
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 28 जनवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “दो ग्रुप हाउसिंग के 14 प्रमोटरों की होगी जांच, नोएडा प्राधिकरण ने ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई शिकायत” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा प्राधिकरण ने दो ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के 14 प्रमोटरों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) दिल्ली में शिकायत दर्ज कर जांच की सिफारिश की है। प्राधिकरण का आरोप है कि इन प्रमोटर ने परियोजना में जमीन लेने के बाद प्राधिकरण का बकाया नहीं जमा किया। यही नहीं फ्लैट बेचने वाले और खरीदारों का पैसा भी परियोजना में न लगाकर दूसरी जगह लगाया है। इस तरह प्राधिकरण और खरीदार दोनों इन परियोजनाओं में फंसे हैं। दोनों परियोजनाओं में प्राधिकरण का करीब 300 करोड़ का बकाया है। पहले भी कुछ परियोजनाओं में जांच की सिफारिश ईओडब्ल्यू से की जा चुकी है।
प्राधिकरण की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-137 में शुभकामना बिल्डटेक परियोजना के लिए 2010 में 22565.77 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया था। कब्जा भी उसी वर्ष मौके पर दे दिया गया था। लेकिन प्राधिकरण का बकाया कई नोटिस के बाद भी जमा नहीं किया गया। प्राधिकरण का आरोप है कि परियोजना के प्रमोटर मुकेश खुराना, दिवाकर वर्मा, कमल सिंह रोथान, हरीश कुमार, पीयूष तिवारी ने परियोजना में फ्लैट बेचकर तृतीय पक्ष के अधिकार सृजित किए। फ्लैट खरीदारों से मिले पैसे को प्राधिकरण में न जमा कर कहीं और उपयोग में लगाया गया। इससे निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया। वहीं, दूसरी परियोजना सेक्टर-118 में आईवीआर प्राइम डेवलपर की है, इसमें करीब 133750 वर्गमीटर जमीन की 19 अप्रैल 2012 को लीज डीड की गई। इसके बाद 25 अप्रैल 2012 को आवंटी को भूखंड पर कब्जा दिया गया। इस मामले में भी आवंटी को पैसा जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए। आरोप है कि परियोजना के प्रमोटर ईला रेड्डी, ई सुधीर रेड्डी, टीएन चतुर्वेदी, आरसी सिन्हा, टीआर सी बॉस और आशीष ने परियोजना के फ्लैट बेचकर तृतीय पक्ष को सृजित किया। परियोजना के फ्लैट बेचने पर मिली धनराशि को प्राधिकरण में जमा नहीं कराया। इस परियोजना के खिलाफ भी आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए जांच की मांग की गई है।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “टर्मिनल बिल्डिंग का फर्श तैयार, 10 एयरोब्रिज बनेंगे, नोएडा एयरपोर्ट : पहले चरण के 10 हजार करोड़ रुपये के बजट का 90% हुआ खर्च” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का 78 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। भवन का फर्श तैयार चुका है एस्केलेटर और बैगेज डिलीवरी के लिए जरूरी उपकरण लगा दिए गए हैं। बिल्डिंग की छत का निर्माण कार्य चल रहा है। टर्मिनल बिल्डिंग से रनवे तक सफर को पूरा करने के लिए टैक्सी-वे, सड़क सहित अन्य कार्य भी करीब 89 फीसदी पूरे हो गए हैं। टर्मिनल भवन तैयार हो जाने के बाद 10 एयरोब्रिज बनाए जाएंगे। हाल ही में नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह ने एयरपोर्ट के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। इसी दौरान तैयार की गई रिपोर्ट में निर्माण कार्य का पूरा ब्यौरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक टर्मिनल बिल्डिंग और एयर साइट का विकास तेजी से जारी है। सड़कें, पार्किंग सुविधाएं और सार्वजनिक परिवहन कनेक्शन की भौतिक प्रगति 78.7 फीसदी है। एयरसाइड के रनवे, टैक्सीवे, एप्रन और नेविगेशन सिस्टम का 88.9 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वित्तीय तौर पर भी हवाई अड्डे के पहले चरण ने 90 फीसदी प्रगति हासिल की है। कुल स्वीकृत बजट 10,056 करोड़ रुपये में से 9,024 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें 1,334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आवंटित 4,326 करोड़ रुपये और ज्यूरिख एजी की सहायक कंपनी, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) द्वारा परियोजना विकास के लिए निर्धारित 5,730 करोड़ रुपये शामिल हैं। अहम है कि हवाई अड्डे से 17 अप्रैल को उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव है। हवाई अड्डे के दूसरे चरण में 1,365 हेक्टेयर पर विकसित किए जाने वाले एमआरओ हब और रनवे के संबंध में भी प्रगति हुई है
