नोएडा के सेक्टर-32 स्थित एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार देर रात 22 वर्षीय बीटेक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रा सोसाइटी की 28वीं मंजिल से नीचे गिर गई, जिससे मौके पर ही गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग स्तब्ध रह गए।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-32 स्थित एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार देर रात 22 वर्षीय बीटेक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रा सोसाइटी की 28वीं मंजिल से नीचे गिर गई, जिससे मौके पर ही गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग स्तब्ध रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 12:20 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके की ओर दौड़े, जहां छात्रा को खून से लथपथ हालत में पाया गया। सोसाइटी के अन्य निवासी भी वहां इकट्ठा हो गए और तुरंत परिजनों को सूचना दी गई।
घटना के तुरंत बाद छात्रा को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और सोसाइटी के लोग भी सदमे में हैं। जानकारी के मुताबिक, छात्रा मूल रूप से बस्ती की रहने वाली थी और पंजाब के एक कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रही थी। वह हाल ही में होली के अवसर पर अपने घर आई हुई थी और घटना से कुछ समय पहले तक परिवार के साथ सामान्य बातचीत कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि छात्रा पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थी। घटना से पहले परिवार के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा सकें। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा आघात है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक तनाव को गंभीरता से समझना जरूरी है। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या भावनात्मक दबाव से गुजर रहा है, तो उसे अकेला न छोड़ें। समय पर बातचीत और मदद कई जिंदगियां बचा सकती है।