Bihar Diesel Subsidy Scheme: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में कहा कि जिन इलाकों में बारिश कम हुई है वहां किसानों को सिंचाई के लिए डीजल अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

बिहार में इस बार मानसून की रफ्तार काफी कमजोर रही है। जुलाई खत्म होने के करीब है लेकिन कई जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। खेतों में नमी की कमी और पानी की दिक्कत को देखते हुए किसानों में सूखे की चिंता बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में चर्चा हुई जहां सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में कहा कि जिन इलाकों में बारिश कम हुई है वहां किसानों को सिंचाई के लिए डीजल अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
विधानसभा में बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार लगातार बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश और फसलों की स्थिति की रिपोर्ट भेजें। जहां सुखाड़ की स्थिति बनने लगेगी वहां तुरंत राहत उपाय शुरू किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर सिंचाई की सुविधा मिले इसके लिए बिजली आपूर्ति और डीजल अनुदान दोनों व्यवस्थाएं साथ-साथ लागू की जाएंगी।
सरकार ने किसानों के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पर्याप्त बिजली देने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यह है कि किसान अपने खेतों में ट्यूबवेल और पंप चलाकर सिंचाई कर सकें। कम बारिश की वजह से धान, मक्का और दूसरी खरीफ फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है। ऐसे में नियमित बिजली मिलने से किसानों को राहत मिल सकती है और फसल बचाने में मदद मिलेगी।
जब बारिश कम होती है तो किसानों को डीजल पंप के जरिए खेतों में पानी पहुंचाना पड़ता है। डीजल महंगा होने की वजह से सिंचाई का खर्च काफी बढ़ जाता है। इसी खर्च को कम करने के लिए बिहार सरकार डीजल अनुदान योजना चलाती है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को डीजल पर सब्सिडी देती है। सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है जिससे उन्हें नकद राहत मिलती है।
सरकार ने साफ किया है कि जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है और सुखाड़ की स्थिति बन रही है वहां किसानों को प्राथमिकता के आधार पर डीजल अनुदान दिया जाएगा। यह योजना खासतौर पर खरीफ मौसम की फसलों के लिए लागू होती है। धान, मक्का, दालें, तिलहन, मौसमी सब्जियां, औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।
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बिहार सरकार डीजल पर 75 रुपये प्रति लीटर की दर से सब्सिडी देती है। यह सहायता अधिकतम 8 एकड़ कृषि भूमि तक के लिए मिलती है। सामान्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को 750 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दी जाती है। धान के बिचड़े और जूट की फसलों के लिए अधिकतम दो सिंचाई का लाभ मिलता है जिसमें पूरे सीजन में 1500 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता दी जाती है। वहीं खड़ी फसलों जैसे धान, मक्का, दाल, तिलहन और सब्जियों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई तक अनुदान मिलता है। ऐसे मामलों में किसान को 2250 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता मिल सकती है।
डीजल अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार सरकार के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। किसान dbtagriculture.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर ‘डीजल अनुदान योजना’ विकल्प में जाकर आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और पात्रता की जानकारी देखी जा सकती है। आवेदन करते समय किसान को अपनी जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी भरनी होगी।
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