Noida News: इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह सड़क सेक्टर-135 से आगे बढ़कर सेक्टर-150 तक पहुंचेगी और सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी।

नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही यमुना पुस्ता रोड का करीब 10 किलोमीटर तक विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह सड़क सेक्टर-135 से आगे बढ़कर सेक्टर-150 तक पहुंचेगी और सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी। इस नए कनेक्शन से न सिर्फ लोगों का सफर आसान होगा बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य सिंचाई विभाग करेगा, जबकि पूरी लागत नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच इस योजना को लेकर बैठक हो चुकी है और अब डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डिजाइन मंजूर होने के बाद टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्माण कार्य शुरू होगा।
फिलहाल यमुना पुस्ता रोड सेक्टर-94 से शुरू होकर सेक्टर-135 तक बनी हुई है। इसके आगे सेक्टर-168 के पास सड़क अधूरी और कई जगह कच्ची है। नई योजना के तहत इस पूरे हिस्से को चार लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस विस्तार के बाद कालिंदी कुंज से आने वाले वाहन बिना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अधिक दबाव डाले सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों का समय बचेगा और ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी।
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि सेक्टर-150 के पास यमुना पुस्ता रोड को रोटरी के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इससे नोएडा और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा। बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा आसपास के रिहायशी इलाकों, औद्योगिक क्षेत्रों और आने वाले समय में विकसित होने वाले नए सेक्टरों को भी मिलेगा।
यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। यमुना पुस्ता एक बंधे के रूप में भी काम करता है। इसकी लंबाई बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों को बाढ़ से अतिरिक्त सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। इसी वजह से सड़क विस्तार और बंधे को मजबूत करने का काम साथ-साथ किया जाएगा। इससे विकास और सुरक्षा, दोनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा किया जा सकेगा।
नई सड़क के साथ-साथ मौजूदा पुस्ता रोड की मरम्मत और रिसर्फेसिंग का काम भी किया जा रहा है। इस पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सड़क की गुणवत्ता बेहतर होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा। यमुना सिटी के कई सेक्टरों में अधूरी सड़कों को पूरा करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सेक्टर-5ए, 7, 8डी, 8ई और 8एफ में जमीन आवंटन का काम जारी है। इन इलाकों में जहां सड़कें अधूरी हैं, वहां किसानों से सहमति के बाद निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। प्राधिकरण का लक्ष्य इन सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विकसित करना है ताकि नई आवासीय और औद्योगिक परियोजनाएं समय पर शुरू हो सकें।
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