स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े भूखंडों पर लगी रोक हटाने को मंजूरी दे दी गई, जिससे लंबे समय से अटकी करीब 10 हजार आवासीय फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। प्राधिकरण के इस फैसले के बाद संबंधित बिल्डरों को अपने लेआउट और नक्शे स्वीकृत कराने की अनुमति मिल जाएगी।

Noida News : नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर रियल एस्टेट, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ेगा। बैठक में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े भूखंडों पर लगी रोक हटाने को मंजूरी दे दी गई, जिससे लंबे समय से अटकी करीब 10 हजार आवासीय फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। प्राधिकरण के इस फैसले के बाद संबंधित बिल्डरों को अपने लेआउट और नक्शे स्वीकृत कराने की अनुमति मिल जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो कई वर्षों से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे।
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तें पूरी तरह लागू रहेंगी। बिल्डरों को निर्माण सुरक्षा मानकों, खेल सुविधाओं के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी 20 से अधिक शर्तों का पालन करना होगा। शेष धनराशि जमा करने और खेल सुविधाएं विकसित करने के बाद ही परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।
बोर्ड बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के लिए लागू यूनिफाइड पॉलिसी में बदलाव को भी मंजूरी दी गई। संशोधित नीति के तहत 800 वर्ग मीटर तक के छोटे भूखंडों और दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब नए उद्यमियों को आवेदन के समय आयकर रिटर्न, पूंजी विवरण और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने की बाध्यता नहीं होगी। नई व्यवस्था के अनुसार अब दादा-दादी और नाना-नानी से प्राप्त संपत्तियों पर ट्रांसफर शुल्क नहीं देना होगा। इससे आम नागरिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया भी आसान होगी।
नोएडा में सिटी लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि भारी वाहनों को ट्रैफिक जाम में फंसे बिना औद्योगिक इकाइयों तक आसानी से पहुंचाया जा सके। इस संबंध में स्कूल आॅफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रुड़की द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया है, जिसके आधार पर एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत चिन्हित 57 परियोजनाओं में से अब तक 36 को राहत मिल चुकी है। प्राधिकरण अधिकारियों का मानना है कि इन सभी फैसलों से रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और नोएडा में व्यापार व औद्योगिक विकास को नया प्रोत्साहन मिलेगा।