निठारी कांड के प्रमुख आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत के चार दिन बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। जिस मौत को शुरुआती तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या माना गया, उसकी परिस्थितियों को लेकर अब रहस्य गहराता जा रहा है।

Noida News : देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड के प्रमुख आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन उसकी मौत की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला माना था, लेकिन अब नाक और मुंह के पास मिले खून तथा शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिलने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह, इसका अंतिम निष्कर्ष मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही निकलेगा। Noida News
हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में सुरेंद्र कोली की छोटी सी चाय की दुकान थी। वहीं वह मृत मिला था। पुलिस की शुरुआती जांच में शव फंदे से लटका हुआ पाया गया था। घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज की जांच भी की गई, लेकिन अब तक किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में सबसे अहम सवाल नाक और मुंह के पास मिले खून को लेकर है। पुलिस अधिकारी के अनुसार शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। इसी वजह से चिकित्सकीय जांच के दौरान मौत के कारण को लेकर अतिरिक्त जांच की जा रही है। दो सदस्यीय मेडिकल पैनल द्वारा परीक्षण किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। Noida News
सुरेंद्र कोली के परिवार के कुछ सदस्यों ने उसकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। दूसरी तरफ निठारी कांड से जुड़े कुछ पीड़ित परिवारों की ओर से भी उसकी मौत को लेकर संदेह जताया गया है। हालांकि, इन आशंकाओं को अभी तक जांच में हत्या का प्रमाण नहीं माना गया है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही यह स्पष्ट कर सकती है कि वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। Noida News
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के कारण पूरे देश में चर्चित हुआ था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के आसपास मानव अवशेष मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। कोली उस बंगले में घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। मामले में लंबे समय तक चले मुकदमों के दौरान कोली को दोषी ठहराया गया और उसे मौत की सजा तक सुनाई गई। लेकिन बाद की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन के मामलों पर गंभीर सवाल उठे। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निठारी कांड से जुड़े उसके सभी मामलों में उसकी दोषसिद्धियां कायम नहीं रहीं और वह कानूनी तौर पर बरी हो गया। Noida News
सुरेंद्र कोली की जिंदगी का एक बेहद चर्चित अध्याय वर्ष 2014 का भी है, जब मेरठ जेल में उसे फांसी दिए जाने की तैयारी तक हो चुकी थी। बाद में कानूनी प्रक्रिया के कारण फांसी टल गई। लगभग एक दशक बाद, सभी मामलों से बरी होने के बाद वह जेल से बाहर आया और हरिद्वार में नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहा था। हरिद्वार में उसने चाय की छोटी दुकान शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक आर्थिक परेशानियों और तनाव की स्थिति भी सामने आई है। दूसरी ओर, उसके परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के कारण अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। Noida News
सुरेंद्र कोली की मौत के मामले में फिलहाल कई सवालों के जवाब आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी हैं—
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