नोएडा में 8 हजार फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री फिर अटकी, प्राधिकरण ने लगाई रोक
प्राधिकरण के इस फैसले का असर नोएडा के करीब 8,000 फ्लैट बायर्स पर पड़ रहा है। इनमें से करीब 4,500 फ्लैटों के लिए पहले ही NOC जारी की जा चुकी थी, जबकि बाकी लगभग 3,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री फिलहाल रोक दी गई है।

Noida News : नोएडा के हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए एक बार फिर रजिस्ट्री का सपना अधर में लटक गया है। करीब डेढ़ साल से ‘NOC’ के इंतजार में बैठे बायर्स को ताजा झटका तब लगा, जब नोएडा प्राधिकरण ने 21 ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों में रजिस्ट्री के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने पर रोक लगा दी। प्राधिकरण ने इन प्रॉजेक्टों के बिल्डरों को नोटिस भेजकर साफ कर दिया है कि तय शेड्यूल के अनुसार बकाया किस्तें जमा किए बिना न तो रजिस्ट्री की एनओसी मिलेगी और न ही किसी तरह का नीतिगत लाभ दिया जाएगा। प्राधिकरण के इस फैसले का असर नोएडा के करीब 8,000 फ्लैट बायर्स पर पड़ रहा है। इनमें से करीब 4,500 फ्लैटों के लिए पहले ही NOC जारी की जा चुकी थी, जबकि बाकी लगभग 3,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री फिलहाल रोक दी गई है।
अमिताभ कांत पॉलिसी से मिली थी राहत
दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र की अमिताभ कांत पॉलिसी को संशोधित रूप में अपनाकर नोएडा के रियल एस्टेट में जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश की थी। मकसद यही था कि सालों से अटके ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट फिर रफ्तार पकड़ें और नोएडा के हजारों फ्लैट बायर्स को रजिस्ट्री की लंबी प्रतीक्षा से राहत मिले। इस नीति के तहत नोएडा के 57 प्रॉजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनमें से 36 बिल्डरों ने नोएडा अथॉरिटी के साथ बकाया भुगतान का समझौता किया। लेकिन नोएडा की इसी राहत योजना में अब भुगतान की देरी सबसे बड़ी रुकावट बन गई। 36 में से 21 प्रॉजेक्टों के बिल्डर पहली किस्त जमा करने के बाद शेष रकम समय पर नहीं दे सके। नतीजा यह हुआ कि अथॉरिटी ने इन्हें डिफॉल्टर मानते हुए NOC पर रोक लगा दी और जिन परिवारों को लग रहा था कि अब नोएडा में उनके घर की रजिस्ट्री बस होने ही वाली है, उनके लिए उम्मीद फिर से फाइलों में उलझ गई।
1200 करोड़ से ज्यादा बकाया
नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, इन 21 प्रॉजेक्टों पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक बकाया फंसा हुआ है। अब तक करीब 257 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। 25% भुगतान आने के बाद ही करीब 4,500 फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए NOC जारी की गई थी, लेकिन शेष रकम अटकते ही बाकी रजिस्ट्री फ्रीज कर दी गई। ग्रुप हाउसिंग के ओएसडी क्रांति शेखर के अनुसार, जब तक बिल्डर तय शेड्यूल के अनुसार शेष 75% बकाया जमा नहीं करते, तब तक NOC जारी नहीं की जाएगी। यानी नोएडा में रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह भुगतान की समयसीमा से जुड़ गई है।
नोएडा के इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा असर
रोक का असर नोएडा के सेक्टर-137, 78, 108, 143, 76, 168, 61, 45, 93B, 75, 107, 50, 70 और 77 सहित कई इलाकों के ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों पर पड़ा है। प्रभावित बिल्डरों में इम्पीरियल हाउसिंग, नेक्सजेन इफाकॉन, लॉरिएट बिल्डवेल, गुलशन होम्स, स्काईटेक कंस्ट्रक्शन, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी, गार्डेनिया शेल्टर्स, जेएम हाउसिंग, प्रतीक बिल्डटेक, ओमेक्स ग्रुप समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। Noida News
