UP News : प्रधानमंत्री के पसंदीदा अफसर "कौशल राज" का तबादला निरस्त होना बना चर्चा का विषय
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:42 AM
लखनऊ/वाराणसी/नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी (Lok Sabha constituency Varanasi) के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा (District Magistrate Kaushal Raj Sharma) का तबादला 24 घंटे के अंदर ही निरस्त हो गया है। वे अभी वाराणसी के जिलाधिकारी बने रहेंगे। श्री शर्मा का तबादला होना और फिर मात्र 24 घंटे में निरस्त होना 'चर्चा' का विषय बन गया है। कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को दिल्ली व लखनऊ के बीच के टकराव से भी जोड़कर देख रहे हैं।
मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले कौशल राज शर्मा 2006 बैच के उप्र कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने एम.टैक(M-Tech) करके भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) में प्रवेश किया है। पिछले 2 साल, 9 महीने (2 नवंबर 2019 से) वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने कल उन्हें वाराणसी से हटाकर प्रयागराज मंडल (इलाहाबाद) का कमिश्नर बना दिया था। यहां यह तथ्य खासतौर से उल्लेखनीय है कि उनकी पदोन्नति कमिश्नर स्तर पर हो चुकी है। उनके स्थान पर कुशीनगर के जिलाधिकारी एस. राजलिंगम को बनारस का जिलाधिकारी बनाया गया था।
मात्र 24 घंटे के अंदर कौशल राज शर्मा का प्रयागराज में किया गया तबादला रद्द कर दिया गया है। उनके तबादले पर तो चर्चाएं चल ही रही थीं। अब तबादला रदद होने के बाद चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कौशल राज शर्मा प्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण पद समझे जाने वाले नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने प्रयागराज में कमिश्नर के पद पर जाने से साफ मना कर दिया है। उनकी 'मनाही' इतनी भारी भरकम है कि प्रदेश सरकार को उनका तबादला रद्द करना पड़ा। कुछ प्रशासनिक अफसर, राजनेता व पत्रकार इस तबादले के प्रकरण को 'दिल्ली' व 'लखनऊ'के बीच चल रही 'रस्साकशी' से जोड़कर भी देख रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि अगले एक सप्ताह के दौरान श्री शर्मा की तैनाती को लेकर कोई तीसरी खबर भी आ सकती है।