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17 अप्रैल 2026 को नोएडा शहर पूरे 50 साल को हो गया है। 50 साल पूरा करने पर नोएडा शहर का जन्मदिन (स्थापना दिवस) धूमधाम से मनाया गया। ऐसे में नोएडा शहर के इतिहास को जान लेना बहुत ही जरूरी हो जाता है।

Noida News : 17 अप्रैल 2026 को नोएडा शहर पूरे 50 साल को हो गया है। 50 साल पूरा करने पर नोएडा शहर का जन्मदिन (स्थापना दिवस) धूमधाम से मनाया गया। ऐसे में नोएडा शहर के इतिहास को जान लेना बहुत ही जरूरी हो जाता है। नोएडा शहर का इतिहास केवल इतना सा नहीं है कि नोएडा की स्थापना 17 अप्रैल 1976 को हुई थी और नोएडा पूरे 50 साल को हो गया है। दरअसल नोएडा वर्तमान में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाला क्षेत्र बन गया है। इसका सीधा सा अर्थ है कि नोएडा क्षेत्र उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सर्वाधिक कमाऊ (कमाई करने वाला) क्षेत्र बन गया है। Noida News
वर्तमान में जहां नोएडा शहर बसा हुआ है यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ क्षेत्र हुआ करता था। उत्तर प्रदेश का यह क्षेत्र हिंडन नदी तथा यमुना नदी के बीच का खादर हुआ करता था। खादर नदी के किनारे वाले अनउपजाऊ क्षेत्र को कहा जाता है। नोएडा की स्थापना से पहले नोएडा क्षेत्र के किसानों तथा मजदूरों के पास कमाई का कोई खास साधन नहीं था। इस क्षेत्र के लोग घरों में देशी शराब बनाकर उस शराब को दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्र में बेचा करते थे। इसी कारण नोएडा क्षेत्र के लोगों को शराब तोडऩे वाला कहा जाता था। लगभग हर साल बाढ़ आ जाने के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय तक पानी में डूबा रहता था। वर्तमान में आसमान को छू रहा है। नोएडा कल्पना कीजिए, 1970 के दशक की शुरुआत। यमुना और हिण्डन नदियों के बीच फैला खादर का इलाका, जहां 81 गांव बिखरे थे। किसान खेती करते, बाढ़ का साया हर साल मंडराता। बुलंदशहर जिले का यह सादा ग्रामीण क्षेत्र 1972 में प्लान किया गया और 17 अप्रैल 1976 को नोएडा (New Okhla Industrial Development Authority) के रूप में जन्मा। इमरजेंसी के दौर में संजय गांधी और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के दूरदर्शी सपने से यह शहर दिल्ली के औद्योगिक बोझ को कम करने और एक एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनाने के लिए शुरू हुआ। शुरुआत मुश्किल थी। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम 1976 के तहत प्राधिकरण गठित हुआ। ओखला इंडर्सट्रियल एरिया की तर्ज पर इसे नवीन ओखला औद्योगिक विकास एरिया नाम मिला, जिसका छोटा रूप नोएडा पड़ा। बुलंदशहर के तत्कालीन डीएम धीरेन्द्र मोहन मिश्रा पहले सीईओ बने, बाद में सुशील चंद त्रिपाठी पूर्णकालिक सीईओ हुए। दिल्ली के राज्य सूचना विभाग के एक छोटे दफ्तर से काम शुरू हुआ। जनता पार्टी सरकार ने एक बार इसे भंग करने की सलाह दी, लेकिन अफसरों ने कमेटी बनाकर बचाया और शर्त रखी। इसे इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। Noida News
1978 में दिल्ली की तर्जपर डीटीसी बस सेवा शुरू हुई। 1985-86 में उत्तर भारत की पहली टकसाल (मिंट) स्थापित हुई। एनएसईजेड - उत्तर भारत का पहला शुष्क बंदरगाह - यहां बना। नोएडा फिल्म सिटी ने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री को नई ऊंचाई दी। यमुना किनारे पुश्ता बनाया गया ताकि बाढ़ का खतरा कम हो। नोएडा गोल्फ कोर्स सेना ने तैयार किया। डीएनडी टोलब्रिज ( भारत का पहला 8-लेन एक्सप्रेसवे) ने दिल्ली से सीधा कनेवशन दिया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे ने क्षेत्र को और विस्तार दिया। 2006 मुलायम सिंह यादव सरकार ने मेट्रो का शिलान्यास (अमर सिंह द्वारा) और 2009 में मायावती ने मुख्यमंत्री रहते नोएडा सिटी सेंटर तक मेट्रो का उद्घाटन किया। 2007 के बाद रियल एस्टेट बूम आया- बिल्डर आवंटन, फ्लाईओवर और अंडरपास बने। आज लगभग 5000 औद्योगिक इकाइयां फेस-1, 2 और 3 में फैली हैं। सेक्टर-18 मॉल होटल और बाजार हब बन गए। सेक्टर-39 में एकमात्र राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय 1982 में सेक्टर 12 के एलआईजी फ्लैट से शुरू हुआ। Noida News
शुरू में बुलंदशहर जिले में 1976 में गाजियाबाद जिले में शामिल, 1997 में गौतमबुद्ध नगर जिला बना। राजनीतिक रूप से 1976-2009 तक दादरी विधानसभा और खुर्जा लोकसभा में, 2009 परिसीमन के बाद गौतमबुद्धनगर लोकसभा में 2012 में नोएडा नाम की अलग विधानसभा बनी। Noida News
50 साल के इस सफर में अब एक नया और सबसे चमकदार अध्याय जुड़ गया है। नोएडा के नाम को जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport, IATA कोड : DXN ) से जोड़ दिया गया है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हवाई अडडे के पहले चरण (Phase-1) का उद्घाटन किया। जेवर में स्थित यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट अधिकारिक रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम से जाना जाएगा। इसका कोड DXN दिल्ली (D), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (X) और नोएडा (N) को निकटता को दर्शाता है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब बनेगा, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करेगा। पूरी क्षमता पर पहुंचने पर यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। (225 मिलियन यात्रियों की वार्षिक क्षमता)। कमर्शियल फ्लाइट्स मई 2026 से शुरू होने की उम्मीद है-पहले घरेलू और कार्गो, बाद में अंतरराष्ट्रीय। दुनिया के हर हवाई अड्डे की फ्लाइट शेडयूल, बोर्डिंग पास, एयरलाइंस ऐप और ग्लोबल टै्रवल सिस्टम में अब नोएडा अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम दर्ज हो गया है। टिकट बुकिंग, एयरपोर्ट कोड सर्च या इंटरनेशनल कनेक्टिविटी में नोएडा सीधे सामने आएगा। यह न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर की जीत है बल्कि नोएडा की ब्रांडिंग का नया आयाम है। Noida News
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