
Noida News / नई दिल्ली। यदि आप किसी भी प्रकार के वाहन के मालिक हैं तो बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है। आपके आसपास अनेक वाहन चोर सक्रिय हैं। ये वाहन चोर नोएडा से गाड़ी चोरी कर दिल्ली ले जाते हैं। दिल्ली में एक ऐसा मोहल्ला है, जहां चंद मिनटों में ही गाड़ी को काटकर कबाड़ में बदल दिया जाता है। आपकी गाड़ी एक बार इन चारों के हाथ लग गई तो समझ लीजिए फिर कभी नहीं मिलेगी। गाड़ी के एक एक पुर्जे को अलग अलग कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर 126 थाने की पुलिस ने वाहन चोरों का एक गिरोह पकड़ा है। इस गिरोह से चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। नोएडा कमिश्नरी के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि एक व्यक्ति ने अपनी सेंट्रो कार चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। इस दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर ज्ञानश्री स्कूल के पास से नजरुल, यासीन व राकेश को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी की दो कार बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह चोरी के वाहनों को नंद नगरी दिल्ली में इसरार कबाड़ी को बेचते हैं। पुलिस ने इसरार कबाड़ी को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 18 वाहनों की चेसिस, नंबर प्लेट व अन्य पुर्जे बरामद हुए हैं। एडीसीपी ने बताया कि नजरुल उर्फ समीर, यासीन व राकेश सुनसान जगह पर खड़े वाहनों की रेकी करने के बाद उसके पास अपने वाहन को खड़ा कर देते थे। किसी को शक ना हो इसके लिए वह अपनी कार का बोनट खोलकर उसके खराब होने का दिखावा करते थे।
इस दौरान मौका पाते ही वह गाड़ी को चोरी कर किसी पार्किंग में खड़ा कर देते थे। वाहन चोरी करने के बाद यह कबाड़ी से संपर्क कर वाहन के फोटो भेजकर सौदा तय करते थे। इसके अलावा आरोपी चोरी की गाड़ी की चेचिस नंबर व नंबर प्लेट का फोटो लेकर अपने साथी संजय को मोबाइल पर सेंड कर देते थे। संजय उसकी असली जैसी आरसी तैयार करा लेता था जिससे गाड़ी बेचने पर किसी को शक ना हो। चोरी की गाड़ी को आरोपी क्रेन के माध्यम से टो कराकर सुंदर नगरी दिल्ली के आफताब कबाड़ी को 70 से 80 हजार रूप में बेचते थे। दिल्ली पहुंचते ही आफताब चोरी के वाहन को कटवा देता था और कल पुर्जों को बेचने के लिए अपने पास रख लेता था। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए नज़रुल पर 35, यासीन पर 33 तथा राकेश के खिलाफ तीन मुकदमे पंजीकृत हैं। आरोपी आफताब व संजय की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों ने वाहन चोरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
वर्ष 2021 तक चोरी की गाड़ी काटने का धंधा मेरठ के सोती गंज मार्किट में चलता था। यहां ऐसे ऐसे कबाड़ी थे कि 10 मिनट में बाइक और 30 मिनट में पूरी कार को काटकर कबाड़ में बदल देते थे। मेरठ के सोती गंज को गाडियों का 'कमेला' कहा जाता था। सोती गंज मार्किट को एशिया की सबसे बड़ी स्क्रैब मार्किट के नाम से जाना जाता था। इस मार्किट के पुरानी से पुरानी गाड़ियों के पार्टस मिला करते थे। यहां कबाड़ी का धंधा करके कई कबाड़ी अबरपति तक बन गए। सोती गंज मार्किट का सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से भी अधिक हुआ करता था। इस बाजार में देशभर से चोरी की गई गाड़ियां लाकर मिनटों में काट दी जाती थी। विगत नवंबर 2021 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मार्किट पर बुलडोजर चलवाकर इसे बंद करा दिया था।
मेरठ के सोतीगंज पर ताला लगने के बाद से ही दिल्ली के अलग अलग मोहल्लों में कबाड़ी बाजार विकसित हो रहे हैं। दिल्ली का सुंदर नगरी मोहल्ला चोरी की गाड़ी काटने के एक बड़े अड्डे के रुप में विकसित हो रहा है। यहां नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद एंव गुरुग्राम से चुराए गए वाहन बड़ी संख्या में काटे जा रहे हैं। मात्र आधे घंटे में पूरी कार को पूर्जे पूर्जे करके कबाड़ में बदलने वाले कई कबाड़ी यहां सक्रिय है।