नोएडा में 8 हजार फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री फिर अटकी, प्राधिकरण ने लगाई रोक

प्राधिकरण के इस फैसले का असर नोएडा के करीब 8,000 फ्लैट बायर्स पर पड़ रहा है। इनमें से करीब 4,500 फ्लैटों के लिए पहले ही NOC जारी की जा चुकी थी, जबकि बाकी लगभग 3,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री फिलहाल रोक दी गई है।

नोएडा प्राधिकरण की रोक
नोएडा प्राधिकरण की रोक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Feb 2026 11:36 AM
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Noida News : नोएडा के हजारों फ्लैट खरीदारों के लिए एक बार फिर रजिस्ट्री का सपना अधर में लटक गया है। करीब डेढ़ साल से ‘NOC’ के इंतजार में बैठे बायर्स को ताजा झटका तब लगा, जब नोएडा प्राधिकरण ने 21 ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों में रजिस्ट्री के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने पर रोक लगा दी। प्राधिकरण ने इन प्रॉजेक्टों के बिल्डरों को नोटिस भेजकर साफ कर दिया है कि तय शेड्यूल के अनुसार बकाया किस्तें जमा किए बिना न तो रजिस्ट्री की एनओसी मिलेगी और न ही किसी तरह का नीतिगत लाभ दिया जाएगा। प्राधिकरण के इस फैसले का असर नोएडा के करीब 8,000 फ्लैट बायर्स पर पड़ रहा है। इनमें से करीब 4,500 फ्लैटों के लिए पहले ही NOC जारी की जा चुकी थी, जबकि बाकी लगभग 3,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री फिलहाल रोक दी गई है।

अमिताभ कांत पॉलिसी से मिली थी राहत

दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र की अमिताभ कांत पॉलिसी को संशोधित रूप में अपनाकर नोएडा के रियल एस्टेट में जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश की थी। मकसद यही था कि सालों से अटके ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट फिर रफ्तार पकड़ें और नोएडा के हजारों फ्लैट बायर्स को रजिस्ट्री की लंबी प्रतीक्षा से राहत मिले। इस नीति के तहत नोएडा के 57 प्रॉजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनमें से 36 बिल्डरों ने नोएडा अथॉरिटी के साथ बकाया भुगतान का समझौता किया। लेकिन नोएडा की इसी राहत योजना में अब भुगतान की देरी सबसे बड़ी रुकावट बन गई। 36 में से 21 प्रॉजेक्टों के बिल्डर पहली किस्त जमा करने के बाद शेष रकम समय पर नहीं दे सके। नतीजा यह हुआ कि अथॉरिटी ने इन्हें डिफॉल्टर मानते हुए NOC पर रोक लगा दी और जिन परिवारों को लग रहा था कि अब नोएडा में उनके घर की रजिस्ट्री बस होने ही वाली है, उनके लिए उम्मीद फिर से फाइलों में उलझ गई।

1200 करोड़ से ज्यादा बकाया

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, इन 21 प्रॉजेक्टों पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक बकाया फंसा हुआ है। अब तक करीब 257 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं। 25% भुगतान आने के बाद ही करीब 4,500 फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए NOC जारी की गई थी, लेकिन शेष रकम अटकते ही बाकी रजिस्ट्री फ्रीज कर दी गई। ग्रुप हाउसिंग के ओएसडी क्रांति शेखर के अनुसार, जब तक बिल्डर तय शेड्यूल के अनुसार शेष 75% बकाया जमा नहीं करते, तब तक NOC जारी नहीं की जाएगी। यानी नोएडा में रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह भुगतान की समयसीमा से जुड़ गई है।

नोएडा के इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा असर

रोक का असर नोएडा के सेक्टर-137, 78, 108, 143, 76, 168, 61, 45, 93B, 75, 107, 50, 70 और 77 सहित कई इलाकों के ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्टों पर पड़ा है। प्रभावित बिल्डरों में इम्पीरियल हाउसिंग, नेक्सजेन इफाकॉन, लॉरिएट बिल्डवेल, गुलशन होम्स, स्काईटेक कंस्ट्रक्शन, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी, गार्डेनिया शेल्टर्स, जेएम हाउसिंग, प्रतीक बिल्डटेक, ओमेक्स ग्रुप समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। Noida News

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गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल, DCP नोएडा को मिला नया नेतृत्व

नए आदेशों के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों प्रमुख शहरों में नेतृत्व परिवर्तन कर कानून-व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने और ग्राउंड लेवल पर कार्रवाई को तेज करने पर फोकस किया गया है।

