भाजपा नेता के पिता का निधन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता का निधन होने की दु:खद खबर आई है। नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता के निधन से नोएडा में शोक व्याप्त हो गया है।

चित्रसेन गुप्ता
चित्रसेन गुप्ता
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar20 Mar 2026 03:52 PM
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Noida News : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता का निधन होने की दु:खद खबर आई है। नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता के निधन से नोएडा में शोक व्याप्त हो गया है। यह समाचार लिखे जाने तक नोएडा क्षेत्र के भंगेल में स्थित शमशान घाट पर चित्रसेन गुप्ता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। नोएडा के भाजपा नेताओं ने श्री गुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

बीमार चल रहे थे मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता

नोएडा में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। मनोज गुप्ता के परिवारजनों ने बताया कि बीमारी के कारण 5 दिन पहले चित्रसेन गुप्ता को नोएडा के सेक्टर-128 में स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज अचानक अस्पताल में उनका निधन हो गया। चित्रसेन गुप्ता लगभग 70 वर्ष के थे। 

अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं चित्रसेन गुप्ता

नोएडा भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता के पिता चित्रसेन गुप्ता बेहद मिलनसार तथा व्यवहारिक इंसान थे। चित्रसेन गुप्ता अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोडक़र गए हैं। उनके दो पुत्र मनोज गुप्ता तथा पंकज गुप्ता नोएडा क्षेत्र में अपना विशेष स्थान रखते हैं। चित्रसेन गुप्ता के आकस्मिक निधन पर भाजपा के अनेक नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। Noida News


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नोएडा से ग्रेनो वेस्ट तक मेट्रो का रास्ता साफ, DPR पर फैसला जल्द

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना अब मंजूरी के अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने इस प्रस्तावित लाइन की अंतिम रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेज दी है।

मेट्रो अपडेट
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 02:36 PM
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Noida News : नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना अब मंजूरी के अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने इस प्रस्तावित लाइन की अंतिम रिपोर्ट शहरी विकास मंत्रालय को भेज दी है। माना जा रहा है कि अब इस रूट की डीपीआर को जल्द स्वीकृति मिल सकती है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक तैयार किया जाएगा। लंबे समय से इस रूट की मांग की जा रही थी, क्योंकि इस इलाके में आबादी तेजी से बढ़ी है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग नोएडा तक आवागमन करते हैं।

7.5 किलोमीटर लंबा होगा नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट

प्रस्तावित नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो लाइन की कुल लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस खर्च को नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी मिलकर वहन करेंगी। शुरुआती चरण में इस रूट का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाएगा, जबकि आगे के विस्तार पर फैसला भविष्य की जरूरतों और अन्य परिवहन परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर लिया जाएगा।

किन-किन क्षेत्रों को जोड़ेगी नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो

इस नए रूट के जरिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई अहम सेक्टर सीधे जुड़ेंगे। प्रस्तावित नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में जिन स्टेशनों को शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से सेक्टर-51, सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 का इलाका शामिल है। अंतिम स्टेशन किसान चौक के पास प्रस्तावित बताया जा रहा है। यह रूट खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो रोजाना ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा के दफ्तरों, बाजारों और अन्य कामकाजी इलाकों तक आते-जाते हैं। अभी इस पूरे बेल्ट में सड़क यातायात पर दबाव काफी अधिक है, ऐसे में मेट्रो शुरू होने के बाद यात्रा आसान हो सकती है।

ट्रैफिक दबाव घटाने में अहम होगी नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो

ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के बीच लगातार बढ़ती आबादी ने यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है। पीक ऑवर में सड़कों पर लंबा जाम आम बात बन चुका है। ऐसे में नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि शहरी राहत योजना के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता घट सकती है। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि ईंधन खर्च और सड़क जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह परियोजना नोएडा के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की उभरती हुई रिहायशी आबादी से जोड़ने का काम करेगी।

एक साथ आगे बढ़ रहे हैं तीन बड़े मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट

एनएमआरसी फिलहाल मेट्रो विस्तार की कई योजनाओं पर समानांतर रूप से काम कर रहा है। नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो के अलावा बौड़ाकी तक विस्तार और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट भी एजेंडे में शामिल हैं। इनमें से कुछ परियोजनाओं की डीपीआर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, एनएमआरसी इन परियोजनाओं से जुड़े टेंडर एक साथ जारी करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

