नोएडा में शादी के नाम पर युवती से दुष्कर्म, पैसे लेकर आरोपी फरार

नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने युवक पर शादी का भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाने, आर्थिक रूप से शोषण करने और बाद में विवाह से साफ मुकर जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

नोएडा ठगी का केस
नोएडा ठगी का केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 03:12 PM
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Noida News : नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने युवक पर शादी का भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाने, आर्थिक रूप से शोषण करने और बाद में विवाह से साफ मुकर जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऐप के जरिए हुई पहचान

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता, जो मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली है, ने बताया कि उसकी मुलाकात फरवरी 2026 में एक मोबाइल ऐप के माध्यम से जयंत कुमार सिंह नामक युवक से हुई थी। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो दोनों के बीच जल्द ही नजदीकियां बढ़ने लगीं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान युवक ने उससे शादी करने का आश्वासन दिया और भरोसे का रिश्ता कायम किया। पीड़िता के अनुसार, 16 फरवरी को आरोपी ने उसे नोएडा के सेक्टर-70 स्थित अपने कमरे पर बुलाया। वहां उसने शादी का वादा दोहराया, लेकिन बाद में उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि आरोपी ने भावनात्मक रूप से उसे अपने जाल में फंसाया और भरोसे का फायदा उठाया।

लोन और नकदी के नाम पर भी ठगी का आरोप

मामले में सिर्फ शारीरिक शोषण ही नहीं, बल्कि आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने युवती के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर दो किस्तों में करीब डेढ़ लाख रुपये का लोन ले लिया। इतना ही नहीं, उसके खाते से लगभग 85 हजार रुपये नकद भी निकलवा लिए गए। पीड़िता का कहना है कि नोएडा में मुलाकातों और बातचीत के दौरान आरोपी लगातार अपनी मजबूरियां गिनाकर उससे पैसे मांगता रहा। युवती का आरोप है कि जब उसने आरोपी से शादी की बात आगे बढ़ाने को कहा, तो उसने साफ मना कर दिया। इसके बाद जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तब भी आरोपी ने रकम लौटाने से इंकार कर दिया। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़िता ने नोएडा के थाना फेस-3 में शिकायत दर्ज कराई।

नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

इस मामले में नोएडा पुलिस का कहना है कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी जयंत कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Noida News

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नोएडा में रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई स्मार्ट, बुजुर्गों को मिलेगी सहूलियत

नोएडा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो खासतौर पर जमीन रजिस्ट्री कराने वाले बुजुर्गों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब नोएडा में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पहचान सत्यापन के लिए केवल अंगूठे के निशान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

नोएडा रजिस्ट्री अपडेट
नोएडा रजिस्ट्री अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 02:34 PM
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Noida News : नोएडा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो खासतौर पर जमीन रजिस्ट्री कराने वाले बुजुर्गों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब नोएडा में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पहचान सत्यापन के लिए केवल अंगूठे के निशान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिन लोगों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए आइरिस स्कैन यानी आंखों की पहचान के जरिए आधार सत्यापन की सुविधा शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से नोएडा के बुजुर्ग खरीदारों और विक्रेताओं को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक बन सकेगी।

फिंगरप्रिंट की दिक्कत से मिल सकेगी राहत

नोएडा के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर दिन बड़ी संख्या में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ कई लोगों के अंगूठों के निशान मशीन में सही तरह से दर्ज नहीं हो पाते। त्वचा का सूखापन, उंगलियों की सतह का घिस जाना और उम्रजनित बदलाव इसके बड़े कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में लोगों से अतिरिक्त पहचान पत्र और दूसरे दस्तावेज मांगे जाते थे, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया लंबी खिंच जाती थी। अब आइरिस स्कैन की सुविधा शुरू होने से नोएडा में इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

नोएडा में आधार सत्यापन व्यवस्था होगी और मजबूत

जमीन रजिस्ट्री में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए आधार आधारित सत्यापन को पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। अब नोएडा में इस प्रक्रिया को और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने आइरिस स्कैन तकनीक को शामिल करने की तैयारी तेज कर दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनकी पहचान अंगूठे के निशान से सत्यापित नहीं हो पा रही थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नोएडा के रजिस्ट्री कार्यालयों में ऐसे मामलों में आंखों की पुतली स्कैन कर आधार से मिलान किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि तेज, सटीक और ज्यादा सुरक्षित तरीके से हो सकेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से नोएडा में संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुगम बन जाएगी।

