Jeevika Sudha Kendra Yojana: इसके तहत जिले की सभी 182 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही गांवों में सुधा के दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

बिहार के बांका जिले की ग्रामीण महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से जीविका परियोजना ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले की सभी 182 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही गांवों में सुधा के दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। जिला प्रशासन और जीविका परियोजना का मानना है कि इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
जीविका सुधा बिक्री केंद्र योजना को बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ (सुधा) के सहयोग से लागू किया जा रहा है। यह पहल सात निश्चय-3 के तहत संचालित की जा रही है। योजना में सबसे पहले उन जीविका दीदियों को मौका दिया जाएगा जो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी हुई हैं। हर बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए अधिकतम 60 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। हालांकि लाभार्थी महिला को अपने स्तर पर 15 हजार रुपये कार्यशील पूंजी के रूप में निवेश करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहयोग देना है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि से बिक्री केंद्र को जरूरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें 300 लीटर क्षमता का डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की रंगाई-पुताई, आवश्यक मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर विशेष संचार टीम बनाई गई है। इसके अलावा सीएलएफ, वीओ, बीपीआईयू और स्वयं सहायता समूहों की बैठकों के माध्यम से भी महिलाओं को आवेदन और योजना से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
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जीविका सुधा बिक्री केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। जिला स्तर पर अब तक करीब 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, लोकोस आईडी, दुकान की फोटो, बिजली कनेक्शन का प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और दुकान के स्वामित्व या किरायानामा से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही आवेदन पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का संबंधित पंचायत का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह से लिए गए ऋण का पूरा भुगतान होना चाहिए। आवेदक के पास लगभग 70 वर्गफुट की दुकान, बिजली कनेक्शन और सड़क से जुड़ा व्यावसायिक स्थान होना भी अनिवार्य है। सभी पात्रता शर्तों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही बिक्री केंद्र की मंजूरी दी जाएगी।
जिला परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी 182 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की तैयारी शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जीविका से जुड़ी महिलाओं को लगातार योजना की जानकारी दी जा रही है और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार और आय का स्थायी स्रोत मिलेगा।
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