मध्य प्रदेश के 1.17 लाख सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भावांतर भुगतान योजना की चौथी किस्त के तहत आज 200 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ, पैसा कब आएगा, सोयाबीन का मॉडल रेट क्या है और सीएम किसान कल्याण योजना की अगली किस्त से जुड़ी पूरी जानकारी।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए आज का दिन बड़ी राहत और खुशी लेकर आया है। राज्य के 1 लाख 17 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में आज भावांतर भुगतान योजना की चौथी किस्त ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जनवरी, गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी करेंगे। इससे सोयाबीन किसानों को मंडी में कम दाम मिलने की भरपाई होगी और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
भावांतर भुगतान योजना की यह चौथी किस्त उन किसानों को दी जाएगी जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की अवधि समाप्त होने तक अपनी सोयाबीन फसल मंडी में बेची थी। अगर इस अवधि में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिले हैं तो उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी जिससे किसी तरह की परेशानी या देरी न हो।
सोयाबीन के लिए लागू भावांतर योजना के तहत अब तक मध्य प्रदेश के 7 लाख 10 हजार किसानों के खातों में कुल 1492 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह योजना किसानों को बाजार में गिरते दामों से बचाने और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
भावांतर योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदसौर जिले को 69.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें 51.91 करोड़ रुपये की लागत से मल्हारगढ़ 4-लेन फ्लाईओवर का भूमि-पूजन, 5.53 करोड़ रुपये से पिपलिया मंडी रेलवे अंडर ब्रिज और 2.06 करोड़ रुपये से मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत 2019 में मध्य प्रदेश सरकार ने की थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को मंडी में MSP से कम कीमत मिलने पर आर्थिक सुरक्षा देना है। पिछले साल सरकार ने सोयाबीन किसानों को भी इस योजना में शामिल किया। यदि किसान मंडी में अपनी फसल MSP से कम दाम पर बेचते हैं तो उस अंतर की राशि सरकार सीधे उनके खाते में ट्रांसफर करती है।
सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था। इसके बाद नियमित रूप से मॉडल रेट जारी होते रहे। 5 जनवरी को सोयाबीन का मॉडल रेट 4458 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। यदि तय अवधि में किसानों को इससे कम दाम मिले हैं तो सरकार द्वारा उसकी भरपाई की जाएगी।
हालांकि राज्य के लाखों किसान अब भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी हो चुकी है लेकिन सीएम किसान कल्याण योजना के 2000 रुपये अभी तक किसानों के खाते में नहीं आए हैं। प्रदेश के करीब 83 लाख किसान 14वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।