
Swami Rambhadracharya : नोएडा (चेतना मंच)। रघुवंशी चार विधाओं का बहुत सम्मान करते हैं। ब्राह्मण, राष्ट्र, गौमाता तथा ईश्वर। ये चारों समान रूप से जीवन में समाये हुए हैं। रघुकुल का परिचय कराते हुए श्रीराम कथा के मर्मज्ञ जगदगुरू श्री रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि राम जैसा व्यक्तित्व न कभी पृथ्वी पर आया है और न ही आएगा।
श्री रामभद्राचार्य नोएडा स्टेडियम में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान करा रहे थे। पद्मविभूषण तथा कई भाषाओं व वेद ग्रंथों के ज्ञानी जगदगुरू श्रीरामभद्राचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रहित में कई अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। जिसमें जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को हटाना, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा ट्रिपल तलाक का हटाना प्रमुख है। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प था। आज हर्ष है कि ये तीनों ज्वलनशील असंभव कार्य पूरे हो गए। उन्होंने कहा कि 2024 तक भारत में गोहत्या पूरी तरह बंद हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण ब्राह्मांड की संस्कृति के मूल में रघुवंशी भगवान श्रीराम ही हैं। विश्व कल्याण के लिए हमें श्रीराम के पथ का अनुसरण करना होगा। खासतौर पर युवा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का अनुसरण करें। क्योंकि युवा आज मूल से भटक रहे हैं।
इससे पूर्व मर्मज्ञ कथा वाचक श्रीरामभद्राचार्य ने कथा स्थल पर श्री रामचरित मानस की विधिवत स्थापना की। पूजा-अर्चना के बाद श्रीरामकथा का श्रीगणेश किया। कथा का आयोजन श्रीरामराज फाउंडेशन तथा हनुमान सेवा न्यास द्वारा किया जा रहा है।
यह रामकथा 4 अगस्त तक चलेगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रामजन्म भूमि पर राम लला का भव्य मंदिर तैयार हो रहा है। श्री रामभद्राचार्य ने कहा कि यह देश हिन्दुस्तान नहीं बल्कि हिन्दुस्थान है। यहां रहना है तो अकबर या बाबर का नहीं रघुबर का ही स्मरण करना होगा। वे ही सनातन संस्कृति के मूल में हैं। Swami Rambhadracharya