Noida News (चेतना मंच)। नोएडा की एमिटी विश्वविद्यालय में ‘कार्रवाई के माध्यम से शांति’ विषय पर त्रिदिवसीय एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशन्स ‘एएमआईएमयूएन 2024’ का आयोजन किया गया। इस एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशन के 10 सत्रों में देश के 22 राज्यों और 15 देशों से 1000 से अधिक प्रतिनिधि ऑनलाइन और ऑफलाइन हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्लोवेनिया दूतावास की राजदूत महामहिम सुश्री मतेजा वोडेब घोष ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मुख्य रुप से आपसी विश्वास पर आधारित होता है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का आदर, महिलाओं की सहभागिता आदि है। अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्लोवेनिया जलवायु परिवर्तन, दुनिया भर में विश्वास और शांति का निर्माण, खाद्य सुरक्षा, जल सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक व प्रसिद्ध शिक्षाविद् अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अपने पूरे विकास के दौरान एमिटी इंटरनेशनल मॉडल यूनाईटेड नेशन्स एक गतिशील मंच के रूप में विकसित हुआ है जो देश के अंदर विभिन्न राष्ट्रीयताओं और क्षेत्रों के सबसे प्रतिभाशाली और युवा मस्तिष्कों को एक साथ लाता है।
यूएसआई में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि डेनियल जे. ने कहा कि भारतीय मूल्यों में शांति मुख्य मूल्य है। विश्व में शांति की स्थापना के लिए प्रारंभ आपको स्वयं करना होगा। संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना, सांख्यिकी और सरकार स्वयं से शुरू होती है और सही कारण है कि 1.8 अरब आबादी वाले भारत ने शासन व कूटनीति के बीच संतुलन बनाये रखा। भारत में रशिया दूतावास के क्लचरल एटैचे मिखाइल एंटसिफेरोव व एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डॉ. बलविंदर शुक्ला ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।