ससुराल में किसने चुराए लाखों रुपए? अब हुआ बुरा हाल
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:25 PM
नोएडा में चंद पैसों लालच में जीजा-साले का रिश्ता तार-तार हो गया। अक्सर मजीकियां अंदाज में रहने वाले जीजा ने साले की पत्नी को अपने प्लॉट खरीदने का 46 लाख रुपए रखने के लिए दिया, लेकिन इतना पैसा देखकर उसकी नियत खराब हो गई और अपने ही भतीजे से पैसा गायब करा दिया। अब दोनों परिवारों के बीच की रिश्तेदारी दुश्मनी में बदल गई। दोनों के बीच रिश्ता टूट गया। लाख कोशिश के बावजूद पैसे वापस नहीं मिले, तो पीड़ित ने कई ससुरालियों पर एफआईआर कराई है। Noida News
साले की पत्नी ने कर 46 लाख गायब
फरीदबाद केर रहने वाले एक शख्स का आरोप है कि उसने जमीन लेने के लिए अपने ससुराल वालों से संपर्क किया था। इसके बाद वह 46 लाख 50 हजार रुपये कैश लेकर नोएडा पहुंचा और अपने साले के पत्नी को रुपये रखने के लिए दिए, तो महिला ने पैसे अपने भतीजे के पास रुपये रखने की सलाह दी। जिस पर पीड़ित राजी हुआ और उसके कहने पर साले की पत्नी के भतीजे को रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद रिश्तेदारों ने रुपये चोरी होने की जानकारी दी। इसी मामले में नोएडा फेज दो थाने की पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन का सौदा करने के लिए गया था ससुराल
फरीदाबाद सेक्टर-83 निवासी अमित लव ने नोएडा पुलिस को बताया कि नोएडा के इलाहाबास गांव में उनकी ससुराल है। 4 नवंबर को वह नोएडा में जमीन लेने के लिए रुपये लेकर पहुंचे थे। जिसे अपने साले सतपाल की पत्नी को रुपये रखने के लिए दिया, तो उन्होंने मायके में भतीजे टीटू के पास रुपये रखने के लिए दे दिया। पीड़ित को दो दिन बाद उसी गांव में जमीन पसंद आ गई और उसने अगले दिन अपने रुपये टीटू से मांगने लगा। आरोप है कि टीटू ने पीड़ित को बताया कि वह रुपये जो उन्होंने दिए थे, उसे उनका सगा भाई लोकेश व उसके साथी तनिष्क, कृष्ण, सचिन, अमित ने घर में घुसकर चोरी कर लिया है। पीड़ित टीटू के साथ में आरोपियों की तलाश किया लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस ने छकाया, कोर्ट से मिली राहत
पीड़ित 9 नवंबर नोएडा के फेस-2 थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंचे। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों को थाने में बुलाया और पीड़ित का कहना है कि उस दौरान रुपये चोरी करने वाले युवकों ने घटना स्वीकार भी कर ली थी। जब पीड़ित 13 नवंबर को दोबारा थाने गए, लेकिन तब तक पुलिस चोरों को छोड़ चुकी थी। इस मामले में पीड़ित के कहने पर एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि एसएचओ ने पीड़ित को धमकाया और थाने में 7 से 8 घंटे बैठाए रखा। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट के आदेश पर फेज दो थाने में केस दर्ज हुआ है। Noida News