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कानून के जानकारों का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना क्षेत्र के कई बिल्डर जल्दी ही जेल की सलाखों के पीछे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI बिल्डरों की पूरी कुण्डली खंगाल रही है। शुक्रवार को CBI की अलग-अलग टीमों ने नोएडा तथा ग्रेटट नोएडा में कई नामी बिल्डरों के ठिकानों पर रेड की है। सबसे बड़ी रेड सुपर ठग के नाम से चर्चित सुपरटेक बिल्डर के मालिकों के ठिकानों पर की गई है। CBI के सूत्रों का कहना है कि बिल्डरों की जांच तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। CBI जल्दी ही इस जांच को अंतिम नतीजे तक ले जाएगी।
आपको बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इलाके में बने 24 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच एजेंसी इन प्रोजेक्ट्स में आर्थिक गड़बडय़िों की पड़ताल में जुटी है। खासकर उन मामलों में जहां सबवेंशन स्कीम के तहत होम लोन दिए गए थे और बाद में उसका गलत इस्तेमाल हुआ। सबवेंशन स्कीम के तहत बैंक सीधे बिल्डरों को होम लोन की रकम देते थे और बिल्डर उस रकम पर ब्याज (प्री ईएमआई) तब तक भरते थे जब तक फ्लैट की पजेशन न मिल जाए, लेकिन कई मामलों में बिल्डरों ने ब्याज भरना बंद कर दिया और फ्लैट भी समय पर नहीं दिए। इसके कारण खरीदारों को बिना घर मिले ही ईएमआई चुकानी पड़ी।
Noida News :
CBI ने पूरे मामले में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे की विकास प्राधिकरणों से दस्तावेज मांगे हैं। नोएडा प्राधिकरण से सुपरटेक, लॉजिक्स, जेपी इंफ्राटेक जैसे बिल्डरों के नौ प्रोजेक्ट्स की जानकारी मांगी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 11 परियोजना के रिकॉर्ड मांगे गए हैं, जिनमें सुपरटेक, शुभकामना और एवीजे हाइट्स शामिल हैं। यमुना प्राधिकरण (यीडा) से चार परियोजना की जानकारी दी गई है। सीबीआई ने प्राधिकरणों से लेआउट प्लान, मंजूरी पत्र, बकाया राशि, रजिस्ट्री की स्थिति और बिल्डरों की पूरी जानकारी मांगी है। Noida News :विज्ञापन