Bihar Students Innovation Scheme: बिहार के कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों के लिए इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत शानदार मौका है। छात्र अपना इनोवेशन दिखाकर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि पा सकते हैं।

बिहार के स्कूली छात्रों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। छात्र अपनी नई सोच और रचनात्मक आइडिया को सामने रखकर सरकार से आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अपने नवाचार (Innovation) प्रस्तुत करने का मौका दिया जा रहा है। इस योजना में चयनित छात्रों को अपने आइडिया का प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और समाज की समस्याओं के समाधान से जुड़े नए विचारों को आगे लाना है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना का लाभ जिले के सरकारी, निजी और अनुदानित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके लिए कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने नए और उपयोगी आइडिया प्रस्तुत कर सकते हैं। छात्रों के नवाचार ऐसे होने चाहिए जो समाज में मौजूद किसी समस्या को हल करने में मददगार साबित हो सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बेहतर और उपयोगी नवाचारों का चयन किया जाएगा।
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दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मान्यता प्राप्त सरकारी, निजी और अनुदानित विद्यालय अपने यहां से अधिकतम पांच बेहतर नवाचारों का चयन करेंगे। इसके बाद चयनित आइडिया को 15 जुलाई से 15 सितंबर के बीच ईएमआईएएस पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर नवाचारों के चयन के लिए प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए सभी स्कूलों को 30 जुलाई तक विद्यालय स्तरीय नवाचार प्रतियोगिता पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
योजना के तहत जिन छात्रों के नवाचार का चयन होगा उनके बैंक खाते में प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी। छात्र इस राशि की मदद से अपने आइडिया को मॉडल या प्रोटोटाइप के रूप में विकसित कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है बल्कि छात्रों को प्रयोग करने, नई चीजें बनाने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना भी है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक प्रशांत कुमार सीएच ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को योजना को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, जिन विद्यालयों का अभी तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है उन्हें 20 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने को कहा गया है। इसके साथ ही विद्यालय प्रधान और नोडल शिक्षक चयनित नवाचारों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
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सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को कार्यक्रम की निगरानी करने और विज्ञान शिक्षकों की मदद से छात्रों के नवाचार समय पर पोर्टल पर अपलोड कराने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान सह जिला नोडल पदाधिकारी ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद योग्य आवेदनों को राज्य स्तर के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार को भेजा जाएगा।
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