
अंजना भागी
Noida News : नोएडा अब लगभग 40-45 साल का प्रौढ़ हो चुका है, लेकिन शहर के बीच से दादरी तक बहने वाला बड़ा नाला सेक्टर-40 व अन्य सेक्टरों के लिए नासूर बना हुआ है। अब यह बड़ा नाला गंदगी व मच्छरों का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है।
नोएडा ने पिछले 40-45 सालों में विकास के कई आयाम स्थापित किए हैं। आज नोएडा में लगभग 163 सेक्टर हैं। इसके अलावा नोएडा में कई हाईराइज सोसायटियां हैं जिनकी एओए अलग हैं। नोएडा के सेक्टरों की आरडब्ल्यूए व एओए नोएडा के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सेक्टर-40 से गुजरने वाला नाला आज भी सेक्टरवासियों के लिए नासूर बना हुआ है। सेक्टर-40 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष ए.के. सहगल पिछले 30 वर्षोे से सेक्टर की आरडब्ल्यूए से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस बड़े नाले को गंदगी के ढ़ेर के रूप में तब्दील होते देखा है। श्री सहगल के मुताबिक यह नाला पूरे साल सेक्टर में मच्छरों की सप्लाई करता है। नाले से उठने वाली बदबू सेक्टर-40 जैसे महंगे सेक्टर में अपना घर बनाने वाले लोगों के लिए एक ऐसा नासूर है जिसे दूर करने की प्राधिकरण ने कभी जहमत नहीं उठाई।
श्री सहगल कहते हैं कि यदि गंदे नाले को कवर कर दिया जाता और कुछ साल पहले इसके किनारे नीम या पीपल के पेड़ लगा दिये जाते तो आज सेक्टर व नोएडा की तस्वीर कुछ और होती। गंदे नाले की समस्या 30 साल पुरानी है और लगातार आरडब्ल्यूए प्राधिकरण में नाले को कवर कराने के लिए प्रयास कर रही है। इसके अलावा जब सेक्टर-40 बना था तो बिजली के नये पोल लगे थे जिन्हें आज तक पेंट नहीं किया गया है। अगर इन पोल के बेस में ईंटों का बेस बनाते तो इनको जंग नहीं लगती। गल चुके पोल सेक्टर में हादसे का सबब भी बन सकते हैं।
अब समस्या यह होती है कि सेक्टरवासी आरडब्ल्यूए की ओर देखते हैं और आरडब्ल्यूए प्राधिकरण की ओर। ग्रीन बेल्ट से लगी दीवारें कई जगह टूटी हुई हैं इसका फायदा रेहड़ी-पटरी वाले भरपूर उठाते हैं। सेक्टर में पेड़ों की छंटाई भी समय पर नहीं होती है। वहीं पार्कों के रखरखाव में भी लापरवाही बरती जाती है।