
यह मुद्दा इन दिनों राजनीति व प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या एक अदने से सरकारी कर्मचारी की इतनी हिम्मत हो सकती है कि वह सरेआम भाजपा अध्यक्ष को न केवल धमकी दे, बल्कि गालियां तक दे डाले? भाजपा नेता के पिता से 1 लाख रूपये की रिश्वत मांगे और उसके विरूद्ध कोई कार्यवाही न हो? सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि यह कैसी सरकार है जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष का खुद का जायज काम भी एक छोटा सा कर्मचारी तक करने को तैयार नहीं है। ऐसे अध्यक्ष अथवा नेता आम जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं तथा अपने समर्थकों का क्या भला कर पाएंगे।View this post on Instagram