UP Nikay Chunav-2023 : मायावती ने बिगाड़ दिया अखिलेश यादव का बना बनाया खेल
Mayawati spoils the game made by Akhilesh Yadav
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:53 AM
बहुजन समाज पार्टी ने मेरठ के मेयर के लिए मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर सपा की नींद उड़ा दी है। सपा की सीमा प्रधान के सामने बसपा के हसमत मलिक के ताल ठोकने से बीजेपी की राह आसान दिखने लगी है। आरोप लग रहे हैं कि भाजपा की राह आसान करने के लिए ही बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान उतारा है।
UP Nikay Chunav-2023
बिगड़ गई सपा की गणित!
बीजेपी की राह मुश्किल करने और इस मैदान को जीतने के लिए अखिलेश यादव ने विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान के रूप में जो गुर्जर कार्ड खेला तो मायावती ने इसके जवाब में मुस्लिम एससी कार्ड खेलकर हसमत मलिक को मैदान में उतारकर बाजी पलट दी। मायावती का ये दांव साइकिल की राह में कांटे बिछाने वाला माना जा रहा है। बहनजी से आशीर्वाद लेकर मेरठ पहुंचते ही बसपा प्रत्याशी हसमत मलिक के तेवर सपा और उसके विधायक अतुल प्रधान पर आक्रामक हो गए।
बीएसपी प्रत्याशी ने अतुल प्रधान को बाहरी बताकर बड़ा दांव चल दिया। उन्होंने कहा कि वो सरधना से हैं, जहां जाने में घंटों लगेंगे, जबकि वो लोकल हैं। मेरठ में मुस्लिमों की बड़ी आबादी होने के बावजूद दूसरी बिरादरी को टिकट देने को लेकर अखिलेश यादव को भी उन्होंने निशाने पर लिया।
UP Nikay Chunav-2023
बिगड़ सकता है अखिलेश का खेल
अब बीएसपी का ये दांव अखिलेश यादव का खेल कैसे बिगाड़ सकता है। उसका आंकड़ा भी आपको समझा देते हैं। मेरठ नगर निगम क्षेत्र में मुस्लिमों की आबादी सबसे बड़ी यानि चार लाख से भी ज्यादा है। अनुमान के मुताबिक गुर्जर 30 हजार से 40 हजार तक हैं। जबकि एससी समाज के वोट डेढ़ लाख से ज्यादा हैं। वैश्य समाज 2 लाख और पंजाबी करीब एक लाख हैं। इसके अलावा ब्राह्मण 80 हजार और अन्य एक लाख से ज्यादा हैं।
मुस्लिमों की आबादी सबसे ज्यादा होने के बावजूद यहां अखिलेश ने एम वाई फैक्टर से अलग हटकर गुर्जर मुस्लिम कार्ड खेला। इससे मुस्लिम बेहद खफा हो गए। मुस्लिमों की इतनी बड़ी आबादी को अखिलेश ने कैसे दरकिनार कर दिया। मुस्लिमों की ये नाराजगी मायावती को समझ आ गई और उन्होंने बड़ा दांव चल दिया। यहां से हसमत मलिक को टिकट देकर अखिलेश की टेंशन बढ़ा दी। मायावती को लगता है मुस्लिम एससी के साथ अन्य बिरादरी के वोट लेकर चौथी बार मेरठ में मैदान जीता जा सकता है। बीएसपी के इस बड़े दांव पर सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान के पति विधायक अतुल प्रधान का कहना है किसने क्या कार्ड खेला, इससे फर्क नहीं पड़ता। हमारा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। सीमा प्रधान मेरठ की मेयर बनेंगी।
सपा के खिलाफ आरएलडी के बागी तेवर
सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान के खिलाफ पहले से ही आरएलडी बागी तेवरों में है। अब सपा के खिलाफ बसपा के इस दांव ने मुश्किल और बढ़ा दी है। बसपा के इस मुस्लिम कार्ड से बीजेपी को अपनी राह आसान नजर आ रही है। चर्चा चल रही थी कि सपा की साइकिल मजबूती से दौड़ेगी और बीजेपी के लिए जीतना आसान नहीं होगा, लेकिन मायावती ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर साइकिल की स्पीड कम कर दी है। हालांकि बीजेपी का कहना है कोई आए किसी का टिकट हो, हमारे से किसी का मुकाबला ही नहीं है। हालांकि अभी बीजेपी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। फिलहाल, कांग्रेस के नसीम कुरैशी, आप से ऋचा सिंह मैदान में हैं।
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