Hindi News:
अमर उजाला ने 28 जनवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “नोएडा में बने रेगिस्तान में दिखेगा ऊंट, सेक्टर-94 में बन रही वेस्ट टू वंडर पार्क परियोजना में हुआ बदलाव” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-94 में बन रहे वेस्ट टू वंडर पार्क की परियोजना में बदलाव हुआ है। अब पार्क में सिर्फ कबाड़ हो चुकी लोहे से बनी जानवरों आकृतियां ही नहीं दिखेंगी, बल्कि उनका प्राकृतिक परिवेश भी दिखाई देगा। ऊंट की आकृति के आस-पास रेगिस्तान जैसी रेत भी नजर आएगी। इसी तरह शेर की आकृति गुफा में नजर आएगी। जू थीम पर यह वेस्ट टू वंडर पार्क नोएडा प्राधिकरण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बना रहा है। चुनी गई एजेंसी पिछले कई महीनों से मौके पर काम करवा रही. है। एजेंसी की तरफ से कबाड़ से जानवरों की आकृतियां बनाकर लगाई जा रही थीं। इसके साथ ही ट्रैक और हरियाली विकसित की जाएगी। कुछ दिन पहले ही प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने परियोजना का निरीक्षण किया था। सीईओ ने कुछ और बदलाव के निर्देश दिए हैं। सेक्टर-94 महामाया फ्लाईओवर और ओखला पक्षी विहार के बीच यह पार्क करीब 18.27 एकड़ में बन रहा है। पार्क का नाम नोएडा जंगल ट्रेल होगा। पार्क के अंदर कबाड़ से बने डॉयनाशोर, गैंडा, मगरमच्छ, अजगर, बंदर की आकृतियां होंगी। इसके साथ ही छोटी आकृतियों में सुंदर-सुंदर चिड़ियां भी कबाड़ से बनी होंगी। हरियाली प्राकृतिक रूप से विकसित की जाएगी। पार्क में आने वाले लोग जंगल की तरह लुत्फ उठा सकेंगे।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 28 जनवरी 2025 का प्रमुख समाचार “नोएडा प्राधिकरण ने तीन बिल्डरों पर कसी नकेल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि निर्माण नहीं करने और फ्लैट खरीदारों का पैसा अन्य परियोजनाओं में ट्रांसफर करने वाले बिल्डरों पर प्राधिकरण ने नकेल कस दी है। सोमवार को ऐसे में दो बिल्डर पर कार्रवाई कर वित्तीय जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को पत्र लिखा है। इसके अलावा एक अन्य बिल्डर से बकाया वसूली के लिए आरसी जारी की है। अब बिल्डर से भू राजस्व के हिसाब से बकाया वसूल किया जाएगा।
प्राधिकरण सीईओ डा लोकेश एम ने बताया कि 23 मार्च 2010 को जीएच-05 सेक्टर-137 का आवंटन शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम किया गया। 30 जुलाई 2010 को लीज डीड करते हुए 20 अगस्त 2010 को बिल्डर को प्लाट पर कब्जा दे दिया गया। प्लाट राशि जमा कराने के लिए आवंटी को कई बार नोटिस जारी किया गया। बिल्डर ने न तो पैसा जमा कराया और न ही फ्लैटों का निर्माण कराया। इस परियोजना के प्रमोटर मुकेश खुराना, दीवाकर शर्मा, कमल सिंह रोथान, हरीश कुमार और पीयूष तिवारी ने उक्त परियोजना के फ्लैट बेचकर तृतीय पक्षीय अधिकार सृजित किए। साथ ही परियोजना से मिली धनराशि प्राधिकरण में नहीं जमा कर वित्तीय हानि पहुंचाई। ऐसे में प्राधिकरण ने उक्त बिल्डर की वित्तीय जांच के लिए ईओडब्ल्यू को शिकायत की है। ग्रुप हाउसिंग जीएच-01 सेक्टर-118 करीब 1,33,750 'वर्गमीटर का आवंटन 18 अप्रैल 2007 को आइवीआरसीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को किया गया। जिसका नाम बाद में आइवीआर प्राइम डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड करते हुए 19 अप्रैल 2012 को लीज डीड की गई। 