राम गोविंद चौधरी का नोएडा से भी एक खास रिश्ता रहा है। 26 जनवरी 2005 को उन्होंने एमिटी परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराया था। आठ बार विधायक और यूपी विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष के निधन के बाद उनकी नोएडा से जुड़ी यह 21 साल पुरानी स्मृति फिर चर्चा में है।

Noida News: उत्तर प्रदेश की राजनीति के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जिन्हें केवल किसी पार्टी, किसी विधानसभा क्षेत्र या किसी पद से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उनका जीवन और उनका राजनीतिक सफर एक पूरे दौर की पहचान बन जाता है। स्वर्गीय राम गोविंद चौधरी भी ऐसे ही नेताओं में शामिल रहे। 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में उनके निधन के साथ उत्तर प्रदेश की समाजवादी राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। वह आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे, मंत्री रहे और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। राम गोविंद चौधरी का संबंध पूर्वांचल के बलिया से था, लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश तक था। नोएडा भी उनके राजनीतिक जीवन की स्मृतियों से अछूता नहीं रहा। नोएडा के इतिहास के पन्ने पलटें तो 26 जनवरी 2005 का एक ऐसा प्रसंग सामने आता है, जब तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राम गोविंद चौधरी ने नोएडा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया था। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था। नोएडा के इतिहास को करीब से देखने वाले लोगों के लिए यह उस दौर की एक यादगार घटना थी, जब तेजी से विकसित हो रहा नोएडा उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आधुनिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा था।
बात 26 जनवरी 2005 की है। सुबह करीब 9 बजे का समय था। नोएडा स्थित एमिटी के परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राम गोविंद चौधरी थे। समारोह में उन्होंने तिरंगा फहराया और गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। नोएडा के इतिहास से जुड़े इस प्रसंग की खासियत यह है कि उस समय राम गोविंद चौधरी उत्तर प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान केवल मंत्री के रूप में नहीं थी, बल्कि एक ऐसे समाजवादी नेता की थी, जिसने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया और लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद प्रदेश की राजनीति में अपना स्थान बनाया। नोएडा में उस समय तैनात रहे पुलिस अधिकारी सेवक राम यादव आज सेवानिवृत्त हो चुके हैं। लेकिन नोएडा में अपनी सेवा के दौरान देखे और आयोजित किए गए महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की यादें आज भी उनके जेहन में हैं। सेवक राम यादव के संस्मरण के अनुसार, 26 जनवरी 2005 का वह गणतंत्र दिवस समारोह उनके लिए इसलिए विशेष रहा क्योंकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राम गोविंद चौधरी जैसे वरिष्ठ समाजवादी नेता मौजूद थे। इसी कार्यक्रम में नोएडा के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौधरी भी तत्कालीन मंत्री राम गोविंद चौधरी की अगवानी में सक्रिय रहे थे।
आज जब राम गोविंद चौधरी हमारे बीच नहीं हैं तो 21 वर्ष पुरानी यह स्मृति और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जिस नोएडा में आज गगनचुंबी इमारतें, एक्सप्रेसवे, बहुराष्ट्रीय कंपनियां, विश्वविद्यालय और आधुनिक संस्थान दिखाई देते हैं, उस नोएडा के विकास के शुरुआती दौर की अनेक घटनाएं अब इतिहास का हिस्सा बनती जा रही हैं। राम गोविंद चौधरी का नोएडा आना और गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराना इसी इतिहास की एक कड़ी है। उनके निधन के बाद इस प्रसंग को याद करने का अर्थ केवल अतीत को दोहराना नहीं है। यह उस दौर को याद करना भी है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विचारधारा, संगठन और सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करने वाले नेताओं की एक पूरी पीढ़ी सक्रिय थी।
राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उपलब्ध विवरणों के अनुसार वह 1972 में बलिया के टीडी कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री और 1974 में अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1977 में पहली बार विधानसभा पहुंचे। उन्होंने बलिया की चिलकहर और बाद में बांसडीह विधानसभा सीट का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 से 2022 के बीच वह कुल आठ बार विधायक चुने गए। यह उपलब्धि अपने आप में उनके लंबे राजनीतिक जनाधार और निरंतर सक्रियता को दर्शाती है। उनका राजनीतिक सफर केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहा। वह उत्तर प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। वर्ष 1990 के दशक में मुलायम सिंह यादव की सरकार में उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी संभाली। बाद में 2003-04 के दौर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास रही। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में भी उन्होंने मंत्री के रूप में काम किया। Noida News:
राम गोविंद चौधरी की पहचान केवल संगठन के नेता की नहीं थी। विधानसभा में उनके भाषण, तर्क और सरकार से सवाल पूछने की शैली भी चर्चित रही। वर्ष 2017 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाला नेता बताया। अखिलेश यादव के अनुसार, विपक्ष के नेता के रूप में भी राम गोविंद चौधरी ने सदन में अपनी आवाज मजबूती से रखी और उनके बोलने पर सदन गंभीरता से सुनता था। उनके राजनीतिक जीवन पर चंद्रशेखर और समाजवादी आंदोलन के प्रभाव का भी उल्लेख मिलता है। आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष और छात्र आंदोलनों से उनका जुड़ाव उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी रहा।
राम गोविंद चौधरी उन नेताओं में रहे जिन्होंने समाजवादी राजनीति की कई पीढ़ियों के साथ काम किया। मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री के रूप में उन्होंने जिम्मेदारियां निभाईं और बाद में अखिलेश यादव सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। अखिलेश यादव ने उनके निधन को समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी के लिए क्षति बताया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि अलग-अलग राजनीतिक दौर में उनकी भूमिका बदलती रही—कभी विधायक, कभी मंत्री और कभी विधानसभा में विपक्ष की आवाज के रूप में।
लंबे सार्वजनिक जीवन के बाद राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हुआ। वह करीब 73-74 वर्ष के थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विभिन्न नेताओं ने शोक व्यक्त किया। 27 सितंबर को उनके पैतृक गांव गोसाईंपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
राम गोविंद चौधरी की राजनीतिक पहचान बलिया और पूर्वांचल से जुड़ी रही, लेकिन उनके सार्वजनिक जीवन की यादें नोएडा में भी मौजूद हैं। 26 जनवरी 2005 को नोएडा में फहराया गया तिरंगा और उस अवसर पर मौजूद तत्कालीन मंत्री राम गोविंद चौधरी की तस्वीर अब नोएडा के इतिहास की उन स्मृतियों में शामिल है, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां याद कर सकती हैं। आज जब नोएडा देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में गिना जाता है, तब उसके पुराने दौर से जुड़े ऐसे प्रसंग शहर के इतिहास को मानवीय चेहरा देते हैं। राम गोविंद चौधरी अब नहीं हैं। उनके निधन के बाद उनके राजनीतिक जीवन का मूल्यांकन इतिहास और आने वाली पीढ़ियां करेंगी। लेकिन नोएडा के इतिहास के एक अध्याय में उनका नाम उस दिन के साथ दर्ज है, जब 26 जनवरी 2005 की सुबह उन्होंने इस शहर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया था। यही वह रिश्ता है जो राम गोविंद चौधरी को उत्तर प्रदेश की राजनीति के इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ नोएडा की स्मृतियों से भी जोड़ता है। नोएडा शहर में बड़ी लोकप्रियता हासिल करने वाले पूर्व पुलिस उपाधीक्षक सेवक राम यादव इन दिनों नोएडा शहर के सेक्टर—49 में रहकर समाज की सेवा का बड़ा काम कर रहे हैं। उनकी निजी डायरी से हमें यह पूरा विवरण प्राप्त हुआ है। Noida News:
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