उत्तर प्रदेश के साथ- साथ देशभर में ‘शूटर दादी’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ निशानेबाज प्रकाशी तोमर की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जौहड़ी गांव की रहने वाली प्रकाशी तोमर को नाक से जुड़ी गंभीर समस्या के बाद नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Noida News : उत्तर प्रदेश के साथ- साथ देशभर में ‘शूटर दादी’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ निशानेबाज प्रकाशी तोमर की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जौहड़ी गांव की रहने वाली प्रकाशी तोमर को नाक से जुड़ी गंभीर समस्या के बाद नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्वस्थ होने की खबर सामने आते ही खेल प्रेमियों, प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह प्रकाशी तोमर अपने घर पर रोजमर्रा के कामकाज में लगी हुई थीं। इसी दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, उनकी नाक की नस फटने के कारण स्थिति गंभीर हो गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। घर में अफरातफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद परिवार ने बिना देर किए उन्हें पहले बड़ौत के अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें नोएडा रेफर कर दिया। इसके बाद प्रकाशी तोमर को नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। परिवार की ओर से फिलहाल उनकी हालत पर करीबी नजर रखी जा रही है। प्रकाशी तोमर के नोएडा में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके चाहने वालों ने जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी है। निशानेबाजी से जुड़े खिलाड़ी, प्रशिक्षु शूटर और खेल जगत के लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार जानकारी ले रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब प्रकाशी तोमर को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा हो। इससे पहले भी सितंबर 2023 में सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। उस समय भी उनकी हालत को लेकर चिंता बढ़ गई थी, हालांकि इलाज के बाद वे स्वस्थ हो गई थीं। परिजनों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में उन्हें बुखार, ब्लड प्रेशर गिरने और सांस संबंधी परेशानियों जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। बढ़ती उम्र के कारण डॉक्टर भी उनकी देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
करीब 91 वर्ष की प्रकाशी तोमर सिर्फ बागपत या पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का नाम हैं। उन्होंने उस उम्र में निशानेबाजी की दुनिया में कदम रखा, जब अधिकांश लोग सक्रिय जीवन से दूरी बनाने लगते हैं। कहा जाता है कि उन्होंने लगभग 60 वर्ष की उम्र में पहली बार पिस्टल थामी और इसके बाद अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाई। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि उम्र कभी भी सपनों के रास्ते की दीवार नहीं बन सकती। अपनी सटीक निशानेबाजी और जज्बे के दम पर उन्होंने कई सम्मान हासिल किए और देशभर में अलग पहचान बनाई।
प्रकाशी तोमर के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके जीवन से प्रेरित होकर बनी फिल्म ‘सांड की आंख’ ने भी उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाया। इस फिल्म की शूटिंग उनके गांव जौहड़ी में हुई थी। फिल्म में अभिनेत्री तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने प्रकाशी तोमर और चंद्रो तोमर के किरदार निभाए थे। फिल्म के बाद से प्रकाशी तोमर का नाम खेल, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण प्रतिभा की मिसाल के रूप में और अधिक चर्चित हुआ। आज भी वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती हैं। Noida News