नोएडा की सभी तहसीलों में लगेगी आई स्कैन मशीन

शासन स्तर से नोएडा की सभी तहसीलों को आइरिस डिवाइस खरीदने के निर्देश जारी किए गए हैं। जैसे ही ये मशीनें उपलब्ध होंगी, नोएडा के संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों में इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। इससे बुजुर्गों को बार-बार पहचान साबित करने के झंझट से राहत मिलेगी और दस्तावेजी औपचारिकताओं का बोझ भी कम होगा। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा में इस नई तकनीक के लागू होने से न सिर्फ बुजुर्गों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूरी रजिस्ट्री प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। संपत्ति से जुड़े मामलों में पहचान सत्यापन की सटीकता बढ़ने से धोखाधड़ी की आशंका भी कम होगी।

नोएडा में रजिस्ट्री कराने वालों को मिलेगा सीधा लाभ

स्टांप एवं पंजीयन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आइरिस स्कैन डिवाइस की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसे जमीनी स्तर पर लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद नोएडा में रजिस्ट्री कराने आने वाले बुजुर्गों को अतिरिक्त पहचान पत्र दिखाने या लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Noida News

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नोएडा के यादव सिंह प्रकरण में नया मोड़, निलंबित इंजीनियर की बहाली संभव

नोएडा के बहुचर्चित 954 करोड़ रुपये के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से निलंबन झेल रहे प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह की बहाली का रास्ता अब खुलता नजर आ रहा है।

नोएडा में यादव सिंह प्रकरण फिर चर्चा में
नोएडा में यादव सिंह प्रकरण फिर चर्चा में
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 02:14 PM
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Noida News : नोएडा के बहुचर्चित 954 करोड़ रुपये के अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से निलंबन झेल रहे प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह की बहाली का रास्ता अब खुलता नजर आ रहा है। करीब 12 साल से सस्पेंड चल रहे इस इंजीनियर ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण में अपना पक्ष दाखिल कर दिया है। अब प्राधिकरण इस पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार, रामेंद्र सिंह का निलंबन शासन स्तर से हुआ था, इसलिए उनकी बहाली पर अंतिम फैसला भी शासन को ही लेना है। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण उनके सब्मिशन और अपने अभिमत के साथ विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेगा।

नोएडा में फिर चर्चा में आया पुराना घोटाला

करीब एक दशक पहले नोएडा प्राधिकरण में सामने आए अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया था। 954 करोड़ रुपये से जुड़े इस मामले में टेंडर प्रक्रिया, कंपनियों को लाभ पहुंचाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। अब इस मामले में निलंबित इंजीनियर की संभावित बहाली ने नोएडा में एक बार फिर इस पुराने प्रकरण को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

तीन अधिकारियों पर विभागीय जांच शुरू

इस मामले में सिर्फ बहाली की प्रक्रिया ही आगे नहीं बढ़ रही, बल्कि नोएडा प्राधिकरण के तीन अधिकारियों पर विभागीय शिकंजा भी कसता दिख रहा है। आरपी सिंह, जो इस समय महाप्रबंधक जल-सीवर एवं ईएंडएम के पद पर तैनात हैं, के अलावा निजामुद्दीन और प्रमोद के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। दोनों अधिकारियों का नोएडा से तबादला हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, ओएसडी स्तर के अधिकारी इस जांच को देख रहे हैं। जल्द ही तीनों अधिकारियों से जमीनी स्तर पर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिससे आगे की कार्रवाई तय होगी।

2020 में जारी हुई थी चार्जशीट

इस पूरे प्रकरण में वर्ष 2020 में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई थी। आरोप था कि अंडरग्राउंड केबलिंग से जुड़े कार्यों में कुछ पसंदीदा कंपनियों को टेंडर देकर अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसी मामले में यादव सिंह समेत 20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई थी। उसी चार्जशीट में प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह का नाम भी शामिल था। उस समय वह नोएडा प्राधिकरण के इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस-2 डिवीजन में तैनात थे। जांच के दौरान नाम सामने आने पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने राहत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली।

नोएडा प्राधिकरण ने क्या कहा

नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के मुताबिक, प्रोजेक्ट इंजीनियर की ओर से अपना पक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत कर दिया गया है। अब प्राधिकरण पूरे मामले का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजेगा। इस प्रकरण में आगे की दिशा और अगला प्रशासनिक कदम शासन के निर्णय के बाद ही तय होगा। Noida News

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