचालन का 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा इंडक्शन पर शिफ्ट कर दिया है। प्रदेश में उनकी लगभग 35 शाखाएं हैं और सभी में यह कदम लागू किया गया है। इंडक्शन पर शिफ्ट होने से खाना बनाने में थोड़ी राहत मिली है लेकिन सभी मामलों में यह स्थायी समाधान नहीं है।
गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें और पुलिस की मौजूदगी
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सिलेंडर की कमी के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हाहाकार मचा हुआ है। लोग रात भर लाइन में खड़े रहते हैं और फिर भी सिलेंडर नहीं मिलते। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई है। छोटे होटल और रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं क्योंकि कामर्शियल गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
सरकार का बयान
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा का कहना है कि देश में एलपीजी की डिलीवरी साइकल 2.5 दिन की बनी हुई है और कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद जनता को वास्तविकता अलग लग रही है और सिलेंडर की लंबी कतारें और रेस्टोरेंट्स की परेशानी जारी है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक के निर्देश
अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है। सरकार लगातार जनता से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।