Noida News : नोएडा के हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए एक बार फिर रजिस्ट्री का सपना अधर में लटक गया है। करीब डेढ़ साल से ‘NOC’ के इंतजार में बैठे बायर्स को ताजा झटका तब लगा, जब नोएडा प्राधिकरण ने 21 ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों में रजिस्ट्री के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने पर रोक लगा दी। प्राधिकरण ने इन प्रॉजेक्टों के बिल्डरों को नोटिस भेजकर साफ कर दिया है कि तय शेड्यूल के अनुसार बकाया किस्तें जमा किए बिना न तो रजिस्ट्री की एनओसी मिलेगी और न ही किसी तरह का नीतिगत लाभ दिया जाएगा। प्राधिकरण के इस फैसले का असर नोएडा के करीब 8,000 फ्लैट बायर्स पर पड़ रहा है। इनमें से करीब 4,500 फ्लैटों के लिए पहले ही NOC जारी की जा चुकी थी, जबकि बाकी लगभग 3,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री फिलहाल रोक दी गई है।
अमिताभ कांत पॉलिसी से मिली थी राहत
दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र की अमिताभ कांत पॉलिसी को संशोधित रूप में अपनाकर नोएडा के रियल एस्टेट में जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश की थी। मकसद यही था कि सालों से अटके ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट फिर रफ्तार पकड़ें और नोएडा के हजारों फ्लैट बायर्स को रजिस्ट्री की लंबी प्रतीक्षा से राहत मिले। इस नीति के तहत नोएडा के 57 प्रॉजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनमें से 36 बिल्डरों ने नोएडा अथॉरिटी के साथ बकाया भुगतान का समझौता किया। लेकिन नोएडा की इसी राहत योजना में अब भुगतान की देरी सबसे बड़ी रुकावट बन गई। 36 में से 21 प्रॉजेक्टों के बिल्डर पहली किस्त जमा करने के बाद शेष रकम समय पर नहीं दे सके। नतीजा यह हुआ कि अथॉरिटी ने इन्हें डिफॉल्टर मानते हुए NOC पर रोक लगा दी और जिन परिवारों को लग रहा था कि अब नोएडा में उनके घर की रजिस्ट्री बस होने ही वाली है, उनके लिए उम्मीद फिर से फाइलों में उलझ गई।
1200 करोड़ से ज्यादा बकाया
नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, इन 21 प्रॉजेक्टों पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक बकाया फंसा हुआ है। अब तक करीब 257 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। 25% भुगतान आने के बाद ही करीब 4,500 फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए NOC जारी की गई थी, लेकिन शेष रकम अटकते ही बाकी रजिस्ट्री फ्रीज कर दी गई। ग्रुप हाउसिंग के ओएसडी क्रांति शेखर के अनुसार, जब तक बिल्डर तय शेड्यूल के अनुसार शेष 75% बकाया जमा नहीं करते, तब तक NOC जारी नहीं की जाएगी। यानी नोएडा में रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह भुगतान की समयसीमा से जुड़ गई है।
नोएडा के इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा असर
रोक का असर नोएडा के सेक्टर-137, 78, 108, 143, 76, 168, 61, 45, 93B, 75, 107, 50, 70 और 77 सहित कई इलाकों के ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों पर पड़ा है। प्रभावित बिल्डरों में इम्पीरियल हाउसिंग, नेक्सजेन इफाकॉन, लॉरिएट बिल्डवेल, गुलशन होम्स, स्काईटेक कंस्ट्रक्शन, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी, गार्डेनिया शेल्टर्स, जेएम हाउसिंग, प्रतीक बिल्डटेक, ओमेक्स ग्रुप समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। Noida News