25 अप्रैल 2012 को आंवटी को प्लाट पर कब्जा दिया गया। यहां भी आंवटी को पैसा जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए। इस परियोजना के प्रमोटर ईला रेड्डी, ई सुधीर रेड्डी, टीएन चतुर्वेदी, आरसी सिन्हा, टीआर सी बास और आशीष ने परियोजना के फ्लैट बेचकर तृतीय पक्ष सृजित किया। परियोजना के फ्लैट बेचने पर मिली धनराशि को प्राधिकरण में जमा नहीं कराया। बिल्डर के खिलाफ ईओडब्ल्यू दिल्ली में शिकायत दी गई। ग्रुप हाउसिंग भूखंड जीएच-02बी सेक्टर-76 करीब 20 हजार वर्गमीटर सेठी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड को 9 जून 2010 को सब लीज किया गया । 10 जून 2010 को लीज डीड करते हुए प्लाट पर कब्जा दिया गया। बकाया धनराशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए लेकिन धनराशि जमा नहीं की गई। यही नहीं, 21 दिसंबर 2023 के क्रम में कोविड-19 का लाभ देते हुए बकाया का 25 प्रतिशत जमा करने के लिए सूचित किया गया। लेकिन आवंटी ने तब भी पैसा जमा नहीं किया। ऐसे में 31 दिसंबर 2023 तक कुल 57.65 करोड़ रुपये बकाया है। इस धनराशि को वसूलने के लिए आरसी जारी की गई है। यानी ये पैसा अब भू राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा। जिसके लिए जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को पत्र लिखा गया।
Noida News:
दैनिक जागरण के 28 जनवरी 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “पीएम सूर्य घर योजना के आवेदकों का इंस्टालेशन जल्द” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण की ओर से संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के आवेदकों के यहां जल्द ही सोलर इंस्टालेशन किया जाएगा। योजना का बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार कर लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने यूपी नेडा, एनपीसीएल, जिला लैडबैक प्रबंधक, योजना के लिए नामित वेंडरों व संबंधित अधिकारियों से कहा कि यह मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। कहा कि इस योजना से लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायक होगी। पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का जिले में कलक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस आयुक्त कार्यालय, तहसीलों, ब्लाकों व सार्वजनिक स्थानों पर बैनर आदि लगाकर प्रचार किया जाए। कहा कि जिन लाभार्थियों ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है, उनके सोलर इंस्टालेशन का कार्य जल्द पूरा कराया जाए। एलडीएम से कहा कि योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र आवेदकों को बैंकों से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी द्वितीय यूपीनेडा श्रीराम आदि मौजूद रहे।
दैनिक जागरण के 28 जनवरी के अंक में “कुलेसरा गांव में डाक्टर की हत्या, कमरे में मिला शव” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ईकोटेक तीन कोतवाली क्षेत्र के कुलेसरा गांव की संजय विहार कालोनी में डाक्टर की हत्या कर दी गई। उनका शव कमरे में खून से लथपथ मिला। डाक्टर के सिर में गंभीर चोट के निशान हैं। डाक्टर का मोबाइल भी गायब है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है। दिल्ली की पाकेट डी कुंडली में 50 वर्षीय डा. दिनेश गौड़ परिवार के साथ रहते थे। उनका एक मकान ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव की संजय विहार कालोनी में है, जहां उन्होंने किराये के लिए कमरे बनाए हैं। इसी मकान के एक कमरे में उन्होंने अपने लिए निजी कमरा बनाया हुआ है। 25 जनवरी की शाम को वह मकान पर आए थे। 26 जनवरी को उनके बेटे ने फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। वह मकान पर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला। दरवाजा खोलकर देखा तो उसके पिता खून से लथपथ मिले। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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