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बिहार सरकार का कहना है कि किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए Farmer Registry बेहद जरूरी हो गई है। इसके बिना आने वाले समय में कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। राज्य में लाखों किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं और सरकार अब उन्हें अंतिम मौका देने की तैयारी में है।

बिहार के किसानों के लिए बेहद जरूरी अपडेट सामने आया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 23वीं किस्त जल्द जारी होने की उम्मीद है लेकिन उससे पहले सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जिन किसानों ने अभी तक Farmer ID नहीं बनवाई है उनकी किस्त अटक सकती है। यही वजह है कि अब राज्य सरकार ने एक बार फिर विशेष अभियान शुरू किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा कराया जा सके।
बिहार सरकार का कहना है कि किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए Farmer Registry बेहद जरूरी हो गई है। इसके बिना आने वाले समय में कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। राज्य में लाखों किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं और सरकार अब उन्हें अंतिम मौका देने की तैयारी में है।
बिहार एग्रीस्टैक पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पीएम किसान योजना के करोड़ों लाभार्थी हैं। इनमें से बड़ी संख्या में किसानों ने Farmer ID के लिए आवेदन कर दिया है लेकिन अभी भी करीब 38 लाख से ज्यादा किसान ऐसे हैं जिनकी Farmer ID नहीं बनी है। सरकार को चिंता है कि अगर यह काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में किसान पीएम किसान योजना की अगली किस्त से वंचित हो सकते हैं। इसी वजह से 12 मई से 30 जून तक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि Farmer ID अब सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कह चुके हैं कि जिन किसानों के पास 30 जून तक Farmer ID नहीं होगी उन्हें पीएम किसान योजना समेत दूसरी कृषि योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत हो सकती है। अब बिहार सरकार ने भी यही संकेत दिए हैं। हालांकि पिछली बार कुछ किसानों को राहत मिली थी और बिना Farmer ID के भी किस्त जारी कर दी गई थी, लेकिन इस बार सरकार सख्त रुख में नजर आ रही है।
राज्य में Farmer Registry की रफ्तार अभी भी काफी धीमी बताई जा रही है। कई किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों और जमाबंदी रिकॉर्ड में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में ऐसे कई किसान हैं जिनके कागज पूरे नहीं हैं या रिकॉर्ड अपडेट नहीं है। इसी वजह से सरकार ने पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाने का फैसला किया है ताकि किसानों को ज्यादा भागदौड़ न करनी पड़े और मौके पर ही उनकी Farmer ID बनाई जा सके।
अगर कोई किसान खुद ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहा है तो वह अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या राजस्व कर्मचारी से मदद ले सकता है। इसके अलावा नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर भी Farmer Registry कराई जा सकती है। जो किसान मोबाइल से खुद आवेदन करना चाहते हैं उन्हें Bihar Agristack Portal पर नया अकाउंट बनाना होगा। आधार नंबर और OTP के जरिए लॉगिन करने के बाद जमीन से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद e-sign प्रक्रिया पूरी करने पर Farmer ID का काम पूरा हो जाएगा।
Farmer ID बनवाने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, जमीन से जुड़े जमाबंदी के कागज और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। सरकार बार-बार किसानों से अपील कर रही है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कर लें ताकि भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।
PM किसान योजना देश के किसानों के लिए बड़ी आर्थिक मदद मानी जाती है। हर साल किसानों के खाते में सीधे पैसे भेजे जाते हैं जिससे खेती और घर के खर्च में मदद मिलती है। ऐसे में अगर Farmer ID की वजह से किस्त रुकती है तो लाखों किसानों को परेशानी हो सकती है। इसीलिए सरकार अब किसानों को लगातार जागरूक कर रही है कि वे 30 जून से पहले अपनी Farmer ID जरूर बनवा लें। समय रहते यह काम पूरा करना आने वाले समय में बेहद जरूरी साबित हो सकता है।
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