नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले साइबर गैंग का पदार्फाश, एसटीएफ ने 6 को दबोचा
नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आॅनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था।

Noida News : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
कैसे खुला स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का राज?
23 जनवरी 2026 को गौतमबुद्ध नगर के कई निजी और सरकारी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए थे। इन ई-मेल्स के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना सूरजपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। धमकी भरे ई-मेल एक रिकवरी ई-मेल आईडी से जुड़े पाए गए, जिसकी लोकेशन गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में ट्रेस हुई। इसी आधार पर एसटीएफ ने गुप्त निगरानी शुरू की और अंतत: छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए चल रही थी करोड़ों की ठगी
जांच में पता चला कि आरोपी एक अवैध आॅनलाइन बेटिंग ऐप का संचालन कर रहे थे। यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी प्रचार के माध्यम से लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में छोटे-मोटे लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर उन्हें ठगा जाता था। गिरोह के सदस्य तकनीकी रूप से काफी दक्ष थे। उन्हें कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट का अनुभव था, जिससे वे विदेशी नंबरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क वर्ष 2023 से सक्रिय था और लगातार अपने तरीके बदलता रहता था।
नेपाल और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनंत कुमार (आगरा), अमीष जंग कारकी (नेपाल), दिव्यांशु (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल), केदारनाथ (नेपाल) और साहिल कुमार (बिहार) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कुछ आरोपी विदेशों, विशेषकर आॅस्ट्रेलिया और नेपाल से बीबीए और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी जानकारी ने उन्हें साइबर अपराध को संगठित तरीके से अंजाम देने में मदद की।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन मामलों में भूमिका निभाई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद डिजिटल डेटा से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना है कि यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय रहा हो।
लंबे समय से चल रही थी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, यूपी एसटीएफ पिछले कई महीनों से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने सटीक जानकारी जुटाई और सही समय पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। Noida News
Noida News : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
कैसे खुला स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का राज?
23 जनवरी 2026 को गौतमबुद्ध नगर के कई निजी और सरकारी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए थे। इन ई-मेल्स के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना सूरजपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। धमकी भरे ई-मेल एक रिकवरी ई-मेल आईडी से जुड़े पाए गए, जिसकी लोकेशन गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में ट्रेस हुई। इसी आधार पर एसटीएफ ने गुप्त निगरानी शुरू की और अंतत: छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए चल रही थी करोड़ों की ठगी
जांच में पता चला कि आरोपी एक अवैध आॅनलाइन बेटिंग ऐप का संचालन कर रहे थे। यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी प्रचार के माध्यम से लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में छोटे-मोटे लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर उन्हें ठगा जाता था। गिरोह के सदस्य तकनीकी रूप से काफी दक्ष थे। उन्हें कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट का अनुभव था, जिससे वे विदेशी नंबरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क वर्ष 2023 से सक्रिय था और लगातार अपने तरीके बदलता रहता था।
नेपाल और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनंत कुमार (आगरा), अमीष जंग कारकी (नेपाल), दिव्यांशु (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल), केदारनाथ (नेपाल) और साहिल कुमार (बिहार) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कुछ आरोपी विदेशों, विशेषकर आॅस्ट्रेलिया और नेपाल से बीबीए और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी जानकारी ने उन्हें साइबर अपराध को संगठित तरीके से अंजाम देने में मदद की।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन मामलों में भूमिका निभाई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद डिजिटल डेटा से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना है कि यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय रहा हो।
लंबे समय से चल रही थी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, यूपी एसटीएफ पिछले कई महीनों से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने सटीक जानकारी जुटाई और सही समय पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। Noida News