शहर की कनेक्टिविटी बदल सकती है यह परियोजना

अगर नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को जल्द हरी झंडी मिलती है, तो इसका सीधा असर लाखों यात्रियों की दैनिक जिंदगी पर पड़ेगा। यह परियोजना केवल एक मेट्रो लाइन नहीं होगी, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन का नया ढांचा तैयार करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के विकसित होने से रिहायशी सेक्टरों की पहुंच बेहतर होगी, रियल एस्टेट को भी मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ेगा। आने वाले समय में यह रूट नोएडा-ग्रेनो वेस्ट क्षेत्र की शहरी जरूरतों के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। Noida News

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नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे तक सफर होगा और आसान, बनेगी नई एलिवेटेड रोड

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नोएडा होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा में एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर की तैयारी की जा रही है, जो चिल्ला से सेक्टर-94 तक विकसित होगा।

नोएडा में नई एलिवेटेड रोड की तैयारी
नोएडा में नई एलिवेटेड रोड की तैयारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 01:16 PM
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Noida News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नोएडा होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा में एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर की तैयारी की जा रही है, जो चिल्ला से सेक्टर-94 तक विकसित होगा। इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच यात्रा को ज्यादा तेज, सुगम और जाम-मुक्त बनाना है। बताया जा रहा है कि नोएडा प्राधिकरण इस महत्वाकांक्षी योजना को ऐसे ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में विकसित करना चाहती है, जिससे राजधानी की ओर से आने वाले वाहन बिना नोएडा के भीतरी हिस्सों में उतरे सीधे आगे बढ़ सकें। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो नोएडा के कई व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।

Noida में करीब 15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की तैयारी

इस नई योजना के तहत नोएडा में लगभग 15 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। फिलहाल चिल्ला एलिवेटेड रोड का निर्माण पहले से जारी है, जिसकी लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर बताई जा रही है। अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाकर सेक्टर-94 और उससे आगे पुस्ता मार्ग की दिशा में जोड़ने की तैयारी हो रही है। नोएडा के लिहाज से यह सिर्फ सड़क निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि यह शहर की ट्रैफिक संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित करने वाली परियोजना भी मानी जा रही है।

DND से सेक्टर-94 तक मजबूत होगा नोएडा का कनेक्शन

प्रस्तावित योजना के अनुसार DND से नोएडा के सेक्टर-94 तक एलिवेटेड लिंक विकसित किया जाएगा। इसके बाद इस कॉरिडोर को पुस्ता रोड से जोड़ने की तैयारी है, ताकि वाहन यमुना एक्सप्रेसवे की ओर सीधे बढ़ सकें। इस कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो दिल्ली से नोएडा के रास्ते आगरा, मथुरा या लखनऊ की तरफ सफर करते हैं। मौजूदा समय में नोएडा के भीतर कई हिस्सों से गुजरना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाता है। नए कॉरिडोर के बाद यह सफर अधिक व्यवस्थित और तेज हो सकेगा।

नोएडा के अंदरूनी ट्रैफिक पर पड़ेगा सीधा असर

अभी दिल्ली से आने वाले कई वाहन नोएडा के अंदरूनी मार्गों से होकर गुजरते हैं। इसकी वजह से सेक्टर-18, फिल्म सिटी, डीएनडी कनेक्टिंग रूट और एक्सप्रेसवे से जुड़े हिस्सों में अक्सर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। पीक आवर्स में नोएडा के कई प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम आम समस्या बन चुका है। ऐसे में नया एलिवेटेड कॉरिडोर नोएडा के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस परियोजना के पूरा होने पर शहर के भीतर अनावश्यक प्रवेश कम होगा और लंबी दूरी के वाहनों को अलग रूट मिल सकेगा। इससे नोएडा के स्थानीय यात्रियों को भी राहत मिलने की संभावना है।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण फिलहाल इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता यानी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करवाने में जुटी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), लागत, निर्माण मॉडल और समयसीमा तय की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा की तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और दिल्ली-एक्सप्रेसवे ट्रैफिक को देखते हुए ऐसे वैकल्पिक कॉरिडोर की जरूरत अब पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है। Noida News

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