कमिश्नरेट का बड़ा फैसला
कमिश्नरेट का बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Feb 2026 11:36 AM
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Noida News : गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। गौतमबुद्धनगर जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से डीसीपी स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। नए आदेशों के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों प्रमुख शहरों में नेतृत्व परिवर्तन कर कानून-व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने और ग्राउंड लेवल पर कार्रवाई को तेज करने पर फोकस किया गया है।

नोएडा की कमान अब साद मियां खान के हाथ

जारी आदेशों के मुताबिक, अब तक डीसीपी ग्रेटर नोएडा के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ अधिकारी साद मियां खान को अब डीसीपी नोएडा बनाया गया है। नोएडा में तेजी से बढ़ती आबादी, इंडस्ट्रियल बेल्ट, हाई-ट्रैफिक कॉरिडोर और संवेदनशील इलाकों की पुलिसिंग इन सबके बीच साद मियां खान की नई भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि उनके अनुभव से नोएडा में क्राइम कंट्रोल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और रात्रि गश्त व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा को भी मिले नए डीसीपी

वहीं, प्रतीक्षा सूची में चल रहे डॉ. प्रवीन रंजन को डीसीपी ग्रेटर नोएडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रेटर नोएडा तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां औद्योगिक इकाइयों, आवासीय सेक्टरों, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और बढ़ते शहरी दबाव के साथ कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में डॉ. रंजन के सामने अपराध पर नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों की निगरानी और त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। Noida News

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न्यू नोएडा शहर होगा सबसे सुन्दर शहर, जल्दी ही काम शुरू

न्यू नोएडा शहर को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है। नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है।

न्यू नोएडा शहर
न्यू नोएडा शहर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Feb 2026 04:40 PM
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Noida News : नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना सिटी के बाद जल्दी ही न्यू नोएडा शहर बसाया जाएगा। न्यू नोएडा शहर केवल उत्तर प्रदेश का ही नहीं बल्कि भारत का सबसे सुन्दर शहर बनेगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने का काम जल्दी ही शुरू होने वाला है। न्यू नोएडा शहर को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है। नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है।

नोएडा प्राधिकरण ने जमीन के रेट का प्रस्ताव रखा

नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए जमीन के अधिग्रहण की दिशा में ठोस कदम उठाया है। न्यू नोएडा शहर के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की दर के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा है। जानकारी मिली है कि नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए जमीन के मुआवजे की दर 4300 रूपए प्रति वर्ग मीटर का प्रस्ताव शासन के सामने रखा है। इस प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश शासन की अनुमति मिलते ही प्रस्ताव को नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड में रखा जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड से प्रस्ताव पास होते ही न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

कुल 80 गाँवों की जमीन पर बसेगा न्यू नोएडा शहर 

न्यू नोएडा शहर कुल 80 गाँवों की जमीन पर बसाया जाएगा। भविष्य का सबसे सुन्दर शहर न्यू नोएडा को बसाने के लिए गौतमबुद्धनगर जिले के 20 गाँव तथा बुलंदशहर जिले के 60 गाँव की जमीन को पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है। अधिसूचित किए गए गाँवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंध के बावजूद न्यू नोएडा शहर के लिए अधिसूचित गाँवों की जमीन की खरीद-फरोख्त धड़ल्ले से चल रही है। न्यू नोएडा क्षेत्र में जमीनों की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए जल्दी ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को तैनात करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

न्यू नोएडा शहर के लिए खरीदी जाएगी 20911 हेक्टेयर जमीन

न्यू नोएडा शहर को 20911 हेक्टेयर जमीन के ऊपर स्थापित किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा शहर के लिए जमीन लेने के लिए हाईब्रिड मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इस माडल में आपसी सहमति और लैंड पूल दोनों को बताया गया। इन दोनों के जरिये ही अधिग्रहण किया सकता है। नोएडा ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण की मुआवजे की दर अभी अलग-अलग है। इन तीनों में एकरूपता लाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। ताकि जनपद में मुआवजा दर को लेकर किसानों का आंदोलन न हो। मुआवजा दर क्या होनी चाहिए उस पर विचार किया जा रहा है। इसे मौजूद दर से बढ़ाया जाएगा। बढ़ा मुआवजा दर तीनों प्राधिकरण के लिए समान होगा। इसी दर से न्यू नोएडा के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। Noida News

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